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इलाहाबाद विवि छात्रसंघ महामंत्री समेत दो छात्रों पर एक लाख रुपये का जुर्माना
Sun, 02 Jun 2019 01:22 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 02 Jun 2019 01:22 AM IST
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Allahabad University
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन ने ताराचंद हॉस्टल में तीन कमरों पर अवैध कब्जा करने के आरोपी छात्रसंघ महामंत्री पर 44 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, ताराचंद हॉस्टल में ही सीसीटीवी कैमरे को तोड़ने के आरोपी छात्र राहुल कुमार यादव पर 59 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
इविवि प्रशासन ने दोनों की ओर से हॉस्टल फीस के रूप में जमा की गई धनराशि को जुर्माना राशि में समायोजित करते हुए बाकी का जुर्माना सात जून तक जमा करते हुए अदेयता प्रमाणपत्र प्राप्त करने को कहा गया है। चीफ प्रॉक्टर की ओर से दोनों को जारी नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा में जुर्माना राशि जमा न करने की स्थिति में उनका परीक्षा परिणाम रोकने के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एमए प्रथम वर्ष राजनीतिशास्त्र के छात्र हैं। महामंत्री पर ताराचंद हॉस्टल के कमरा नंबर 4/18, 4/31 और 5/31 पर एक साल तक अवैध कब्जा करे रहने का आरोप है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि इन कमरों की एक वर्ष की फीस 43500 रुपये होती है और अवैध कब्जे के मामले में एक हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया जाता है। शिवम ने 13 मार्च को छात्रावास में पुनर्र्पवेश के लिए 14500 रुपये का जो बैंक ड्राफ्ट दिया था, उसे अब जुर्माने की धनराशि में समायोजित कर दिया है और जुर्माने की बाकी रकम सात जून तक जमा करने को कहा गया है।
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वहीं, ताराचंद हॉस्टल में ही विधि स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र राहुल कुमार यादव को भी नोटिस जारी कर कहा गया है कि उसने सात मार्च की आधी रात को हॉस्टल का सीसीटीवी कैमरा एवं उससे जुड़े सामान तोड़ दिए थे। कर्नलगंज थाने में इसकी एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। सीसीटीवी फुटेज मिल चुकी है और इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि राहुल ने अपने कुछ साथियों के साथ सीसीटीवी कैमरा तोड़ा। इसको बनवाने में 58 हजार रुपये की लागत आई जबकि एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया जाता है। राहुल की ओर से हॉस्टल फीसदी के रूप में जमा की गई 14500 रुपये की धनराशि जुर्माने में समायोजित कर दी गई है। शेष 44500 रुपये बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से हॉस्टल के अधीक्षक कार्यालय में जमा करने को कहा गया है।
इविवि प्रशासन ने छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह को 13 मार्च को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निलंबित कर दिया गया था और 31 मार्च तक स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। महामंत्री के अनुरोध में स्पष्टीकरण देने की तिथि दो मई तक बढ़ा दी गई थी लेकिन महामंत्री ने स्पष्टीकरण नहीं दिया। चीफ प्रॉक्टर की ओर से महामंत्री को नोटिस जारी कर कहा गया है कि अगर पांच जून तक अपना स्पष्टीकरण नहीं देते हैं तो मान लिया जाएगा कि उन्हें कुछ नहीं कहना है और मामले को कुलपति के समक्ष अग्रसारित कर दिया जाए।
‘सभी अरोप बेबुनियाद है। अगर कमरों पर अवैध कब्जा था तो इविवि प्रशासन क्या कर रहा था। कमरे अन्य छात्रों को आवंटित क्यों नहीं किए गए। जुर्माना तो इविवि के संबंधित अफसरों से वसूला जाना चाहिए, जो इसके लिए जिम्मेदार हैं। मैंने छात्रसंघ भवन में तालाबंदी के मामले में चीफ प्रॉक्टर कार्यालय जाकर अपना विरोध दर्ज कराया था। यह कार्रवाई उसकी का नतीजा है।’ शिवम सिंह, छात्रसंघ महामंत्री
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इविवि प्रशासन ने दोनों की ओर से हॉस्टल फीस के रूप में जमा की गई धनराशि को जुर्माना राशि में समायोजित करते हुए बाकी का जुर्माना सात जून तक जमा करते हुए अदेयता प्रमाणपत्र प्राप्त करने को कहा गया है। चीफ प्रॉक्टर की ओर से दोनों को जारी नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा में जुर्माना राशि जमा न करने की स्थिति में उनका परीक्षा परिणाम रोकने के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
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छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एमए प्रथम वर्ष राजनीतिशास्त्र के छात्र हैं। महामंत्री पर ताराचंद हॉस्टल के कमरा नंबर 4/18, 4/31 और 5/31 पर एक साल तक अवैध कब्जा करे रहने का आरोप है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि इन कमरों की एक वर्ष की फीस 43500 रुपये होती है और अवैध कब्जे के मामले में एक हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया जाता है। शिवम ने 13 मार्च को छात्रावास में पुनर्र्पवेश के लिए 14500 रुपये का जो बैंक ड्राफ्ट दिया था, उसे अब जुर्माने की धनराशि में समायोजित कर दिया है और जुर्माने की बाकी रकम सात जून तक जमा करने को कहा गया है।
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वहीं, ताराचंद हॉस्टल में ही विधि स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र राहुल कुमार यादव को भी नोटिस जारी कर कहा गया है कि उसने सात मार्च की आधी रात को हॉस्टल का सीसीटीवी कैमरा एवं उससे जुड़े सामान तोड़ दिए थे। कर्नलगंज थाने में इसकी एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। सीसीटीवी फुटेज मिल चुकी है और इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि राहुल ने अपने कुछ साथियों के साथ सीसीटीवी कैमरा तोड़ा। इसको बनवाने में 58 हजार रुपये की लागत आई जबकि एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया जाता है। राहुल की ओर से हॉस्टल फीसदी के रूप में जमा की गई 14500 रुपये की धनराशि जुर्माने में समायोजित कर दी गई है। शेष 44500 रुपये बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से हॉस्टल के अधीक्षक कार्यालय में जमा करने को कहा गया है।
इविवि प्रशासन ने छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह को 13 मार्च को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निलंबित कर दिया गया था और 31 मार्च तक स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। महामंत्री के अनुरोध में स्पष्टीकरण देने की तिथि दो मई तक बढ़ा दी गई थी लेकिन महामंत्री ने स्पष्टीकरण नहीं दिया। चीफ प्रॉक्टर की ओर से महामंत्री को नोटिस जारी कर कहा गया है कि अगर पांच जून तक अपना स्पष्टीकरण नहीं देते हैं तो मान लिया जाएगा कि उन्हें कुछ नहीं कहना है और मामले को कुलपति के समक्ष अग्रसारित कर दिया जाए।
‘सभी अरोप बेबुनियाद है। अगर कमरों पर अवैध कब्जा था तो इविवि प्रशासन क्या कर रहा था। कमरे अन्य छात्रों को आवंटित क्यों नहीं किए गए। जुर्माना तो इविवि के संबंधित अफसरों से वसूला जाना चाहिए, जो इसके लिए जिम्मेदार हैं। मैंने छात्रसंघ भवन में तालाबंदी के मामले में चीफ प्रॉक्टर कार्यालय जाकर अपना विरोध दर्ज कराया था। यह कार्रवाई उसकी का नतीजा है।’ शिवम सिंह, छात्रसंघ महामंत्री