{"_id":"69ba3d019614f8631d04f953","slug":"allegations-of-irregularities-worth-rs-8-lakh-during-the-suspension-period-investigation-begins-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj : निलंबन अवधि में आठ लाख की अनियमितता का आरोप, शुरू हुई जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj : निलंबन अवधि में आठ लाख की अनियमितता का आरोप, शुरू हुई जांच
Wed, 18 Mar 2026 11:19 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:19 AM IST
सार
चाका ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) सुगंधा शुक्ला पर निलंबन अवधि में आठ लाख रुपये की अनियमितता का आरोप लगा है। मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी ने जांच शुरू करा दी है।
विज्ञापन
पैसा।
- फोटो : Istock
विस्तार
चाका ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) सुगंधा शुक्ला पर निलंबन अवधि में आठ लाख रुपये की अनियमितता का आरोप लगा है। मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी ने जांच शुरू करा दी है। चाका से पहले सैदाबाद ब्लॉक में भी तैनाती के दौरान वीडीओ सुगंधा शुक्ला पर अनियमितता का आरोप लगा था। प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था और तैनाती चाका ब्लॉक में कर दी गई थी।
विज्ञापन
बाद में विभागीय जांच हुई और उसमें भी वीडीओ को दोषी पाया गया, लेकिन तीन माह की अवधि बीत जाने के कारण वीडीओ की बहाली हो चुकी थी। इस पर जिला विकास अधिकारी जीपी कुशवाहा ने वीडीओ को प्रतिकूल प्रविष्ट जारी करने के साथ वेतन वृद्धि रोकते हुए कार्रवाई समाप्त कर दी। इस बीच जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के समक्ष शिकायत आई कि वीडीओ ने निलंबन अवधि के दौरान चाका ब्लॉक में आठ लाख रुपये की अनियमितता की है। इस पर डीपीआरओ रवि शंकर द्विवेदी ने वीडीओ के खिलाफ जांच शुरू करा दी है। डीपीआरओ ने जांच की जिम्मेदारी एडीओ पंचायत आदित्य पोड़वाल को सौंपी है।
विज्ञापन