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इविविः छात्रों को मनाने पहुंची कुलपति की कमेटी, विफल
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Allahabad University student union protest
- फोटो : CITY DESK
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आमरण अनशन में शामिल एक अन्य छात्र की तबीयत भी बिगड़ी, भर्ती
अनशन में शामिल हुए पांच नए छात्र, इविवि परिसर में तनाव की माहौल
प्रयागराज। इविवि में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे छात्रों को मनाने के लिए शनिवार को कुलपति की कमेटी के सदस्य वार्ता के लिए पहुंचे। छात्रों का सीधा सवाल था कि छात्रसंघ बहाल होगा या नहीं। कमेटी के सदस्यों के पास इसका कोई जवाब नहीं था, सो वार्ता विफल हो गई। वहीं, अनशन में शामिल एक अन्य छात्रनेता की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अनशन में पांच नए छात्र भी शामिल हो गए हैं। छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। इससे इविवि परिसर में तनाव का माहौल है।
छात्रों से वार्ता के लिए कुलपति की ओर से बनाई गई कमेटी में डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार समेत प्रो. आरके सिंह, प्रो. सुनीत द्विवेदी, प्रो. अजय जेटली, प्रो. एचएस उपाध्याय, प्रो. धनंजय यादव, प्रो. नीलम यादव, प्रो. ज्योति मिश्रा एवं प्रो. आरके चौबे को शामिल किया गया है। शनिवार दोपहर रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला के साथ कमेटी के सदस्य छात्रसंघ भवन पहुंचे और छात्रों से अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने छात्रों का आश्वस्त किया कि जो अधिकार छात्रसंघ पदाधिकारियों के पास होते हैं, वही अधिकार छात्र परिषद के पदाधिकारियों के पास भी होंगे। हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि उन्हें छात्रसंघ से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। छात्रों ने आरोप लगाया कि कमेटी के सदस्य यहां सिर्फ खानापूरी करने आए हैं, ताकि जिला प्रशासन को दिखाया जा सके कि उन्होंने अनशन समाप्त कराने का प्रयास किया।
वहीं, आमरण अनशन में शामिल छात्रनेता दुर्गेश प्रताप सिंह की तबीयत भी बिगड़ गई। पुलिस बल की मौजूदगी में चिकित्सकों की टीम छात्रनेता को बेली अस्पताल ले गई है। छात्रनेता को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। चार छात्रों के अस्पताल जाने के बाद अनशन में अब छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव, छात्र नेता अजय सम्राट और अविनाश विद्यार्थी बचे हैं। आंदोलन को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए शनिवार से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष भूपेंद्र यादव, पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा, छात्र नेता सुशील कुशवाहा, आशीष प्रताप और जितेंद्र धनराज भी अनशन में शामिल हो गए हैं। अनशन के दौरान किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक विनय शंकर राय मुन्ना एवं यूपी कॉलेज के पूर्व महामंत्री प्रदीप सिंह ने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
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अध्यक्ष ने कुलपति को खून से लिखा पत्र
अनशन में शामिल छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने शनिवार को अपने खून से कुलपति को पत्र लिखा। अध्यक्ष ने लिखा है कि इविवि प्रशासन से मेरे पास दो पत्र आ चुके हैं, जिसमें मेरे स्वास्थ्य की चिंता की गई है। अगर यह चिंता दिल से है तो इसका एक ही रास्ता है कि छात्रसंघ की बहाली हो। अगर आप ऐसा नहीं कर सकते हैं तो आप सिर्फ दिखावा कर रहे हैं। छात्रसंघ बहाली के सिवाय कुछ भी मंजूर नहीं है।
कुलपति ने कहा, मैं छात्र राजनीति का विरोधी नहीं
कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे या नहीं, यह अभी तय नहीं हो सका है, लेकिन उन्होंने छात्रों से अनशन समाप्त करने की अपील की है। पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह की ओर से जारी कुलपति के बयान में कहा गया है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव विगम कई वर्षों से तय समय पर हो रहे हैं। मैं छात्र राजनीति का विरोधी नहीं हूं। विगत कुछ महीनों में विश्वविद्यालय परिसर, कॉलेज और छात्रावासों में आपराधिक गतिविधियों से वातावरण दूषित हुआ है। अनशनरत छात्रों से अपील है कि अनशन खत्म करके छात्र परिषद चुनाव के क्रियान्वयन में सहयोग करें। हम सुप्रीम कोर्ट के द्वारा स्वीकृत लिंगदोह समिति की सिफारिशों को नजरअंदाज नहीं नहीं कर सकते।
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अनशन में शामिल हुए पांच नए छात्र, इविवि परिसर में तनाव की माहौल
प्रयागराज। इविवि में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे छात्रों को मनाने के लिए शनिवार को कुलपति की कमेटी के सदस्य वार्ता के लिए पहुंचे। छात्रों का सीधा सवाल था कि छात्रसंघ बहाल होगा या नहीं। कमेटी के सदस्यों के पास इसका कोई जवाब नहीं था, सो वार्ता विफल हो गई। वहीं, अनशन में शामिल एक अन्य छात्रनेता की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अनशन में पांच नए छात्र भी शामिल हो गए हैं। छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। इससे इविवि परिसर में तनाव का माहौल है।
छात्रों से वार्ता के लिए कुलपति की ओर से बनाई गई कमेटी में डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार समेत प्रो. आरके सिंह, प्रो. सुनीत द्विवेदी, प्रो. अजय जेटली, प्रो. एचएस उपाध्याय, प्रो. धनंजय यादव, प्रो. नीलम यादव, प्रो. ज्योति मिश्रा एवं प्रो. आरके चौबे को शामिल किया गया है। शनिवार दोपहर रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला के साथ कमेटी के सदस्य छात्रसंघ भवन पहुंचे और छात्रों से अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने छात्रों का आश्वस्त किया कि जो अधिकार छात्रसंघ पदाधिकारियों के पास होते हैं, वही अधिकार छात्र परिषद के पदाधिकारियों के पास भी होंगे। हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि उन्हें छात्रसंघ से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। छात्रों ने आरोप लगाया कि कमेटी के सदस्य यहां सिर्फ खानापूरी करने आए हैं, ताकि जिला प्रशासन को दिखाया जा सके कि उन्होंने अनशन समाप्त कराने का प्रयास किया।
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वहीं, आमरण अनशन में शामिल छात्रनेता दुर्गेश प्रताप सिंह की तबीयत भी बिगड़ गई। पुलिस बल की मौजूदगी में चिकित्सकों की टीम छात्रनेता को बेली अस्पताल ले गई है। छात्रनेता को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। चार छात्रों के अस्पताल जाने के बाद अनशन में अब छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव, छात्र नेता अजय सम्राट और अविनाश विद्यार्थी बचे हैं। आंदोलन को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए शनिवार से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष भूपेंद्र यादव, पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा, छात्र नेता सुशील कुशवाहा, आशीष प्रताप और जितेंद्र धनराज भी अनशन में शामिल हो गए हैं। अनशन के दौरान किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक विनय शंकर राय मुन्ना एवं यूपी कॉलेज के पूर्व महामंत्री प्रदीप सिंह ने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
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अध्यक्ष ने कुलपति को खून से लिखा पत्र
अनशन में शामिल छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने शनिवार को अपने खून से कुलपति को पत्र लिखा। अध्यक्ष ने लिखा है कि इविवि प्रशासन से मेरे पास दो पत्र आ चुके हैं, जिसमें मेरे स्वास्थ्य की चिंता की गई है। अगर यह चिंता दिल से है तो इसका एक ही रास्ता है कि छात्रसंघ की बहाली हो। अगर आप ऐसा नहीं कर सकते हैं तो आप सिर्फ दिखावा कर रहे हैं। छात्रसंघ बहाली के सिवाय कुछ भी मंजूर नहीं है।
कुलपति ने कहा, मैं छात्र राजनीति का विरोधी नहीं
कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे या नहीं, यह अभी तय नहीं हो सका है, लेकिन उन्होंने छात्रों से अनशन समाप्त करने की अपील की है। पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह की ओर से जारी कुलपति के बयान में कहा गया है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव विगम कई वर्षों से तय समय पर हो रहे हैं। मैं छात्र राजनीति का विरोधी नहीं हूं। विगत कुछ महीनों में विश्वविद्यालय परिसर, कॉलेज और छात्रावासों में आपराधिक गतिविधियों से वातावरण दूषित हुआ है। अनशनरत छात्रों से अपील है कि अनशन खत्म करके छात्र परिषद चुनाव के क्रियान्वयन में सहयोग करें। हम सुप्रीम कोर्ट के द्वारा स्वीकृत लिंगदोह समिति की सिफारिशों को नजरअंदाज नहीं नहीं कर सकते।