{"_id":"576443234f1c1b542111b6e9","slug":"amid-the-din-of-the-proposed-smart-city-councilors-rejected","type":"story","status":"publish","title_hn":"हंगामे के बीच पार्षदों ने ठुकराया स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हंगामे के बीच पार्षदों ने ठुकराया स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 18 Jun 2016 01:04 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्मार्ट सिटी को लेकर नगर निगम सदन की बैठक शुक्रवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। महापौर अभिलाषा गुप्ता की अध्यक्षता में दोपहर दो बजे शुरू हुई बैठक में पार्षदों से स्मार्ट सिटी पर सुझाव मांगा गया, लेकिन बैठक में पार्षद अड़ गए कि स्मार्ट सिटी के लिए गठित की गई कमेटी में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। इसे लेकर नगर निगम सदन में पार्षदों ने खूब शोर शराबा किया। बाद में राज्य सरकार के खिलाफ पार्षदों ने निंदा प्रस्ताव भी पारित कर दिया। इस दौरान सदन में गहमा गहमी की स्थिति रही।
इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए काफी दिनों से मंथन चल रहा है। इसे लेकर गठित कमेटी में मंडलायुक्त राजन शुक्ला इसके अध्यक्ष है एवं नगर आयुक्त कमेटी के सचिव है। कमेटी के बाकी सदस्य भी तमाम विभागों के अफसर ही हैं। इस कमेटी में एक भी जनप्रतिनिधि शामिल नहीं है। यहां तक महापौर अभिलाषा गुप्ता भी कमेटी की सदस्य नहीं हैं। इसे लेकर शुक्रवार को सदन की बैठक में पार्षदों ने खूब शोर शराबा किया। पार्षदों ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए गठित कमेटी में जनप्रतिनिधियों को क्यों नहीं शामिल किया गया है। इसके लेकर सदन में राज्य सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान बैठक में बताया गया कि रैटरों फिटिंग के तहत कटरा, हाथी पार्क चौराहे से इंडियन प्रेस चौराहा, बालसन चौराहा होते हुए यूनिवर्सिटी, कमिश्नर, लाजपत राय रोड, स्टेनली रोड, लोकसेवा आयोग होते हए वापस हाथी पार्क चौराहे के तकरीबन 1200 एकड़ क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के तहत विकसित किया जाना है।
इसके तहत प्रयाग स्टेशन, इविवि के पास ग्रीन बेल्ट, खुले नाले को कवर्ड करना, पाथ वे बनाने की योजना है। उधर पार्षदों के विरोध के चलते जब पूछा गया कि क्या इस कमेटी में कोई जनप्रतिनिधि होना चाहिए तो उसके जवाब में स्मार्ट सिटी का काम देख रहे एक्सईएन आशीष शुक्ल ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइड लाइन के तहत कमेटी में एक तिहाई जनप्रतिनिधि होने चाहिए। बैठक में मेयर ने नाले को कवर्ड करने के प्रस्ताव पर कहा कि माननीय न्यायालय की गाइडलाइन है कि नाले कवर्ड न हो। बैठक में राजीव शुक्ला, अकीलुर्रहमान, विनय मिश्र, कुसुमलता, पुष्पा कुशवाहा, राजेश कुशवाहा आदि पार्षद मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए काफी दिनों से मंथन चल रहा है। इसे लेकर गठित कमेटी में मंडलायुक्त राजन शुक्ला इसके अध्यक्ष है एवं नगर आयुक्त कमेटी के सचिव है। कमेटी के बाकी सदस्य भी तमाम विभागों के अफसर ही हैं। इस कमेटी में एक भी जनप्रतिनिधि शामिल नहीं है। यहां तक महापौर अभिलाषा गुप्ता भी कमेटी की सदस्य नहीं हैं। इसे लेकर शुक्रवार को सदन की बैठक में पार्षदों ने खूब शोर शराबा किया। पार्षदों ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए गठित कमेटी में जनप्रतिनिधियों को क्यों नहीं शामिल किया गया है। इसके लेकर सदन में राज्य सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान बैठक में बताया गया कि रैटरों फिटिंग के तहत कटरा, हाथी पार्क चौराहे से इंडियन प्रेस चौराहा, बालसन चौराहा होते हुए यूनिवर्सिटी, कमिश्नर, लाजपत राय रोड, स्टेनली रोड, लोकसेवा आयोग होते हए वापस हाथी पार्क चौराहे के तकरीबन 1200 एकड़ क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के तहत विकसित किया जाना है।
विज्ञापन
इसके तहत प्रयाग स्टेशन, इविवि के पास ग्रीन बेल्ट, खुले नाले को कवर्ड करना, पाथ वे बनाने की योजना है। उधर पार्षदों के विरोध के चलते जब पूछा गया कि क्या इस कमेटी में कोई जनप्रतिनिधि होना चाहिए तो उसके जवाब में स्मार्ट सिटी का काम देख रहे एक्सईएन आशीष शुक्ल ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइड लाइन के तहत कमेटी में एक तिहाई जनप्रतिनिधि होने चाहिए। बैठक में मेयर ने नाले को कवर्ड करने के प्रस्ताव पर कहा कि माननीय न्यायालय की गाइडलाइन है कि नाले कवर्ड न हो। बैठक में राजीव शुक्ला, अकीलुर्रहमान, विनय मिश्र, कुसुमलता, पुष्पा कुशवाहा, राजेश कुशवाहा आदि पार्षद मौजूद रहे।
विज्ञापन