इलाहाबाद विवि : लाइब्रेरी में मिलेंगी अब विश्वस्तरीय सुविधाएं, चार डिजिटल माध्यमों को वीसी ने किया लॉन्च
नया सरवर स्टोरेज और सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए गए, वेब ओपेक के जरिए सभी किताबों और जरनल के ऑनलाइन कैटलॉग कहीं से भी देखे जा सकेंगे। अब सोमवार से शनिवार तक सुबह आठ से रात नौ बजे तक खुली रहेगी लाइब्रेरी।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में छात्रों को अब विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। बुधवार को कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने चार डिजिटल माध्यमों को लांच किया। लाइब्रेरियन डॉ. बीके सिंह ने बताया कि कुलपति की इस पहल का विश्वविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।
बदलाव के तहत लाइब्रेरी के सरवर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया गया है। नया सरवर स्टोरेज और सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए गए हैं। इंस्टीट्यूशनल रिपोजिटरी एंड लाइब्रेरी ऑटोमेशन की सुविधा शुरू की गई है। इससे विश्वविद्यालय के बौद्धिक संसाधनों की चोरी को रोका जा सकेगा।
साथ ही सभी शोध कार्यों को बराबर अपलोड किया जा रहा है। वहीं, वेब ओपेक (वेब ऑनलाइन पब्लिक एक्सेस कैटलॉग) एक ऑनलाइन सुविधा है, जिससे विश्वविद्यालय की सभी किताबों और जर्नल का ऑनलाइन कैटलॉग कहीं से भी देखा जा सकेगा। जबकि रिमोट एक्सेस के जरिए सभी छात्रों एवं शिक्षकों को लाइब्रेरी के ई रिसोर्स कहीं से भी देखने और पढ़ने की सुविधा प्रदान की गई है।
विश्वविद्यालय की आत्मा होती है लाइब्रेरी- वीसी
इस मौके पर कुलपति ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी उसकी आत्मा होती है। बताया कि लाइब्रेरी में जगह की समस्या को देखते हुए एक नई चार मंजिला एनेक्सी बिल्डिंग के निर्माण का प्रस्ताव है।
लाइब्रेरियन डॉ. बीके सिंह ने बताया कि लाइब्रेरी अब गणतंत्र दिवस होली, ईद, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती, दशहरा, दीवाली और क्रिसमस को छोड़कर अन्य सभी दिनों में खुली रहेगी। लाइब्रेरी खुलने के समय में भी बढ़ोतरी की गई है। अब सोमवार से शनिवार यह सुबह आठ से रात नौ बजे तक तथा रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में सुबह दस से सायं छह बजे तक खुली रहेगी।