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इविवि को नए सत्र में मिल जाएंगे 558 शिक्षक
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भर्ती पर लगी रोक हटाई
विवि, कॉलेजों में शिक्षणेत्तर कर्मियों की भर्ती का रास्ता भी साफ
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में नए सत्र से शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी। विश्वविद्यालय को 558 नए शिक्षक मिलने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इविवि में शिक्षक भर्ती पर लगाई गई रोक हटा ली है। इसके साथ ही कुछ संघटक कॉलेजों में फंसी शिक्षक भर्ती भी शुरू करने का रास्ता साफ हो गया। शिक्षकों के साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भी भर्तियां शुरू की जा सकेंगी।
इविवि में शिक्षकों के रिक्त 558 पदों में से असिस्टेंट प्रोफेसर के 336, एसोसिएट प्रोफेसर के 156 और प्रोफेसर के 66 पद शामिल हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अभिलेखों की स्क्रीनिंग का काम भी पूरा हो गया है। इसके अलावा इलाहाबाद डिग्री कॉलेज (एडीसी) में शिक्षकों के 119 पदों पर भर्ती फंसी हुई है। वहीं, सीएमपी के तीन विभागों में शिक्षक भर्ती नहीं हो सकी है जबकि राजर्षि टंडन महिला गर्ल्स डिग्री कॉलेज में शिक्षक भर्ती शुरू ही नहीं हुई।
इसके अलावा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के तकरीबन 530 पद खाली है। साथ ही संघटक कॉलेजों में भी शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हुए हैं। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जून माह में इविवि में शिक्षक भर्ती पर रोक लगा दी थी। इससे इविवि के साथ कुछ संघटक कॉलेजों में भी शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया ठप हो गई थी। हालांकि इस रोक से पहले ज्यादातर संघटक कॉलेजों में शिक्षक की भर्ती की जा चुकी थी।
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रोक हटने के बाद शिक्षकों के साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भर्ती का रास्ता भी साफ हो गया है। इविवि की ओर से आवेदन की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है, सो अब इंटरव्यू कराना है। ऐसे में नए सत्र से इविवि में शिक्षकों की कमी दूर होने के पूरे आसार हैं। इविवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह का कहना है कि मंत्रालय ने नौ माह बाद शिक्षक भर्ती पर रोक हटा ली है। सभी संकायों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
सांसद रेवती रमण ने राज्यसभा में उठाया था मुद्दा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती पर लगी रोक का मुद्दा इस साल चार दिसंबर को सांसद एवं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रेवती रमण सिंह ने राज्यसभा में उठाया था। उन्होंने सदन के माध्यम से मांग की थी कि विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती पर लगी अस्थायी रोक को हटाया जाए।
ऑटा, ऑक्टा ने मंत्रालय का जताया आभार
इविवि में शिक्षक भर्ती पर लगी रोक हटाए जाने पर ऑटा और ऑक्टा के पदाधिकारियों ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया है। ऑटा अध्यक्ष प्रो. रामसेवक दुबे, महासचिव प्रो. शिवमोहन प्रसाद और ऑक्टा महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह का कहना है कि शिक्षक भर्ती को मिली अनुमति उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है जो विश्वविद्यालय को दिन रात तहस-नहस करने में जुटे हुए हैं। नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जानी चाहिए ताकि इविवि में शिक्षकों की कमी दूर की जा सके और विश्वविद्यालय अपने पुराने गौरव को प्राप्त कर सके।
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विवि, कॉलेजों में शिक्षणेत्तर कर्मियों की भर्ती का रास्ता भी साफ
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में नए सत्र से शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी। विश्वविद्यालय को 558 नए शिक्षक मिलने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इविवि में शिक्षक भर्ती पर लगाई गई रोक हटा ली है। इसके साथ ही कुछ संघटक कॉलेजों में फंसी शिक्षक भर्ती भी शुरू करने का रास्ता साफ हो गया। शिक्षकों के साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भी भर्तियां शुरू की जा सकेंगी।
इविवि में शिक्षकों के रिक्त 558 पदों में से असिस्टेंट प्रोफेसर के 336, एसोसिएट प्रोफेसर के 156 और प्रोफेसर के 66 पद शामिल हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अभिलेखों की स्क्रीनिंग का काम भी पूरा हो गया है। इसके अलावा इलाहाबाद डिग्री कॉलेज (एडीसी) में शिक्षकों के 119 पदों पर भर्ती फंसी हुई है। वहीं, सीएमपी के तीन विभागों में शिक्षक भर्ती नहीं हो सकी है जबकि राजर्षि टंडन महिला गर्ल्स डिग्री कॉलेज में शिक्षक भर्ती शुरू ही नहीं हुई।
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इसके अलावा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के तकरीबन 530 पद खाली है। साथ ही संघटक कॉलेजों में भी शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हुए हैं। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जून माह में इविवि में शिक्षक भर्ती पर रोक लगा दी थी। इससे इविवि के साथ कुछ संघटक कॉलेजों में भी शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया ठप हो गई थी। हालांकि इस रोक से पहले ज्यादातर संघटक कॉलेजों में शिक्षक की भर्ती की जा चुकी थी।
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रोक हटने के बाद शिक्षकों के साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भर्ती का रास्ता भी साफ हो गया है। इविवि की ओर से आवेदन की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है, सो अब इंटरव्यू कराना है। ऐसे में नए सत्र से इविवि में शिक्षकों की कमी दूर होने के पूरे आसार हैं। इविवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह का कहना है कि मंत्रालय ने नौ माह बाद शिक्षक भर्ती पर रोक हटा ली है। सभी संकायों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
सांसद रेवती रमण ने राज्यसभा में उठाया था मुद्दा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती पर लगी रोक का मुद्दा इस साल चार दिसंबर को सांसद एवं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रेवती रमण सिंह ने राज्यसभा में उठाया था। उन्होंने सदन के माध्यम से मांग की थी कि विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती पर लगी अस्थायी रोक को हटाया जाए।
ऑटा, ऑक्टा ने मंत्रालय का जताया आभार
इविवि में शिक्षक भर्ती पर लगी रोक हटाए जाने पर ऑटा और ऑक्टा के पदाधिकारियों ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया है। ऑटा अध्यक्ष प्रो. रामसेवक दुबे, महासचिव प्रो. शिवमोहन प्रसाद और ऑक्टा महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह का कहना है कि शिक्षक भर्ती को मिली अनुमति उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है जो विश्वविद्यालय को दिन रात तहस-नहस करने में जुटे हुए हैं। नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जानी चाहिए ताकि इविवि में शिक्षकों की कमी दूर की जा सके और विश्वविद्यालय अपने पुराने गौरव को प्राप्त कर सके।