{"_id":"5f7849808ebc3e9bfc4f6a0f","slug":"allahabad1601718656","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिर्फ तीन जोन में होगी तब्लीगी जमात के मुकदमों की सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिर्फ तीन जोन में होगी तब्लीगी जमात के मुकदमों की सुनवाई
Sat, 03 Oct 2020 08:29 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2020 08:29 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तबलीगी जमात के लोगो को बडी राहत देते हुए उन पर दर्ज मुकदमो की सुनवाई तीन जोन में ही करने का आदेश दिया है।प्रदेश के विभिन्न जिलों में तबलीगी जमात के लोगो के खिलाफ दर्ज मुकदमो की सुनवाई तीन जोन लखनऊ, मेरठ व बरेली जोन में ही की जाएगी।
कोर्ट ने मुख्य सचिव को विभिन्न जिलों में तबलीगी जमात के लोगो के आपराधिक मुकदमे तीन जोन के जिले के सी जे की की अदालत में दो सप्ताह में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने लखनऊ मेरठ व बरेली के सी जे एम को तबलीगी जमात के लोगो के खिलाफ दर्ज मुकदमो को आठ सप्ताह में तय करने का निर्देश दिया है।
और कहा कि संभव हो तो वीडियो कान्फ्रेन्सिंग से परीक्षण की व्यवस्था की जाएगी। कोर्ट ने महानगरक को इसकी मनिटरिंग करने और तीन महीने में प्रत्येक रिपोर्ट मुख्य न्यायाधीश को पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने आदेश का अनुपालन करने के लिए आदेश के प्रति मुख्य सचिव, संबंधित जिला न्यायाधीश व जिलाधिकारी को प्रेषित करने का आदेश दिया गया है।
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति शमीम अहमद की खंडपीठ ने मौलाना आला हदरमी व अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। /च्ची ने सभी मुकदमो की सुनवाई मे आ रही दिक्कतों और जमानत आदेशों पर अलग अलग शर्तो के कारण एक जिले में सुनवाई की माग मे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट में यह याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने एक जिले के बजाय तीन जिलों को जोन के रूप में चिन्हित कर मुकदमो की सुनवाई का आदेश दिया है।
इससे पहले राज्य सरकार ने आठजन बनाए थे।जिसमे से कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, व लखनऊ जोन के मुकदमे लखनऊ सी। जे। की अदालत में सुने जायेंगे। इसी तरह आगरा व मेरठ जोन के मुकदमे मेरठ सीजेएम की अदालत व बरेली जोन के बरेली सी जे एम की अदालत में सुने जाएंगे। नई दिल्ली में तबलीगी जमात की बैठक के बाद कोरोना संक्रमण फ़ालाने के आरोप में जमातियों पर प्रदेश के तमाम ज़िलों में मुक़दमे दर्ज किए गए।तमाम तबलीगी जमात के विदेशी नागरिक प्रदेश के विभिन्न जिलों में खींचे गए।
उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया ।प्रदेश में जमाकर्ताओं पर कुल 188 मुकदमे दर्ज किए गए। जिसमें से सुल्तानपुर, जौनपुर व मेरठ मे 15 केस निस्तारित कर दिया गया है। शेष 175 मुकदमों का विचारण तीन जोन के सी जे की की अदालत में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है। जौनपुर व मेरठ मे 15 केस निस्तारित कर दिया गया है।
शेष 175 मुकदमों का विचारण तीन जोन के सी जे की की अदालत में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है। जौनपुर व मेरठ मे 15 केस निस्तारित कर दिया गया है। शेष 175 मुकदमों का विचारण तीन जोन के सी जे की की अदालत में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
कोर्ट ने मुख्य सचिव को विभिन्न जिलों में तबलीगी जमात के लोगो के आपराधिक मुकदमे तीन जोन के जिले के सी जे की की अदालत में दो सप्ताह में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने लखनऊ मेरठ व बरेली के सी जे एम को तबलीगी जमात के लोगो के खिलाफ दर्ज मुकदमो को आठ सप्ताह में तय करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
और कहा कि संभव हो तो वीडियो कान्फ्रेन्सिंग से परीक्षण की व्यवस्था की जाएगी। कोर्ट ने महानगरक को इसकी मनिटरिंग करने और तीन महीने में प्रत्येक रिपोर्ट मुख्य न्यायाधीश को पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने आदेश का अनुपालन करने के लिए आदेश के प्रति मुख्य सचिव, संबंधित जिला न्यायाधीश व जिलाधिकारी को प्रेषित करने का आदेश दिया गया है।
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति शमीम अहमद की खंडपीठ ने मौलाना आला हदरमी व अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। /च्ची ने सभी मुकदमो की सुनवाई मे आ रही दिक्कतों और जमानत आदेशों पर अलग अलग शर्तो के कारण एक जिले में सुनवाई की माग मे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट में यह याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने एक जिले के बजाय तीन जिलों को जोन के रूप में चिन्हित कर मुकदमो की सुनवाई का आदेश दिया है।
इससे पहले राज्य सरकार ने आठजन बनाए थे।जिसमे से कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, व लखनऊ जोन के मुकदमे लखनऊ सी। जे। की अदालत में सुने जायेंगे। इसी तरह आगरा व मेरठ जोन के मुकदमे मेरठ सीजेएम की अदालत व बरेली जोन के बरेली सी जे एम की अदालत में सुने जाएंगे। नई दिल्ली में तबलीगी जमात की बैठक के बाद कोरोना संक्रमण फ़ालाने के आरोप में जमातियों पर प्रदेश के तमाम ज़िलों में मुक़दमे दर्ज किए गए।तमाम तबलीगी जमात के विदेशी नागरिक प्रदेश के विभिन्न जिलों में खींचे गए।
उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया ।प्रदेश में जमाकर्ताओं पर कुल 188 मुकदमे दर्ज किए गए। जिसमें से सुल्तानपुर, जौनपुर व मेरठ मे 15 केस निस्तारित कर दिया गया है। शेष 175 मुकदमों का विचारण तीन जोन के सी जे की की अदालत में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है। जौनपुर व मेरठ मे 15 केस निस्तारित कर दिया गया है।
शेष 175 मुकदमों का विचारण तीन जोन के सी जे की की अदालत में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है। जौनपुर व मेरठ मे 15 केस निस्तारित कर दिया गया है। शेष 175 मुकदमों का विचारण तीन जोन के सी जे की की अदालत में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है।