गीता प्रेस गोरखपुर बंद होने की थी अफवाह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वेद, पुराण, उपनिषद, श्रीमद्भागवत, रामचरित मानस सहित सनातन धर्म से जुड़ी धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन करने वाला गीता प्रेस गोरखपुर के बंद होने की अफवाह फैलाई गई थी। गीता प्रेस गोरखपुर बंद नहीं होगा। प्रेस से लगातार धार्मिक पुस्तकें प्रकाशित की जाती रहेंगी। यह बात शुक्रवार को माघ मेले में संगम लोअर मार्ग स्थित गीता प्रेस के शिविर में गीता प्रेस गोरखपुर के अध्यक्ष एवं कल्याण के संपादक राधेश्याम खेमका ने पत्रकार वार्ता में कहीं।
स्पष्ट कहा कि सनातन धर्म की सेवा कर रही गीता प्रेस में कहीं कोई व्यवधान नहीं है। भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित गीता प्रेस से प्रकाशित पुस्तकों के खरीदने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। अप्रवासी भारतीयों के बीच भी पुस्तकों की मांग बढ़ रही है। गीता प्रेस से प्रकाशित कल्याण के अब तक 89 विशेषांक निकाले जा चुके हैं। इस बार गंगा विशेषांक प्रकाशित किया गया है, जिसमें गंगाजी के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के साथ आरोग्य प्राप्ति में गंगाजल की उपयोगिता, वैशिष्ठय, आख्यान, उपासना का स्वरूप, इतिहास, वर्तमान स्थिति आदि विषयों को पांच सौ पृष्ठों में प्रस्तुत किया गया है।