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इविवि में छात्र परिषद के गठन पर फिरा पानी
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Allahabad university student council election
- फोटो : CITY DESK
सभी प्रत्याशी मैदान से बाहर, विश्वविद्यालय में नहीं होगा चुनाव
नाम वापसी के बाद बचे दो प्रत्याशियों का नामांकन हुआ खारिज
आज प्रस्तावित था छात्र परिषद के कक्षा प्रतिनिधि के लिए मतदान
प्रयागराज। पहले श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय, फिर इलाहाबाद डिग्री कॉलेज और अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि), तीनों जगह छात्रसंघ की जगह छात्र परिषद के गठन पर पानी फिर गया। इविवि छात्र परिषद चुनाव के तहत कक्षा प्रतिनिधि के चुनाव के लिए मैदान से सभी प्रत्याशी बाहर हो गए हैं।
इविवि में सोमवार को कक्षा प्रतिनिधि के लिए मतदान प्रस्तावित था, जो अब नहीं होगा। कक्षा प्रतिनिधियों को ही छात्र परिषद के पांच पदाधिकारी चुनने थे। इसके लिए मतदान 22 अक्तूबर को प्रस्तावित था, लेकिन जब कक्षा प्रतिनिधि ही नहीं होंगे तो छात्र परिषद के गठन का सवाल ही नहीं उठता। हालांकि इविवि में प्रशासन ने अभी आधिकारिक रूप से चुनाव निरस्त किए जाने की कोई घोषणा नहीं की है।
इविवि में कक्षा प्रतिनिधि के लिए 17 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। इनमें से 15 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए थे और रविवार को बाकी दो प्रत्याशियों के नामांकन आपत्तियों के आधार पर खारिज कर दिए गए। एलएलएम के छात्र वागीश शुक्ला का नामांकन इसलिए खारिज किया गया, क्योंकि वह पूर्व में दो बार छात्रसंघ का चुनाव लड़ चुके हैं। उनका शपथपत्र अहस्ताक्षरित था और आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच के लिए आवश्यक प्रपत्र संलग्न नहीं किए गए थे। वहीं, शबीहा खातून का नामांकन चार आपत्तियों के आधार पर खारिज किया गया। शबीहा ने आयु निर्धारण के लिए आवश्यक अभिलेख की मूलप्रति प्रस्तुत नहीं की थी। उन्होंने अहस्ताक्षरित कुलानुशासक प्रमाणपत्र, अहस्ताक्षरित वित्त अधिकारी प्रमाणपत्र और अहस्ताक्षरित परीक्षा नियंत्रक प्रमाणपत्र लगाया था। आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच के लिए आवश्यक प्रपत्र संलग्न नहीं था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एमएसवी प्रथम वर्ष की छात्रा शबीहा खातून विश्वविद्यालय में नामांकित ही नहीं हैं। उधर निर्वाचन अधिकारी प्रो. आरके सिंह ने चुनाव की सूचनाओं से संबंधित मीडिया के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप पर आभार जताते हुए कहा कि छात्र परिषद चुनाव 2019 की संचालन प्रक्रिया में प्रारंभ से समापन तक मीडिया का सहयोग सराहनीय रहा। उन्होंने चुनाव के समापन पर परामर्शदात्री समितियों की ओर से भी आभार व्यक्त किया है।
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नाम वापसी के बाद बचे दो प्रत्याशियों का नामांकन हुआ खारिज
आज प्रस्तावित था छात्र परिषद के कक्षा प्रतिनिधि के लिए मतदान
प्रयागराज। पहले श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय, फिर इलाहाबाद डिग्री कॉलेज और अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि), तीनों जगह छात्रसंघ की जगह छात्र परिषद के गठन पर पानी फिर गया। इविवि छात्र परिषद चुनाव के तहत कक्षा प्रतिनिधि के चुनाव के लिए मैदान से सभी प्रत्याशी बाहर हो गए हैं।
इविवि में सोमवार को कक्षा प्रतिनिधि के लिए मतदान प्रस्तावित था, जो अब नहीं होगा। कक्षा प्रतिनिधियों को ही छात्र परिषद के पांच पदाधिकारी चुनने थे। इसके लिए मतदान 22 अक्तूबर को प्रस्तावित था, लेकिन जब कक्षा प्रतिनिधि ही नहीं होंगे तो छात्र परिषद के गठन का सवाल ही नहीं उठता। हालांकि इविवि में प्रशासन ने अभी आधिकारिक रूप से चुनाव निरस्त किए जाने की कोई घोषणा नहीं की है।
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इविवि में कक्षा प्रतिनिधि के लिए 17 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। इनमें से 15 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए थे और रविवार को बाकी दो प्रत्याशियों के नामांकन आपत्तियों के आधार पर खारिज कर दिए गए। एलएलएम के छात्र वागीश शुक्ला का नामांकन इसलिए खारिज किया गया, क्योंकि वह पूर्व में दो बार छात्रसंघ का चुनाव लड़ चुके हैं। उनका शपथपत्र अहस्ताक्षरित था और आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच के लिए आवश्यक प्रपत्र संलग्न नहीं किए गए थे। वहीं, शबीहा खातून का नामांकन चार आपत्तियों के आधार पर खारिज किया गया। शबीहा ने आयु निर्धारण के लिए आवश्यक अभिलेख की मूलप्रति प्रस्तुत नहीं की थी। उन्होंने अहस्ताक्षरित कुलानुशासक प्रमाणपत्र, अहस्ताक्षरित वित्त अधिकारी प्रमाणपत्र और अहस्ताक्षरित परीक्षा नियंत्रक प्रमाणपत्र लगाया था। आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच के लिए आवश्यक प्रपत्र संलग्न नहीं था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एमएसवी प्रथम वर्ष की छात्रा शबीहा खातून विश्वविद्यालय में नामांकित ही नहीं हैं। उधर निर्वाचन अधिकारी प्रो. आरके सिंह ने चुनाव की सूचनाओं से संबंधित मीडिया के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप पर आभार जताते हुए कहा कि छात्र परिषद चुनाव 2019 की संचालन प्रक्रिया में प्रारंभ से समापन तक मीडिया का सहयोग सराहनीय रहा। उन्होंने चुनाव के समापन पर परामर्शदात्री समितियों की ओर से भी आभार व्यक्त किया है।
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