अगवा बीडीसी सदस्यों को कमरे में बंद कर रखा गया भूखा-प्यासा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहादुरपुर ब्लाक के निर्दलीय प्रत्याशी अरुणेंद्र यादव उर्फ डब्बू के समर्थन वाले बीडीसी सदस्यों को सतना के पास अगवा करने के बाद गाजीपुर के सैदपुर इलाके में एक कमरे में भूसे की तरह ठूंस दिया गया। इस दौरान न तो उन्हें भूखा-प्यासा रखा गया। कमरे के बाहर असलहाधारी तैनात थे। दूसरे दिन दोपहर बाद उन्हें कमरे से बाहर निकाला गया और बस से बैठाया गया। इसके बाद छह-छह की टोलियों में बीडीसी सदस्यों को रिहा किया गया। छूटने के बाद बीडीसी सदस्य रात में ही सरायइनायत थाने पहुंचे और अपहरण की तहरीर दी।
निर्दलीय प्रत्याशी अरुणेंद्र यादव डब्बू का छोटा भाई चंद्रजीत यादव भी बीडीसी सदस्य है। चंद्रजीत के साथ ही 28 बीडीसी सदस्य जिनमें छह महिला बीडीसी सदस्य के पति सांई धाम से दर्शन कर मिनी बस से लौट रहे थे। आरोप है कि मंगलवार दोपहर सतना में उचेहरा के पास दोपहर तकरीबन एक बजे हंडिया विधायक प्रशांत सिंह, फूलपुर विधायक सईद अहमद, दरोगा संजय सिंह ने अपने करीबियों रविचंद्र, भूपेंद्र सिंह, राजू सिंह, माला सिंह, वैभव सिंह, पप्पू चंदेल, सरकारी गनर तथा करीब बीस अन्य लोगों के साथ आठ फोर व्हीलर गाड़ियों से आकर बस रोक ली। बस के चालक और कंडक्टर को गन प्वाइंट पर ले लिया गया। कई अपहरणकर्ताओं ने रुमाल से अपना चेहरा ढंक रखा था। चंद्रजीत के मुताबिक असलहाधारी लोगों ने उन्हें पीटते हुए बस से बाहर निकाला और अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद चलती बस में बीडीसी सदस्यों को लात-घूंसे, पिस्टल, रिवाल्वर और कारबाइन की बट से जमकर पीटा। उनके मोबाइल और पर्स छीन लिए गए। अगवा कर उन्हें गाजीपुर-सैदपुर ले गए। जहां एक कमरे में भूंसे की तरह ठूंस दिया गया। रातभर भूखा-प्यासा रखा गया। लघु़शंका के लिए भी बाहर नहीं जाने दिया गया। दूसरे दिन दोपहर बाद छह-छह की टोलियों में बीडीसी सदस्यों को छोड़ा गया। चंद्रजीत के मुताबिक उसे सबसे आखिर में छोड़ा गया।
00000000000000000000000
दरोगा बोला था, नौकरी को जूते की नोक पर रखता हूं
झूंसी। चंद्रजीत के मुताबिक अपहरण करने वालों में हनुमानगंज चौकी प्रभारी संजय सिंह भी शामिल था। उसने धमकाया कि मुझे नहीं जानते, मेरा नाम दरोगा संजय सिंह हैं। नौकरी को मैं अपने जूते की नोक पर रखता हूं। अब मैं तुम्हें बताता हूं कि पुलिस क्या चीज होती है। चंद्रजीत यादव की माने तो दरोगा संजय लगातार इसी अंदाज में हम सभी को धमकाता रहा। चंद्रजीत ने बताया कि मैंने सिर्फ इतना पूछ लिया कि था कि सर हम लोगों की गलती क्या है तो सभी की असलहों के बट से पिटाई शुरू कर दी गई। पुलिस की बर्बरता के कारण अब भी बीडीसी सदस्य सहमे हुए हैं। चर्चा है कि इस सब के बदले दरोगा को बोलेरो गाड़ी भेंट मिली है। वहीं चुनाव के दिन हुए बवाल के बाद दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया था।
000000000000000000000000000000
बाक्स
अरुणेंद्र ने जताई हत्या की आशंका
झूंसी। बहादुरपुर ब्लाक प्रमुख पद के निर्दलीय प्रत्याशी रहे अरुणेंद्र यादव डब्बू ने अपनी हत्या की आशंका जताई है। डब्बू ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्हें साजिश के तहत चुनाव हराया गया। उनके पक्ष के बीडीसी सदस्यों को अगवा कर लिया गया। कहा कि अब विरोधी उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। कहना है कि अगर उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसका जिम्मेदार पुलिस और प्रशासन होगा।