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मशीन से हो रही गंगा सफाई को परखेंगे विशेषज्ञ
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:03 AM IST
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नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा और नमामि गंगे योजना के तहत गंगा की सफाई के लिए ट्रैस स्कीमर मशीन से काम शुरू कर दिया है। इस बार यह काम केंद्र सरकार की एजेंसी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) कर रही है। मशीन से हो रहे काम को परखने के लिए नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा और नमामि गंगे से जुड़ी विशेषज्ञों की टीम जल्द इलाहाबाद आएगी। टीम के विशेषज्ञों ने सोमवार को कानपुर में इसी मशीन से हो रही गंगा सफाई का काम देखा है।
नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के तहत गंगा नदी को साफ करने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए इलाहाबाद में एक ट्रैस स्कीमर मशीन आ चुकी है, जबकि जल्द ही दो और मशीनें आने की उम्मीद है। वर्तमान में काम में लगी ट्रैस स्कीमर मशीन के जरिए गंगा से फूल, नारियल आदि पूजन सामग्री, पॉलीथिन, कपड़े जैसे गंदगी निकाली जा रही है। यही मशीन पिछले वर्ष भी इलाहाबाद आई थी, उस दौरान ज्यादा उपयोगी साबित नहीं हो सकी थी क्योंकि जलस्तर बेहद कम होने के कारण मशीन दारागंज से फाफामऊ की ओर बढ़ नहीं सकी थी।
इस बार भी गंगा में जलस्तर की उपलब्धता पर ही मशीन के सही उपयोग का पता चल सकेगा। हालांकि माघ मेला के कारण अभी गंगा में जल पर्याप्त है, लेकिन मेला खत्म होने के बाद जलस्तर में कमी होना तय है, इसके बाद मशीन कैसे काम करेगी, यह आने वाले समय में पता चलेगा। बहरहाल नमामि गंगे समिति के राष्ट्रीय सचिव संजय चतुर्वेदी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम कानपुर के बाद इलाहाबाद और फिर वाराणसी में काम का जायजा लेने पहुंचेगी। ईआईएल के पवन कुमार सिंह का कहना है कि अगले एक-दो दिन में टीम इलाहाबाद पहुंच सकती है।
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नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के तहत गंगा नदी को साफ करने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए इलाहाबाद में एक ट्रैस स्कीमर मशीन आ चुकी है, जबकि जल्द ही दो और मशीनें आने की उम्मीद है। वर्तमान में काम में लगी ट्रैस स्कीमर मशीन के जरिए गंगा से फूल, नारियल आदि पूजन सामग्री, पॉलीथिन, कपड़े जैसे गंदगी निकाली जा रही है। यही मशीन पिछले वर्ष भी इलाहाबाद आई थी, उस दौरान ज्यादा उपयोगी साबित नहीं हो सकी थी क्योंकि जलस्तर बेहद कम होने के कारण मशीन दारागंज से फाफामऊ की ओर बढ़ नहीं सकी थी।
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इस बार भी गंगा में जलस्तर की उपलब्धता पर ही मशीन के सही उपयोग का पता चल सकेगा। हालांकि माघ मेला के कारण अभी गंगा में जल पर्याप्त है, लेकिन मेला खत्म होने के बाद जलस्तर में कमी होना तय है, इसके बाद मशीन कैसे काम करेगी, यह आने वाले समय में पता चलेगा। बहरहाल नमामि गंगे समिति के राष्ट्रीय सचिव संजय चतुर्वेदी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम कानपुर के बाद इलाहाबाद और फिर वाराणसी में काम का जायजा लेने पहुंचेगी। ईआईएल के पवन कुमार सिंह का कहना है कि अगले एक-दो दिन में टीम इलाहाबाद पहुंच सकती है।
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