{"_id":"6244a4e32ebf3533372d55fa","slug":"amar-ujala-abhiyan-vaccination-increases-immunity","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला अभियान : टीकाकरण बढ़ाता है रोग प्रतिरोधक क्षमता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला अभियान : टीकाकरण बढ़ाता है रोग प्रतिरोधक क्षमता
Thu, 31 Mar 2022 12:13 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 31 Mar 2022 12:13 AM IST
सार
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 4 अप्रैल से शुरू हो रहे नियमित टीकाकरण अभियान को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि पहले साल में बच्चों को लगने वाले टीके समय से लगना बेहद जरूरी है। इसमें एक -दो हफ्ते की देरी चल सकती है।
विज्ञापन
अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना महामारी के बावजूद बच्चों का सामान्य टीकाकरण स्वास्थ्य विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन बड़ी संख्या में बच्चें नियमित टीकाकरण अभियान से वंचित रह गए है। विशेषज्ञ कहते है कि बच्चों के लिए निर्धारित टीकाकरण से न सिर्फ संबधित बीमारी से बचाव होता है, बल्कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
विज्ञापन
इसकी वजह से बच्चों में क्रॉस इम्युनिटी विकसित होती है और कोरोना जैसे संक्रमण से भी बचाव होता है। विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल 12 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों के लिए कोविड से बचाव का टीका नहीं आया है। ऐसे में 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए रेगुलर टीकाकरण बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 4 अप्रैल से शुरू हो रहे नियमित टीकाकरण अभियान को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि पहले साल में बच्चों को लगने वाले टीके समय से लगना बेहद जरूरी है। इसमें एक -दो हफ्ते की देरी चल सकती है। लेकिन इससे ज्यादा देरी बच्चों के लिए सही नहीं है। नियमित टीकाकरण न होने से बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसमें नई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बन सकती है। इसके लिए बेहद जरूरी है कि बच्चों का नियमित टीकाकरण कराया जाए।
विज्ञापन
दूसरी तरफ सामान्य टीकाकरण से बढ़ी हुई इम्युनिटी बच्चों को कोरोना के खिलाफ जंग में और अधिक मजबूती प्रदान करती है। 15 महीने के बाद ज्यादातर टीके बूस्टर होते है। इनके लगने से बच्चों में लगातार रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। इन टीकों के लगने में अगर कुछ देरी भी हो तो उसका कोई विशेष असर नहीं पड़ेगा।
क्या कहते है विशेषज्ञ
कोरोना की तीन लहर में बच्चों के नियमित टीकाकरण में कमी आयी थी। इन टीकों से बच्चों के अंदर रोगों और बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। ऐसे में एक सप्ताह का विशेष अभियान 4 अप्रैल से चलाया जा रहा है। जिससे नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों का टीकाकरण किया जा सके। - डॉ. तीरथ लाल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
बच्चों का सामान्य रूप से होने वाला टीकाकरण उनको कुछ विशेष बीमारियों से बचाता है। लेकिन इससे बच्चों में क्रॉस इम्युनिटी भी विकसित होती है। जो अन्य बैक्टीरिया जनित रोगों से लड़ने कारगर साबित होती है। -डॉ. संजय त्रिपाठी, बाल रोग विशेषज्ञ