Allahabad University : इलाहाबाद विवि ने बढ़ाया शोध का दायरा, बिहार विवि के साथ करेगा काम
इविवि की कुलपति प्रो.संगीता श्रीवास्तव और दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.केएन सिंह के मार्गदर्शन में हुए इस समझौते का उद्देश्य आपसी प्रयासों के माध्यम से दोनों संस्थानों के बीच शैक्षिक एवं शोध परिदृश्य को बढ़ावा देना है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) ने अपनी अकादमिक गतिविधियों और शोध के दायरे को विस्तार देते हुए दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ समझौता किया है। इविवि के कुलसचिव प्रो.एनके शुक्ला और बिहार विवि के कुलसचिव कर्नल राजीव कुमार सिंह ने समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
इविवि की कुलपति प्रो.संगीता श्रीवास्तव और दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.केएन सिंह के मार्गदर्शन में हुए इस समझौते का उद्देश्य आपसी प्रयासों के माध्यम से दोनों संस्थानों के बीच शैक्षिक एवं शोध परिदृश्य को बढ़ावा देना है। यह रणनीतिक साझेदारी पारस्परिक रूप से इविवि के शिक्षाशास्त्र विभाग और बिहार विवि के शिक्षक शिक्षा विभाग, शिक्षा विद्यापीठ के मध्य अकादमिक सहयोग एवं शोध पर केंद्रित है।
सहयोग के प्रमुख बिंदुओं में संकाय सदस्यों व शोधार्थियों का आपसी आदान-प्रदान शामिल है, ताकि दोनों विश्वविद्यालय एक-दूसरे की शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमताओं से लाभांवित हो सकें। इस समझौते के तहत अकादमिक डाटा, वैज्ञानिक जानकारी, बौद्धिक संपदा, लेख और प्रकाशनों को साझा किया जाएगा, जिससे ज्ञान और संसाधनों के समृद्ध आदान-प्रदान की सुविधा मिल सके।
इसके अलावा उन्नत शिक्षण पद्धतियों और शैक्षणिक कौशल को बढ़ावा देने के लिए स्कूली शिक्षा एवं शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के लिए संयुक्त शैक्षणिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने के लिए दोनों विश्वविद्यालय शिक्षक शिक्षा एवं शिक्षाशास्त्र के विभिन्न विषयों पर व्यापक खुले ऑनलाइन पाठ्यक्रम (मूक्स) के विकास पर जोर देंगे।
साथ ही दोनों संस्थानों के आपसी हित के विषयों पर संयुक्त सम्मेलन और संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। दोनों संस्थान देश की शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए अकादमिक चर्चा और सहयोग के लिए मंच तैयार करेंगे। विद्यार्थियों का विनिमय कार्यक्रम इस एमओयू का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों को विविध शैक्षिक वातावरण और संस्कृतियों का अनुभव करने का अवसर प्रदान करेगा।
इसके अलावा दोनों विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के परियोजना प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप के लिए सहायता और व्यावहारिक कार्य अनुभव प्रदान करेंगे। साथ ही रोजगार क्षमता बढ़ाने में एक-दूसरे का सहयोग करेंगे। यह सहमति ज्ञापन दोनों संस्थानों में अकादमिक उत्कृष्टता और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।