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Mahakumbh : पंच अग्नि अखाड़े से संतों के छावनी प्रवेश में सनातन का अद्भुत संगम, महामंडलेश्वरों का राजसी अंदाज

Fri, 27 Dec 2024 06:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 27 Dec 2024 06:30 AM IST
सार

तपोनिष्ठ संतों की झलक पाने के लिए संगमनगरी की सड़कों पर कतारबद्ध आस्थावानों का रेला उमड़ पड़ा। पुरानेे शहर की सड़कें हों या गलियां, गेंदा-गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा फूलों की राह बन गई।

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Amazing confluence of Sanatan in the entry of the camp of Taponidhi saints of Panch Agni Akhara
यात्रा में रथ पर सवार महामंडलेश्वर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऊंट, घोड़े, रथों और सुसज्जित बग्घियों पर श्री शंभू पंच दशनाम अग्नि अखाड़े के राजसी प्रवेश में बृहस्पतिवार को सनातन की अलौकिक छटा गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर छा गई।

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तपोनिष्ठ संतों की झलक पाने के लिए संगमनगरी की सड़कों पर कतारबद्ध आस्थावानों का रेला उमड़ पड़ा। पुरानेे शहर की सड़कें हों या गलियां, गेंदा-गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा फूलों की राह बन गई। बैंडबाजे के साथ भक्ति धुनों से जहां इस अप्रतिम शोभायात्रा को संगीतमय बनाया गया, वहीं आस्थावान मुग्ध होकर झूमते, थिरकते संतों के पीछे संगम तक पहुंचे।
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अग्नि अखाड़े के छावनी प्रवेश में सनातन का अद्भुत और अलौकिक समागम देखते ही बना। दिन के 11 बजे चौफटका स्थित अनंत माधव मंदिर से अग्नि अखाड़े के तपोनिष्ठ संत, श्रीमहंत, मंडलेश्वर, महामंडलेश्वर रथारूढ़ होकर निकले।
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सबसे आगे ध्वजा-पताका चल रही थी। इसके बाद घोड़ों पर सवार संन्यासी डंका पीटते हुए निकले। अग्नि अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी रामकृष्णानंद ब्रह्मचारी सुसज्जित रथ पर सवार थे, तो तपोनिधि संत स्वामी संपूर्णानंद ब्रह्मचारी अपने शिष्यों के साथ रथारूढ़ होकर छत्र-चंवर के साथ निकले।

एक सुसज्जित रथ पर अखाड़े की ईष्ट देवी मां गायत्री के चित्र का दिव्य दर्शन कर भक्त निहाल हो रहे थे। रथों पर सजाए गए चांदी के हौदों पर आशीर्वाद मुद्रा में सवार होकर गुजरते संतों को देखने के लिए लोग टकटकी लगाए रहे।

बड़ी संख्या में नागा संन्यासी तलवार, भाला, भुजाली के साथ करतब करते चल रहे थे। पहली बार अग्नि अखाड़े का छावनी प्रवेश चौफटका से करबला, खुल्दाबाद, रोशन बाग, शाहगंज, कोतवाली के रास्ते बैरहना होते हुए परेड से महाकुंभ मेला क्षेत्र में हुआ। रास्ते भर पुष्पवर्षा होती रही।
अग्नि अखाड़े की इस शोभायात्रा का स्वागत करने के लिए रास्ते भर श्रद्धालुओं की कतारबद्ध भीड़ लोगों का ध्यान खींच रही थी। साधु-संतों को माला पहनाकर श्रद्धालु आशीष ले रहे थे।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी के अलावा आवाहन अखाड़े के सभापति श्री महंत पूनम भारती, श्री महंत सत्या गिरि के अलावा अटल अखाड़े के श्री महंत बलराम भारती समेत बड़ी संख्या में संतों ने छावनी प्रवेश में हिस्सा लिया। सचिव श्री महंत सोमेश्वरानंद ब्रह्मचारी भी पूरे लाव-लश्कर के साथ चल रहे थे।


संगम पर पूजन, मेला प्रशासन ने किया संतों का स्वागत
प्रयागराज। महाकुंभ क्षेत्र में अग्नि अखाड़े के संतों के छावनी प्रवेश पर मेला प्रशासन ने अगवानी की। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, एसएसपी सुरेश चंद्र द्विवेदी समेत कई अफसरों ने संतों का माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद संगम पर सविधि पूजा के बाद अग्नि अखाड़े के संत अखाड़ा सेक्टर में अपनी छावनी में प्रवेश कर गए। 

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