Allahabad University : पहली महिला बार इलाहाबाद विश्वविद्यालय को मिली महिला कुलपति
केंद्रीय दर्जा मिलने के बाद इविवि में अब तक के कुलपति
इविवि को 2005 में केंद्रीय दर्जा मिला था। उस समय प्रो. आर हर्षे को स्थायी कुलपति नियुक्ति किया गया था। इसके बाद 2010 प्रो. हर्षे का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रो. एके सिंह की नियुक्ति हुई। 2013 में प्रो. सिंह ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद दिसंबर 2015 में प्रो. आरएल हांगलू तीसरे स्थायी कुलपति के तौर पर नियुक्त हुए। 31 दिसंबर 2019 को प्रो. हांगलू ने इस्तीफा देने के बाद अब इविवि की प्रोफेसर एवं वर्तमान में राज्य विवि की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव को चौथा स्थायी कुलपति नियुक्त किया गया है।
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केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने के बाद प्रो. संगीता श्रीवास्तव इलाहाबाद विश्वविद्यालय की चौथी स्थायी कुलपति हैं। वह इविवि की पहली महिला कुलपति होंगी। उनका कार्यकाल पांच साल तक रहेगा। केंद्रीय विवि बनने के बाद कुलपति के पद पर प्रो. राजेन हर्षे, प्रो. एके सिंह एवं प्रो. रतनलाल हांगलू नियुुक्त हो चुके हैं। पूर्व में नियुक्त तीनों कुलपति दूसरे विश्वविद्यालय एवं संस्थानों से रहे हैं, जबकि प्रो. संगीता श्रीवास्तव इलाहाबाद विवि से कुलपति बनने वाली पहली प्रोफेसर हैं।
इविवि में 1989 में लेक्चरर के पद से शुरू की सेवा
प्रो. संगीता ने 1989 में इविवि के गृह विज्ञान विभाग में लेक्चरर के रूप में सेवा की शुरुआत की। गृह विज्ञान विभाग उस समय बायोकेमेस्ट्री विभाग का हिस्सा था। प्रो. संगीता श्रीवास्तव के प्रयास से 2002 में गृह विज्ञान विभाग को नया भवन मिल गया। वह 2002 से जून 2019 में राज्य विवि की कुलपति नियुक्त होने तक गृह विज्ञान विभाग की अध्यक्ष रहीं।
एसएमसी से पाई स्कूली शिक्षा
सेंट मैरीज कान्वेंट से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद संगीता श्रीवास्तव ने इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट( शुआट्स) से बीएससी और जबलपुर विवि से एमएससी की पढ़ाई की। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रो. पीसी गुप्ता के निर्देशन में पीएचडी की।
इविवि में संभाली कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने इविवि में अपने 30 साल के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली। जून 2019 में राज्य विवि में नियुक्ति से पहले वह इविवि प्रवेश समिति की चेयरपर्सन, महिला उत्पीड़न के खिलाफ गठित सी-कैश की अध्यक्ष के साथ एकेडमिक कौंसिल, एग्जीक्यूटिव कौंसिल समेत कई कमेटियों की सदस्य रहीं। इससे पूर्व में भी कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।