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विदेश में बैठे पुरा छात्र बताएंगे, कैसे बदलेगा विश्वविद्यालय
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-इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने पुरा छात्रों के लिए तैयार किया पोर्टल
-कोर्स निर्धारण समेत कई महत्वपूर्ण मसले पर लिए जाएंगे सुझाव
प्रयागराज। पिछले कुछ वर्षों के दैरान एनआईआरएफ रैंकिंग के मामले में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की स्थिति काफी बिगड़ी है। विश्वविद्यालय देश के टॉप 100 शिक्षण संस्थानों में भी जगह बना पाने में नाकामयाब रहा है। विश्वविद्यालय में और क्या बेहतर किया जाए, इसके लिए इविवि प्रशासन अब पुरा छात्रों से सहयोग लेने जा रहा है। विश्वविद्यालय ने पुरा छात्र पोर्टल बनाया है, जो सीधे विश्वविद्यालय की वेबसाइट से लिंक होगा और विदेश में बैठे पुरा छात्र बताएंगे कि विश्वविद्यालय के लिए और क्या बेहतर हो सकता है।
आईआईटी, आईआईएम जैसे देश के तमाम प्रतिष्ठित संस्थानों ने पुरा छात्रों के पोर्टल बना रखे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय का पुरा छात्र पोर्टल भी इन्हीं संस्थानों की तर्ज पर विकसित किया गया है। इससे जुडने के लिए देश-विदेश में बैठे पुरा छात्रों को पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान उन्हें बताना होगा कि इविवि में कब पढ़ाई की। उनका विषय क्या था। इविवि से निकलने के बाद क्या कर रहे हैं। किसी सरकारी संस्था में है या किसी मल्टी नेशनल कंपनी में उच्च पद पर हैं। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पुरा छात्र पोर्टल से जुड़ जाएंगे और विश्वविद्यालय की बेहतरी के लिए समय-समय पर अपने सुझाव भी दे सकेंगे।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय के पास पुरा छात्रों का एक डाटा बैंक तैयार हो जाएगा। ऐसे में विश्वविद्यालय इन पुरा छात्रों के अनुभव का लाभ उठा सकेगा। उनके सहयोग से नए कोष की स्थापना भी की जा सकती है। पाठ्यक्रम निर्धारण में भी इन पुरा छात्रों का सहयोग लिया जाएगा। कंपनियों में उच्च पदों पर बैठे पुरा छात्रों से पूछा जाएगा कि ऐसा कौन सा कोर्स शुरू किया जाए, जिसकी डिमांड हो और इविवि के छात्रों को अच्छा प्लेसमेंट मिल सके। शोध कार्यों के लिए भी पुरा छात्रों के अनुभव का लाभ लिया जाएगा। एनआईआरएफ रैंकिंग के निर्धारण के दौरान भी शिक्षण संस्थानों से पुरा छात्रों के बारे में जानकारी मांगी जाती है। ऐसे में पुरा छात्रों का पोर्टल एनआईआरएफ रैंकिंग के मामले में भी इविवि के लिए मददगार साबित होगा।
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‘इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने पुरा छात्रों का एक पोर्टल बनाया है जिसे विश्वविद्यालय की मेन वेबसाइट के साथ जोड़ा गया है, ताकि पुरा छात्र विश्वविद्यालय के साथ सीधे तौर पर जुड़कर महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान कर सकें। उनके सुझाव पर विश्वविद्यालय काम करेगा।’ -प्रो. आरआर तिवारी, कुलपति, इविवि
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-कोर्स निर्धारण समेत कई महत्वपूर्ण मसले पर लिए जाएंगे सुझाव
प्रयागराज। पिछले कुछ वर्षों के दैरान एनआईआरएफ रैंकिंग के मामले में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की स्थिति काफी बिगड़ी है। विश्वविद्यालय देश के टॉप 100 शिक्षण संस्थानों में भी जगह बना पाने में नाकामयाब रहा है। विश्वविद्यालय में और क्या बेहतर किया जाए, इसके लिए इविवि प्रशासन अब पुरा छात्रों से सहयोग लेने जा रहा है। विश्वविद्यालय ने पुरा छात्र पोर्टल बनाया है, जो सीधे विश्वविद्यालय की वेबसाइट से लिंक होगा और विदेश में बैठे पुरा छात्र बताएंगे कि विश्वविद्यालय के लिए और क्या बेहतर हो सकता है।
आईआईटी, आईआईएम जैसे देश के तमाम प्रतिष्ठित संस्थानों ने पुरा छात्रों के पोर्टल बना रखे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय का पुरा छात्र पोर्टल भी इन्हीं संस्थानों की तर्ज पर विकसित किया गया है। इससे जुडने के लिए देश-विदेश में बैठे पुरा छात्रों को पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान उन्हें बताना होगा कि इविवि में कब पढ़ाई की। उनका विषय क्या था। इविवि से निकलने के बाद क्या कर रहे हैं। किसी सरकारी संस्था में है या किसी मल्टी नेशनल कंपनी में उच्च पद पर हैं। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पुरा छात्र पोर्टल से जुड़ जाएंगे और विश्वविद्यालय की बेहतरी के लिए समय-समय पर अपने सुझाव भी दे सकेंगे।
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इसके साथ ही विश्वविद्यालय के पास पुरा छात्रों का एक डाटा बैंक तैयार हो जाएगा। ऐसे में विश्वविद्यालय इन पुरा छात्रों के अनुभव का लाभ उठा सकेगा। उनके सहयोग से नए कोष की स्थापना भी की जा सकती है। पाठ्यक्रम निर्धारण में भी इन पुरा छात्रों का सहयोग लिया जाएगा। कंपनियों में उच्च पदों पर बैठे पुरा छात्रों से पूछा जाएगा कि ऐसा कौन सा कोर्स शुरू किया जाए, जिसकी डिमांड हो और इविवि के छात्रों को अच्छा प्लेसमेंट मिल सके। शोध कार्यों के लिए भी पुरा छात्रों के अनुभव का लाभ लिया जाएगा। एनआईआरएफ रैंकिंग के निर्धारण के दौरान भी शिक्षण संस्थानों से पुरा छात्रों के बारे में जानकारी मांगी जाती है। ऐसे में पुरा छात्रों का पोर्टल एनआईआरएफ रैंकिंग के मामले में भी इविवि के लिए मददगार साबित होगा।
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‘इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने पुरा छात्रों का एक पोर्टल बनाया है जिसे विश्वविद्यालय की मेन वेबसाइट के साथ जोड़ा गया है, ताकि पुरा छात्र विश्वविद्यालय के साथ सीधे तौर पर जुड़कर महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान कर सकें। उनके सुझाव पर विश्वविद्यालय काम करेगा।’ -प्रो. आरआर तिवारी, कुलपति, इविवि