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High Court : लापता बीएचयू छात्र के मामले में लापरवाही पर कोर्ट नाराज, सरकार ने स्टेट रिपोर्ट के लिए मांगा समय
Wed, 31 Jul 2024 03:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 31 Jul 2024 03:28 PM IST
सार
याचिका के अनुसार बीएचयू छात्र शिव कुमार त्रिवेदी वाराणसी के लंका थाने से फरवरी 2020 में लापता हो गया। इसके बाद छात्र का शव एक तालाब में मिला। मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई। अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने दलील दी कि दोषी पुलिसकर्मियों को बचाया जा रहा है।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
हाईकोर्ट ने लंका थाने से बीएचयू छात्र शिव कुमार त्रिवेदी के लापता होने के मामले में विवेचना में लापरवाही पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने पूछा है कि दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों के अभियोजन की स्वीकृति देने में क्यों देर की जा रही है। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने अधिवक्ता सौरभ तिवारी की जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की।
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याचिका के अनुसार बीएचयू छात्र शिव कुमार त्रिवेदी वाराणसी के लंका थाने से फरवरी 2020 में लापता हो गया। इसके बाद छात्र का शव एक तालाब में मिला। मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई। अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने दलील दी कि दोषी पुलिसकर्मियों को बचाया जा रहा है।
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तत्कालीन थानाध्यक्ष और विवेचक कुंवर सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने घटना के छह माह बाद जांच शुरू की। जबकि छात्र के शव का पोस्टमार्टम बीएचयू में ही हुआ। इसके बाद भी पुलिस उसका पता लगाने में नाकाम रही। सरकारी वकील ने कहा कि अभियोजन स्वीकृति पर जल्द ही निर्णय हो जाएगा। राज्य सरकार की ओर से प्रगति आख्या प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा।
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