इलाहाबाद विवि : फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रों का आंदोलन हुआ और तेज, आप विधायक ने किया समर्थन
छात्रों ने परिसर में घूमकर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए भिक्षा भी मांगी। दूसरी ओर, फीस वृद्धि के मुद्दे पर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने बैठक कर आगे के आंदोलन की रणनीति तैयार की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फीस वृद्धि के विरोध में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जारी आमरण अनशन को दिल्ली के आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सुरेंद्र चौधरी ने समर्थन दिया है। वह बुधवार को अनशन स्थल पर पहुंचे और छात्रों के आंदोलन का वाजिब ठहराया।
उन्होंने संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में चल रहे आमरण अनशन में शामिल छात्रों का हौसला बढ़ाया और विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर फीस वृद्धि जल्द वापस नहीं हुई तो जन आंदोलन होगा। वहीं, अनशन कर रहे छात्र अमित पांडेय, अनुराग यादव एवं सुधीर की तबीयत बिगड़ने लगी है। अनशन स्थ पर नेता अजय यादव सम्राट, नवनीत यादव, मनजीट पटेल, अभिषेक, अमित द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
छात्रों ने परिसर में घूमकर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए भिक्षा भी मांगी। दूसरी ओर, फीस वृद्धि के मुद्दे पर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने बैठक कर आगे के आंदोलन की रणनीति तैयार की। छात्र नेता अतेंद्र सिंह, शिवम सिंह, आलोक त्रिपाठी, अभिनव मिश्रा, सुधांशु राय, राज चौधरी ने फीस वृद्धि को अनौतिक करार देते हुए कहा कि इविवि में जूनियर-सीनियर की परंपरा रही है। इसी वजह से सीनियन छात्र की ओर से जूनियर छात्रों की बढ़ाई गई फीस का विरोध हो रहा है।
संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले फीस वृद्धि के विरोध में जारी आंदोलन के दौरान छात्र परिसर में एक गधा लेकर पहुंच गए। छात्रों ने कहा कि इसकी तरह इविवि प्रशासन को भी कुछ समझ में नहीं आता। इस दौरान वहां पुलिस पहुंच गई। गधे के गले में बंधी रस्सी को एक तरफ से छात्रों और दूसरी तरफ से पुलिस वालों ने उसे खींचना शुरू कर दिया। दोनों के बीच फंसा बेजुबान अपनी जान बचाने के लिए दर्द से चीखता रहा।
इविवि का दावा, कई विश्वविद्यालयों से कम है फीस
इविवि प्रशासन की ओर से दावा गया गया है कि विश्वविद्यालय की बढ़ी हुई फीस अब भी अन्य कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों से कम है। इसके लिए विवि प्रशासन ने एक चार्ट भी जारी किया है, जिसके अनुसार बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी, एमकॉम, एलएलबी, एलएलएम, पीएचडी की बढ़ी हुई फीस बीएचयू, हैदराबाद यूनिवर्सिटी, राजस्थान यूनिवर्सिटी, कश्मीर यूनिवर्सिटी, तमिलनाडु यूनिवर्सिटी, केरला यूनिवर्सिटी, बिहार यूनिवर्सिटी से कम है।