फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad Unviersity Convocation

दीक्षांत समारोह के लिए आया राष्ट्रपति का बधाई संदेश

Wed, 28 Aug 2019 12:48 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2019 12:48 AM IST
विज्ञापन
Allahabad Unviersity Convocation
इविवि प्रशासन का दावा, विजिटर को भेजी गई मानद उपाधि की सूचना
विज्ञापन

इविवि शिक्षक संघ ने की पूर्व अध्यक्ष प्रो. राम किशोर के बयान की निंदा
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में पांच सितंबर को आयोजित होने जा रहे दीक्षांत समारोह के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को विजिटर यानी राष्ट्रपति का बधाई संदेश मिला है। मंगलवार को इविवि के गेस्ट हाउस में हुई प्रेसवार्ता के दौरान इविवि प्रशासन ने इस पत्र का हवाला देते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) के पूर्व अध्यक्ष प्रो. किशोर शास्त्री के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने डीजीपी ओपी सिंह को डीलिट की मानद उपाधि दिए जाने पर आपत्ति की थी और इसके पीछे कुलपति के व्यक्तिगत हितों को जिम्मेदार ठहराया था।
ऑटा अध्यक्ष प्रो. रामसेवक दुबे और महामंत्री प्रो. शिवमोहन प्रसाद ने कहा कि जिनका अब विश्वविद्यालय से कोई नाता नहीं रह गया है, उन्हें इस तरह के बयान देने का भी कोई अधिकार नहीं। अतिथि किसे बनाया जाए और किसे मानद उपाधि दी जाए, यह इविवि प्रशासन तय करेगा। जो लोग राजनीति के लिए इविवि का इस्तेमाल कर रहे हैं, ऑटा उनकी निंदा करता है। दीक्षांत समारोह के आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रो. रामेंद्र सिंह ने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही मानद उपाधि के लिए पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी और डीजीपी ओपी सिंह के नाम का चयन किया गया है।
विज्ञापन

उन्होंने राष्ट्रपति की ओर से भेजे गए बधाई संदेश का हवाला देते हुए कहा कि विजिटर को पूरी जानकारी भेजी जा चुकी है। एकेडमिक कौंसिल में मानद उपाधि के लिए चयनित नामों पर सहमति बन चुकी है और 28 अगस्त को होने वाली कार्य परिषद की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगेगी। ओपी सिंह के पास एमए, एमएफिल और डिजास्टर मैनेजमेंट में पीएचडी की डिग्री है। वह इविवि के छात्र रहे हैं। उन्हें अनेक पुरस्कार मिल चुके हैं। वह किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उन्हें इसलिए बुलाया जा रहा है, ताकि दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले छात्र-छात्राएं उनसे प्रेरणा लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीआरओ के बयान पर भड़के छात्र
पूर्व पदाधिकारियों, अधिवक्ता संघ ने भी की निंदा
कहा, पीआरओ ने किया अभद्र भाषा का इस्तेमाल
प्रयागराज। इविवि प्रशासन की ओर से डीजीपी ओपी सिंह को मानद उपाधि दिए जाने पर आपत्ति करने वाले ऑटा एवं संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राम किशोर शास्त्री पर इविवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह की ओर से दिए गए बयान की चौतरफा निंदा हो रही है। पीआरओ ने प्रो. शास्त्री की ओर से की गई आपत्ति पर कहा था कि हम हर सड़क छाप को जवाब नहीं दे सकते।
जिला बार एसोसिएशन के सचिव राकेश कुमार दुबे ने कहा कि पीआरओ ने प्रो. शास्त्री के लिए सड़कछाप जैसे शब्द का इस्तेमाल करके अनैतिक, निंदनीय एवं घृणित कार्य किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय विद्या का मंदिर रहा है, जिसकी पवित्रता एवं अध्यापकों का सम्मान हमारे लिए सर्वोपरि है। उन्होंने मांग की है कि पीआरओ अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
वहीं, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद चंद्र दुबे ने भी पीआरओ के बयान की निंदा की है और मांग की है कि इविवि की कार्य परिषद की बैठक में पीआरओ डॉ. चित्तरंजन सिंह के इस आचरण पर विचार करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो सके। उन्होंने प्रो. राम किशोर शास्त्री के वक्तव्य का समर्थन किया है। वहीं, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित कुमार मिश्र ने कहा है कि प्रो. शास्त्री के लिए पीआरओ ने जिस अमर्यादित एवं आशिष्ट भाषा का प्रयोग किया है, वह यह बताने के लिए पर्याप्त है कि विश्वविद्यालय प्रशासन में बैठे लोगों का स्तर क्या है और वे किस तरह लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने भी पीआरओ के बयान के साथ शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे की भी निंदा की है। ऋचा का कहना है कि ऑटा के पूर्व अध्यक्ष के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रयोग की गई अभद्र भाषा के बावजूद प्रो. दुबे पद पर बने रहे रहकर गरिमा को धूमिल करने का कार्य कर रहे हैं, जो बेहद निंदनीय है।
इविवि में धरना, प्रदर्शन पर प्रतिबंध
दीक्षांत समारोह में बवाल की आशंका, डीएम-एसएसपी को लिखा गया पत्र
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना, प्रदर्शन, आंदोलन आदि पर भी तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन को आशंका है कि विश्वविद्यालय में 15 वर्षों बाद आयोजित होने जा रहे दीक्षांत समारोह में बवाल हो सकता है।
इसी के मद्देनजर चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर इविवि परिसर में पांच सितंबर तक व्यापक पैमाने पर फोर्स तैनात करने की मांग की है। पत्र में चीफ प्रॉक्टर ने आशंका जताई है कि कुछ सेवानिवृत्त शिक्षक विश्वविद्यालय में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। दीक्षांत समारोह में यह बाधा डाल सकते हैं। चीफ प्रॉक्टर ने 1996 के दीक्षांत समारोह का हवाला देते हुए कहा है कि उस वक्त भी कुछ लोग उपद्रव करवाने में लगे थे और तत्कालीन राज्यपाल को कार्यक्रम में भाग नहीं लेने दिया गया था। डीएम-एसएसी से मांग की गई है कि अराजकता फैलाने की कोशिश करने वालों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगवाए जाएं और उनकी नियमित निगरानी की जाए।

पीआरओ के नाम से पूर्व राज्यपाल को भेजी फर्जी चिट्ठी
प्रयागराज। किसी ने इविवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन सिंह के नाम से पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को फर्जी चिट्ठी लिख दी। इसमें कुलपति एवं पूर्व राज्यपाल को लेकर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। पीआरआरे डॉ. चित्तरंजन सिंह का कहना है कि इस पत्र की पुलिस एवं फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। साथ ही पोस्ट ऑफिस के सीसीटीवी फुटेज भी जल्द मंगवाई जाएगी।

Allahabad Unviersity Convocation

Allahabad Unviersity Convocation- फोटो : CITY DESK

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed