{"_id":"614606418ebc3ed1936265aa","slug":"allahabad-university-organizing-the-crate-trapped-in-the-affair-of-old-admission","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाहाबाद विश्वविद्यालय : पुराने प्रवेश के चक्कर में फंसा क्रेट का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इलाहाबाद विश्वविद्यालय : पुराने प्रवेश के चक्कर में फंसा क्रेट का आयोजन
Sat, 18 Sep 2021 09:01 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 18 Sep 2021 09:01 PM IST
सार
- सीटों की गणना के बाद घोषित होगी सत्र 2021-22 के लिए क्रेट की तिथि
- पहली बार नेट-जेआरएफ अभ्यर्थी क्रेट लेवल-1 की परीक्षा में होंगे शामिल
विज्ञापन
prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
- फोटो : prayagraj
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक कॉलेजों में सत्र 2020-21 के तहत कुछ विभागों में पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। ऐसे में सीटों की संख्या का निर्धारण न होने के कारण सत्र 2021-22 के तहत संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) का आयोजन फंसा हुआ है। सीटों की संख्या की गणना के बाद ही इविवि प्रशासन सत्र 2021-22 के लिए क्रेट के आयोजन की तिथि घोषित करेगा।
नए सत्र से क्रेट में बड़ा बदलाव किया गया है। अब क्रेट लेवन-1 यानी लिखित परीक्षा में नेट-जेआरएफ अभ्यर्थी भी शामिल होंगे, जबकि इसे पूर्व उन्हें लेवल-1 की परीक्षा से छूट प्रदान की गई थी और उन्हें लेवल-2 के तहत सीधे इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाता था। अब यूजीसी ने नेट-जेआरएफ के कुछ विषयों में सीधे पर्सेंटाइल देना शुरू कर दिया है। वर्तमान में कॉमर्स, हिंदी, अंग्रेजी विषय में पर्सेंटाइल दिए जा रहे हैं। ऐसे में अगर नेट-जेआरएफ अभ्यर्थियों को लेवल-1 की परीक्षा में शामिल होने से छूट दी जाती है तो उनके अंकों की गणना नहीं हो सकेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है कि अब नेट-जेआरएफ अभ्यर्थियों को भी क्रेट लेवल-1 की लिखित परीक्षा देनी होगी।
फिलहाल अभी कुछ विभागों में सत्र 2020-21 की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। विधि विभाग में इंटरव्यू होना बाकी है। इसके अलावा कुछ अन्य विभागों में भी लेवल-टू के तहत इंटरव्यू अभी नहीं हुए हैं। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किस विभाग में कितनी सीटें बची हैं। इन सीटों की गणना के बाद सत्र 2021-22 के लिए क्रेट का विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसमें सीटों का विवरण भी शामिल होगा। इविवि प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. आईआर सिद्दीकी का कहना है कि विभागों में सत्र 2020-21 की पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया पूरी होते ही नए सत्र के लिए क्रेट के आयोजन की तिथि घोषित कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
नए सत्र से क्रेट में बड़ा बदलाव किया गया है। अब क्रेट लेवन-1 यानी लिखित परीक्षा में नेट-जेआरएफ अभ्यर्थी भी शामिल होंगे, जबकि इसे पूर्व उन्हें लेवल-1 की परीक्षा से छूट प्रदान की गई थी और उन्हें लेवल-2 के तहत सीधे इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाता था। अब यूजीसी ने नेट-जेआरएफ के कुछ विषयों में सीधे पर्सेंटाइल देना शुरू कर दिया है। वर्तमान में कॉमर्स, हिंदी, अंग्रेजी विषय में पर्सेंटाइल दिए जा रहे हैं। ऐसे में अगर नेट-जेआरएफ अभ्यर्थियों को लेवल-1 की परीक्षा में शामिल होने से छूट दी जाती है तो उनके अंकों की गणना नहीं हो सकेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है कि अब नेट-जेआरएफ अभ्यर्थियों को भी क्रेट लेवल-1 की लिखित परीक्षा देनी होगी।
विज्ञापन
फिलहाल अभी कुछ विभागों में सत्र 2020-21 की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। विधि विभाग में इंटरव्यू होना बाकी है। इसके अलावा कुछ अन्य विभागों में भी लेवल-टू के तहत इंटरव्यू अभी नहीं हुए हैं। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किस विभाग में कितनी सीटें बची हैं। इन सीटों की गणना के बाद सत्र 2021-22 के लिए क्रेट का विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसमें सीटों का विवरण भी शामिल होगा। इविवि प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. आईआर सिद्दीकी का कहना है कि विभागों में सत्र 2020-21 की पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया पूरी होते ही नए सत्र के लिए क्रेट के आयोजन की तिथि घोषित कर दी जाएगी।
विज्ञापन