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वायु प्रदूषण खत्म करने पर भी काम करेगा अमेरिका
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 10 Feb 2016 01:47 AM IST
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इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के क्रम में अमेरिका यहां वायु प्रदूषण को भी पूरी तरह खत्म करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगा। तीन दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड डेवलपमेंट एजेंसी (यूएसटीडीए) के विशेषज्ञों डॉ.एलबर्ट प्रेस्टो एवं डगलस ने मंगलवार को विभिन्न विभागों के अफसरों के सामने वायु प्रदूषण पर रोकथाम लगाने के लिए अमेरिका के पीट्सबर्ग में हुए कामों का प्रेजेंटेशन किया। इस दौरान महापौर, डीएम, नगर आयुक्त समेत अन्य अफसरों ने वायु प्रदूषण को लेकर सफाई भी किए।
डॉ.प्रेस्टो ने पीट्सबर्ग में 1930 से अब तक वायु प्रदूषण खत्म करने के लिए हुए कामों का प्रेजेंटेशन किया। बताया कि वायु प्रदूषण खत्म करने के लिए अलग संविधान बनाया गया। फिर से सख्ती से लागू करने के साथ लगातार मॉनीटरिंग की गई। जगह-जगह सेंसर लगाए गए ताकि प्रदूषण का पता चल सके। इसमें जागरूकता का भी अहम योगदान रहा। उन्होंने पीट्सबर्ग की तर्ज पर यहां भी काम करने की बात कही। कहा कि इलाहाबाद बेहद घनी आबादी वाला शहर है। यहां किसी एक मोहल्ले में वायु प्रदूषण खत्म करने की शुरूआत करनी होगी। लगातार प्रदूषण लेविल की मॉनीटरिंग के साथ डाटा एकत्र कर इससे आम लोगों को अवगत कराना होगा, ताकि वह वायु प्रदूषण के खतरों को जान सकें। धीरे-धीरे पूरे शहर में इसी तरह काम करना होगा।
कहा कि वायु प्रदूषण के संबंध में भारत सरकार के एक्ट को लागू कर गंभीरता से कार्य करना होगा। इसमें सेंसर और जागरूकता की भूमिका अहम होगी। कहा कि यूएसटीडीए तय करेगा कि इलाहाबाद में इसके लिए आगे क्या करना है। डीएम संजय कुमार ने जागरूकता पर बल दिया। दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पुरानी गाड़ियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। सप्ताह में एक दिन गाड़ी न चलाने का प्रयोग भी सफल रहा। यहां पॉलीथिन पर लगाम लगाने के साथ इन विकल्पों पर काम करके वायु प्रदूषण कम किया जा सकता है। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने पूछा कि इसके लिए काम शुरू कब से होगा। नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय ने भी प्रदूषण खत्म करने के संबंध में कई सवाल किए। सिविल लाइंस स्थित एक होटल में प्रेजेंटेशन के दौरान एसएसपी केएस इमैनुअल, एडीए सचिव वंदना त्रिपाठी, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ.एसपी सिंह समेत नगर निगम, एडीए, जलकल विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, रोडवेज, आरटीओ, यातायात विभागों के अफसर मौजूद थे।
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डॉ.प्रेस्टो ने पीट्सबर्ग में 1930 से अब तक वायु प्रदूषण खत्म करने के लिए हुए कामों का प्रेजेंटेशन किया। बताया कि वायु प्रदूषण खत्म करने के लिए अलग संविधान बनाया गया। फिर से सख्ती से लागू करने के साथ लगातार मॉनीटरिंग की गई। जगह-जगह सेंसर लगाए गए ताकि प्रदूषण का पता चल सके। इसमें जागरूकता का भी अहम योगदान रहा। उन्होंने पीट्सबर्ग की तर्ज पर यहां भी काम करने की बात कही। कहा कि इलाहाबाद बेहद घनी आबादी वाला शहर है। यहां किसी एक मोहल्ले में वायु प्रदूषण खत्म करने की शुरूआत करनी होगी। लगातार प्रदूषण लेविल की मॉनीटरिंग के साथ डाटा एकत्र कर इससे आम लोगों को अवगत कराना होगा, ताकि वह वायु प्रदूषण के खतरों को जान सकें। धीरे-धीरे पूरे शहर में इसी तरह काम करना होगा।
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कहा कि वायु प्रदूषण के संबंध में भारत सरकार के एक्ट को लागू कर गंभीरता से कार्य करना होगा। इसमें सेंसर और जागरूकता की भूमिका अहम होगी। कहा कि यूएसटीडीए तय करेगा कि इलाहाबाद में इसके लिए आगे क्या करना है। डीएम संजय कुमार ने जागरूकता पर बल दिया। दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पुरानी गाड़ियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। सप्ताह में एक दिन गाड़ी न चलाने का प्रयोग भी सफल रहा। यहां पॉलीथिन पर लगाम लगाने के साथ इन विकल्पों पर काम करके वायु प्रदूषण कम किया जा सकता है। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने पूछा कि इसके लिए काम शुरू कब से होगा। नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय ने भी प्रदूषण खत्म करने के संबंध में कई सवाल किए। सिविल लाइंस स्थित एक होटल में प्रेजेंटेशन के दौरान एसएसपी केएस इमैनुअल, एडीए सचिव वंदना त्रिपाठी, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ.एसपी सिंह समेत नगर निगम, एडीए, जलकल विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, रोडवेज, आरटीओ, यातायात विभागों के अफसर मौजूद थे।
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