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अमर उजाला अपराजिता : थोड़ा सा प्रयत्न करें, वर्दी पहन सकती हैं बेटियां
Fri, 16 Dec 2022 11:26 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 16 Dec 2022 11:26 PM IST
सार
लक्ष्य निर्धारित कर उड़ान भरें बेटियां। निश्चित तौर पर सफलता मिलेगी। समाज के हर तबके में आज बेटियां अपना परचम लहरा रहीं हैं। सेना और अर्द्धसैनिक बलों में बेटियों के लिए तमाम अवसर हैं।
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अमर उजाला अपराजिता अभियान के तहत आर्य कन्या पीजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में बोलते अजित प्रताप।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
लक्ष्य निर्धारित कर उड़ान भरें बेटियां। निश्चित तौर पर सफलता मिलेगी। समाज के हर तबके में आज बेटियां अपना परचम लहरा रहीं हैं। सेना और अर्द्धसैनिक बलों में बेटियों के लिए तमाम अवसर हैं। महिलाओं को छूट भी मिलती है। यह बातें शुक्रवार को आर्य कन्या पीजी कॉलेज में आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट अजीत प्रताप ने कहीं। मौका था अमर उजाला की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में सशस्त्र सेनाओं में बेटियों के लिए अवसर का।
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डिप्टी कमांडेट अजीत प्रताप ने कहा कि पहले सेना और अर्द्धसैनिक बलों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व न के बराबर था। लेकि न पिछले कुछ सालों से तस्वीर बदली है। आज समाज के हर क्षेत्र में परचम लहराने के साथ इस क्षेत्र में भी बेटियां अपना जलवा बिखेर रही हैं। उन्होंने सेना और और पैरामिलट्री के विभिन्न विंग और उनके कार्य को बताया। इसके बाद हर पद की योग्यता और तैयारी के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
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साथ ही अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि आज इस नौकरी के बदौलत देश के हर राज्य में नौकरी कर चुका हूं। यह सिर्फ इसी नौकरी की बदौलत संभव है। इसके बाद महाविद्यालय की छात्राओं पायल पांडेय, निधि शर्मा, आकांक्षा पांडेय आदि ने योग्यता, तैयारी कैसे करें आदि से जुड़े सवाल भी पूछे। डिप्टी कमांडेंट छात्राओं के सवाल का उत्तर देकर उन्हें प्रोत्साहित किया। बताया कि कोई भी पद छोटा या बड़ा नहीं होता है।
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हर पद पर रहकर अपने काम से गौरव हासिल किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हम आवेदन से पहले कितने पद हैं, इस पर ध्यान न दें। आप यह सोचे कि हमें एक ही पद चाहिए। बस लगन से मेहनत करें सफलता जरूर मिलेगी। शासी निकाय के अध्यक्ष पंकज जासवाल ने कहा कि महिलाओं के शिक्षित हुए बिना कोई देश और समाज विकास नहीं कर सकता है।
निदेशक डॉ. रमा सिंह ने छात्राएं इस क्षेत्र में जाकर अपना और महाविद्यालय का नाम रोशन करें। बेटियां किसी से कम नहीं हैं। यह साबित करके दिखाएं। प्राचार्य प्रो. अर्चना पाठक ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ. रंजना त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर समासेवी भुवनेश कुमार, इविवि छात्रसंघ के पूर्व उपाध्याक्ष निर्भय सिंह पटेल, उप प्राचार्य डॉ. ममता गुप्ता और महाविद्यालय की शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।