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छात्रसंघ बहाली के लिए फिर निशंक से मिले छात्र
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Allahabad University Student Union
- फोटो : CITY DESK
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इविवि में छात्रों के निलंबन, निष्कासन का मुद्दा भी उठा
मंत्री ने जल्द ही उचित कार्रवाई का दिया आश्वासन
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ जाकर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि जल्द ही मामले में उचित कार्रवाई होगी। इस दौरान इविवि में छात्रों के निष्कासन और निलंबन का मुद्दा भी उठा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को बताया कि विश्वविद्यालय में आए दिन कुलपति द्वारा बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए छात्रों का निलंबन और निष्कासन किया जा रहा है। शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज को दबाने के लिए मनमाने तरीके से कार्रवाई की जा रही है। प्रांत कार्यकारिणी सदस्य सनत कुमार मिश्र ने मंत्री से कहा कि कुलपति छात्रों से वार्ता तक नहीं करते।
वहीं, काशी प्रांत सहमंत्री अश्वनी कुमार मौर्य ने कहा कि जब विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के लिए कर्मचारी संघ, शिक्षकों के लिए शिक्षक संघ है तो छात्रों के लिए छात्रसंघ को क्यों बंद किया जा रहा है। विश्वविद्यालय राजनीति की पहली पाठशाला है और इसने देश को कई प्रधानमंत्री दिए हैं। प्रतिनिधिमंडल में छात्र नेता अतेंद्र सिंह, शिवम सिंह एवं महीप मानव भी शामिल रहे। मंत्री के समक्ष इविवि में वित्तीय अनियमिता का मुद्दा भी उठाया गया। छात्र नेताओं का कहना है कि मंत्री ने जल्द ही उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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छात्रों ने बनाई डेलीगेसी कंट्रोल कमेटी
प्रयागराज। छात्रसंघ बहाली के लिए संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले छात्रों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। इस दौरान निर्णय लिया गया कि हॉलैंड हॉल हॉस्टल में बिजली के मुद्दे पर कानूनी सलाह ली जाएगी और छात्र अब कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल फीस में बिजली का शुल्क भी शामिल है। ऐसे में उन्हें बिजली मिलनी ही चाहिए।
इसके अलावा डेलीगेसी में रहने वाले छात्रों के शोषण के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। छात्रों से मनमाने किराये की वसूली, उनसे बदसलूकी जैसे कई मसलों पर चर्चा के बाद संयुक्त संघर्ष समिति ने डेलीगेसी कंट्रोल कमेटी का गठन किया। इस मसले पर छात्र एसएसपी अनिरुद्ध सत्यार्थ से मिले और उन्हें ज्ञापन दिया। एसएसपी ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान जरूर होगा। संयुक्त संघर्ष समिति ने हॉस्टलों में खाने की खराब गुणवत्ता का मुद्दा भी उठाया। इसके लिए भी छात्रों ने एक कमेटी बनाने का निर्णय लिया जो हॉस्टलों में जाकर भोजन, साफ-सफाई आदि का आकलन करेगी और इसी आधार पर संयुक्त संघर्ष समिति अग्रिम कार्रवाई करेगी। धरने में छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, महामंत्री शिवम सिंह, उपमंत्री सत्यम सिंह सनी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव, छात्र नेता संदीप वर्मा प्रॉक्टर, अखिलेश गुप्ता गुड्डू, अविनाश विद्यार्थी आदि मौजूद रहे।
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मंत्री ने जल्द ही उचित कार्रवाई का दिया आश्वासन
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ जाकर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि जल्द ही मामले में उचित कार्रवाई होगी। इस दौरान इविवि में छात्रों के निष्कासन और निलंबन का मुद्दा भी उठा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को बताया कि विश्वविद्यालय में आए दिन कुलपति द्वारा बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए छात्रों का निलंबन और निष्कासन किया जा रहा है। शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज को दबाने के लिए मनमाने तरीके से कार्रवाई की जा रही है। प्रांत कार्यकारिणी सदस्य सनत कुमार मिश्र ने मंत्री से कहा कि कुलपति छात्रों से वार्ता तक नहीं करते।
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वहीं, काशी प्रांत सहमंत्री अश्वनी कुमार मौर्य ने कहा कि जब विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के लिए कर्मचारी संघ, शिक्षकों के लिए शिक्षक संघ है तो छात्रों के लिए छात्रसंघ को क्यों बंद किया जा रहा है। विश्वविद्यालय राजनीति की पहली पाठशाला है और इसने देश को कई प्रधानमंत्री दिए हैं। प्रतिनिधिमंडल में छात्र नेता अतेंद्र सिंह, शिवम सिंह एवं महीप मानव भी शामिल रहे। मंत्री के समक्ष इविवि में वित्तीय अनियमिता का मुद्दा भी उठाया गया। छात्र नेताओं का कहना है कि मंत्री ने जल्द ही उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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छात्रों ने बनाई डेलीगेसी कंट्रोल कमेटी
प्रयागराज। छात्रसंघ बहाली के लिए संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले छात्रों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। इस दौरान निर्णय लिया गया कि हॉलैंड हॉल हॉस्टल में बिजली के मुद्दे पर कानूनी सलाह ली जाएगी और छात्र अब कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल फीस में बिजली का शुल्क भी शामिल है। ऐसे में उन्हें बिजली मिलनी ही चाहिए।
इसके अलावा डेलीगेसी में रहने वाले छात्रों के शोषण के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। छात्रों से मनमाने किराये की वसूली, उनसे बदसलूकी जैसे कई मसलों पर चर्चा के बाद संयुक्त संघर्ष समिति ने डेलीगेसी कंट्रोल कमेटी का गठन किया। इस मसले पर छात्र एसएसपी अनिरुद्ध सत्यार्थ से मिले और उन्हें ज्ञापन दिया। एसएसपी ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान जरूर होगा। संयुक्त संघर्ष समिति ने हॉस्टलों में खाने की खराब गुणवत्ता का मुद्दा भी उठाया। इसके लिए भी छात्रों ने एक कमेटी बनाने का निर्णय लिया जो हॉस्टलों में जाकर भोजन, साफ-सफाई आदि का आकलन करेगी और इसी आधार पर संयुक्त संघर्ष समिति अग्रिम कार्रवाई करेगी। धरने में छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, महामंत्री शिवम सिंह, उपमंत्री सत्यम सिंह सनी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव, छात्र नेता संदीप वर्मा प्रॉक्टर, अखिलेश गुप्ता गुड्डू, अविनाश विद्यार्थी आदि मौजूद रहे।