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करोड़ों की जमीन के आवंटन में घपला

Sun, 23 Aug 2015 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 23 Aug 2015 02:05 AM IST
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इलाहाबाद। नैनी में सरस्वती हाईटेक औद्योगिक टाउनशिप के शिलान्यास के ठीक पहले उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) में बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। यहां एक कर्मचारी ने बिना विज्ञापन निकाले उद्योग लगाने के लिए प्लाट आवंटित कर दिया। प्लाट के उप विभाजन शुल्क सहित कई अन्य मामलों में भी कर्मचारी ने लाखों रुपये का वारान्यारा भी किया। यह काम यूपीएसआईडीसी के अफसरों की शह मिले बिना संभव नहीं है। वित्तीय अनियमितता में यूपीएसआईडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) ने कर्मचारी के खिलाफ जार्जटाउन थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है।
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यूपीएसआईडीसी में सहायक श्रेणी द्वितीय के पद पर तैनात विपिन कुमार शुक्ला ने औद्योगिक क्षेत्र में भूखंड संख्या जी-76 एक व्यक्ति को बिना विज्ञापन कराए आवंटित कर दिया। इसके लिए लाखों रुपये वसूलने के बाद शुक्ला ने अगस्त 2014 में प्रोसेसिंग फीस, धरोहर राशि एवं आरक्षण धनराशि के रूप में क्रमश: दो हजार, एक लाख 94 हजार 400 एवं एक लाख 89 हजार रुपये जमा कराए। अल्लापुर के एक व्यक्ति ने आरएम से शिकायत कर बताया कि विपिन कुमार शुक्ला ने यह रकम भूखंड हस्तांतरण के लिए ली, जबकि 3.78 लाख रुपये नकद यह कर लिए कि मांग पत्र बनवाकर जमा कर देंगे। एक अन्य शिकायत भी आई कि शुक्ला ने भूखंड सी-37 के उप विभाजन के मद में 3.78 लाख रुपये लिए। सभी मांग पत्र एक ही व्यक्ति के हस्ताक्षर से जमा कराए गए।
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भूखंड संख्या सी-37 में एक और बड़ा खेल हुआ। इसके आवंटी ने मई में आरएम को सूचित किया कि उप विभाजन का पत्र (संख्या 162) 11 जून 2012 को दिया गया। इसके लिए 3.78 लाख रुपये उप विभाजन शुल्क लिया गया, जबकि पत्र संख्या 162 उस तिथि में कार्यालय से जारी ही नहीं हुआ। शुक्ला का खेल यहीं नहीं रुका। पूर्व में आवंटित भूखंड संख्या सी-27 पर उसने किसी अन्य व्यक्ति को काबिज करा दिया। इसके लिए शुक्ला ने फर्जी हस्ताक्षर भी किए। तय है कि इतना बड़ा खेल विपिन कुमार शुक्ला अकेले नहीं कर सकता। मामला सामने आने के पहले ही शुक्ला 25 अप्रैल से फरार है। आरएम दिनेश सोनकर ने शुक्ला सहित एक अन्य व्यक्ति लाल परेखा विश्वकर्मा के खिलाफ इन मामलों में जार्जटाउन थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। आरएम का कहना है कि शुक्ला को निलंबित करने की संस्तुति कर फाइल एमडी को भेजी गई है।
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