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Prayagraj : एसआरएन अस्पताल परिसर में पांच दिनों तक तड़पता रहा लावारिस मरीज, छठवें दिन कॉल्विन में किया गया भर्

Sun, 08 Mar 2026 04:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 08 Mar 2026 04:18 PM IST
सार

स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय परिसर स्थित पुरानी बिल्डिंग के सामने एक लावारिस मरीज बिना उपचार पांच दिनों तक तड़पता रहा। करीब 46 वर्षीय इस मरीज को दो मार्च को नैनी के दो लोगों ने अस्पताल पहुंचाया था।

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An abandoned patient kept suffering for five days in the SRN hospital premises
स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल परिसर में लावारिस मरीज को खाना पानी देते सिद्धार्थ और आशीष। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय परिसर स्थित पुरानी बिल्डिंग के सामने एक लावारिस मरीज बिना उपचार पांच दिनों तक तड़पता रहा। करीब 46 वर्षीय इस मरीज को दो मार्च को नैनी के दो लोगों ने अस्पताल पहुंचाया था। इस दौरान जांच तो हुई लेकिन वार्ड में भर्ती करने की जगह इसे परिसर में ही छोड़ दिया गया।

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नैनी के शिव नगर निवासी आशीष शर्मा व एडीए कॉलोनी निवासी सिद्वार्थ वर्मा लाचार और लावारिस लोगों की मदद करते हैं। दो मार्च को नैनी सेंट्रल जेल के पास झाड़ियों में पड़े इस युवक को 108 नंबर एंबुलेंस से दोनों ने एसआरएन अस्पताल पहुंचाया। यहां जांच में चिकित्सकों ने पाया कि युवक मनोरोग से ग्रसित है।
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इसके बाद पांच दिनों तक लाख कोशिश करने के बाद भी मरीज को लावारिस वार्ड में भर्ती नहीं किया गया। इस दौरान वह पुरानी बिल्डिंग के सामने फुटपाथ पर पड़ा रहा। मरीज के बाएं पैर में पुरानी चोट होने से वह चल-फिर नहीं पा रहा था। छठे दिन शनिवार को इसे मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (काॅल्विन) के लावारिस वार्ड में भर्ती किया गया।
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दो लोग एक लावारिस मरीज को भर्ती कराने के लिए लेकर आए थे। मरीज के बाएं पैर के घुटने में दर्द की समस्या है। वह बहुत कमजोर भी है जिससे चल-फिर नहीं पा रहा है। मरीज को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है। - डॉ. एसके चौधरी, प्रमुख अधीक्षक, कॉल्विन हॉस्पिटल


मेरी जानकारी में यह मामला नहीं है। संज्ञान में होता तो मरीज को तुरंत भर्ती किया जाता। पता करती हूं कि मरीज को भर्ती क्यों नहीं किया गया। - डॉ. नीलम सिंह, प्रमुख अधीक्षक, एसआरएन अस्पताल

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