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नाराज जूनियर डॉक्टरों ने एसआरएन में की नारेबाजी
Wed, 01 Dec 2021 01:26 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 01 Dec 2021 01:26 AM IST
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नीट पीजी की काउंसिलिंग शुरु करने की मांग को लेकर एसआरएन में प्रदर्शन करते जूनियर डाक्टर। अमर उजाला।
- फोटो : Prayagraj
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मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चिकित्सालय स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के जूनियर रेजिडेंट ने मंगलवार को दूसरे दिन भी ओपीडी का बहिष्कार कर नारेबाजी की। जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान सीनियर डॉक्टरों ने मोर्चा संभाला। अस्पताल प्रशासन ने इस दौरान ओपीडी की व्यवस्था प्रभावित नहीं होने देने का दावा किया है।
अस्पतालों में मरीजों के लगातार बढ़ते दबाव और चिकित्सकों की कमी के बावजूद नई भर्तियां न होने से जूनियर रेजिडेंट नाराज हैं। नीट पीजी की परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद भी अभी तक काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू न होने से उनका गुस्सा बढ़ गया है। हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार को एसआरएन के बाहर हाथों में तख्तियों के साथ जमकर नारेबाजी की।
उनका कहना था कि नीट पीजी के नतीजे घोषित होने के बाद भी न काउंसलिंग हो रही है और ना ही चिकित्सकों की नई भर्तियां की जा रही हैं। ऐसे में अस्पतालों में मरीजों की लगातार संख्या बढ़ने से जूनियर रेजिडेंट पर काम का दबाव काफी बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों में तीन सत्रों में से दो सत्रों की जिम्मेदारी जूनियर रेजिडेंट ही संभाल रहे हैं। हड़ताल के दौरान ओपीडी समेत भर्ती वार्डों की व्यलस्ता बनाए रखने के लिए अस्पताल प्रशासन ने खूब पसीना बहाया।
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अस्पतालों में मरीजों के लगातार बढ़ते दबाव और चिकित्सकों की कमी के बावजूद नई भर्तियां न होने से जूनियर रेजिडेंट नाराज हैं। नीट पीजी की परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद भी अभी तक काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू न होने से उनका गुस्सा बढ़ गया है। हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार को एसआरएन के बाहर हाथों में तख्तियों के साथ जमकर नारेबाजी की।
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उनका कहना था कि नीट पीजी के नतीजे घोषित होने के बाद भी न काउंसलिंग हो रही है और ना ही चिकित्सकों की नई भर्तियां की जा रही हैं। ऐसे में अस्पतालों में मरीजों की लगातार संख्या बढ़ने से जूनियर रेजिडेंट पर काम का दबाव काफी बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों में तीन सत्रों में से दो सत्रों की जिम्मेदारी जूनियर रेजिडेंट ही संभाल रहे हैं। हड़ताल के दौरान ओपीडी समेत भर्ती वार्डों की व्यलस्ता बनाए रखने के लिए अस्पताल प्रशासन ने खूब पसीना बहाया।
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