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डिग्री के मुद्दे पर इविवि-ईसीसी में ठनी

Fri, 31 Jan 2020 12:48 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2020 12:48 AM IST
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Allahabad University and ECC
Allahabad University and ECC
इविवि प्रशासन अपनी शर्तों पर परीक्षा कराने को अड़ा
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राहत न मिलने पर कोर्ट जाने की तैयारी में कॉलेज प्रबंधन
प्रयागराज। इविवि की परीक्षा समिति ने निर्णय लिया है कि वह इविंग क्रिश्चियन कॉलेज (ईसीसी) को अपनी डिग्री नहीं देगा। इस निर्णय के बाद इविवि और ईसीसी प्रबंधन के बीच ठन गई है। राहत न मिलने की स्थिति कॉलेज प्रबंधन अब कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है।
पूर्व में भी दो बार ऐसी स्थिति सामने आ चुकी है, जब ईसीसी के अल्पसंख्यक संस्थान के दर्जे को लेकर हुए विवाद के बाद इविवि प्रशासन ने ईसीसी को अपनी डिग्री न देने का निर्णय लिया था, लेकिन कॉलेज प्रबंधन के लोग कोर्ट चले गए और वहां से कॉलेज को राहत भी मिली। दरअसल, ईसीसी के अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा 2013 में समाप्त हो चुका है। इविवि प्रशासन का मानना है कि जब कॉलेज के पास अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा नहीं है तो किस आधार पर वह अलग से प्रवेश परीक्षा एवं आंतरिक परीक्षाएं करा रहा है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि नियम के तहत ईसीसी को अब इविवि के माध्यम से प्रवेश परीक्षा एवं अन्य परीक्षाएं करानी चाहिए। इसके बाद ही कॉलेज को डिग्री देने पर कोई विचार किया जा सकता है।
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कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एएस. मोसेज का कहना है कि डिग्री न देने का निर्णय सीधे छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। उनका दावा है कि संस्थान की ऑटोनॉमी का दो चरणों में यूजीसी की टीम परीक्षण कर चुकी है। 2018 में यूजीसी की टीम यहां आई थी और 2021 तक ऑटोनॉमी के विस्तार पर यूजीसी ने मुहर लगाई है। संस्थान ने यूजीसी में अपना पक्ष रखा था। इविवि यूजीसी रेगुलेशन-2018 को अपना चुका है और इस रेगुलेशन के आर्टिकल 7.10 के तहत जब तक यूजीसी ऑटोनॉमस का दर्जा वापस नहीं लेता, तब तक यह बरकरार रहेगा। इसके बाद भी अगर इविवि प्रशासन कोई राहत नहीं देता है तो संस्थान कोर्ट की शरण में जाएगा।
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प्राचार्य का दावा, इविवि का पर्याप्त प्रतिनिधित्व
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एएस मोसेज का कहना है कि कॉलेज में इविवि प्रशासन का भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व है। एकेडमिक कौंसिल और बोर्ड ऑफ स्टडीज में इविवि के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके अलावा पेपर सेटिंग हो या कॉपियां जांचने का काम, इस कार्य में भी पचास फीसदी भागीदारी इविवि की ही रहती है। ऐसे में यह कहना गलत है कि कॉलेज के संचालन में इविवि की कोई भागीदारी नहीं है।

कॉलेज प्रशासन ने वीसी को सौंपे दस्तावेज
- परीक्षा समिति के निर्णय के बाद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एएस. मोसेज के नेतृत्व में कॉलेज की टीम ने इविवि के कुलपति प्रो. आरआर तिवारी और परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र सिंह से मुलाकात की। प्रो. मोसेस के अनुसार कुलपति को कॉलेज प्रशासन की ओर से सभी जरूरी दस्तावेज सौंपे दिए गए हैं। अब निर्णय कुलपति को लेना है।
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