{"_id":"87c09438fb886631241c0c0be05b5f48","slug":"allahabad-news-hindi-news-743","type":"story","status":"publish","title_hn":"सख्ती के बाद सुरक्षा पर गंभीर हुई सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सख्ती के बाद सुरक्षा पर गंभीर हुई सरकार
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Tue, 02 Feb 2016 01:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट की सुरक्षा फूलप्रूफ बनाने के मुद्दे पर कोर्ट के सख्त तेवर देखते हुए सरकार इस बार गंभीर नजर आई। सोमवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन तीन विभागों के प्रमुख सचिवों के साथ वृहदपीठ के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने सुरक्षा संबंधी सभी इंतजामों की प्रगति पर सिलसिलेवार जानकारी दी। भरोसा दिलाया कि समय सीमा के भीतर सभी काम पूरे करा लिए जाएंगे। उन्होंने कोर्ट को जारी कार्य की जमीनी हकीकत से अवगत कराया। वृहदपीठ ने सरकार को 28 फरवरी तक सुरक्षा संबंधी सभी इंतजाम पूरे कर लेने का निर्देश दिया है। वृहदपीठ प्रगति जानने के लिए 25 फरवरी को पुन: इस मामले की सुनवाई करेगी।
प्रमुख सचिव ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट की सुरक्षा के लिए एक डिप्टी एसपी के नेतृत्व में 197 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसमें एक इंस्पेक्टर, सात सब इंस्पेक्टर, 30 रेडियो ऑपरेटर और शेष हेडकांस्टेबल और कांस्टेबल होंगे। आवश्यकता पड़ने पर इस संख्या को बढ़ाया जा सकता है। सुरक्षा उपकरणों को लगाने का काम भी जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा। कंट्रोलरूम का निर्माण कार्य शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके पूरा होते ही सुरक्षा उपकरण डीएफएमटी, लगेज स्कैनर आदि चालू कर दिया जाएगा। 180 सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पूरा हो चुका है। कैमरों ने काम करना भी शुरू कर दिया है। कुछ कार्यों के लिए रक्षा मंत्रालय भारत सरकार से अनुमति मांगी गई है। उम्मीद है कि 15 दिनों के भीतर इजाजत मिल जाएगी।
मुख्य सचिव ने जिला अदालतों को मूलभूत सुविधाएं देने और वीडियो कांफ्रेंसिंग से जोड़ने के बाबत जानकारी दी। 30 जून तक जिला कचहरियों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य पूरा हो जाएगा। एक जुलाई तक सभी जिला अदालतों को अलग बिजली का फीडर उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस पर 89 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। 110 परिवार न्यायालयों के गठन की प्रक्रिया भी चल रही है।
विज्ञापन
वृहदपीठ ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रमुख सचिव न्याय के पद पर अभी तक कोई नियुक्ति न कर पाने पर नाखुशी जाहिर की है। मुख्य सचिव से पूछा है कि इतने महत्वपूर्ण पद को इतने लंबे समय तक खाली रखने का क्या औचित्य है। अगली सुनवाई 26 फरवरी को इस बारे में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। वृहदपीठ ने ई-स्टैम्पिंग रूल्स लागू न करने पर भी चिंता जाहिर की। प्रमुख सचिव ने तीन सप्ताह में इसे लागू करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट की सुरक्षा के लिए एक डिप्टी एसपी के नेतृत्व में 197 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसमें एक इंस्पेक्टर, सात सब इंस्पेक्टर, 30 रेडियो ऑपरेटर और शेष हेडकांस्टेबल और कांस्टेबल होंगे। आवश्यकता पड़ने पर इस संख्या को बढ़ाया जा सकता है। सुरक्षा उपकरणों को लगाने का काम भी जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा। कंट्रोलरूम का निर्माण कार्य शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके पूरा होते ही सुरक्षा उपकरण डीएफएमटी, लगेज स्कैनर आदि चालू कर दिया जाएगा। 180 सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पूरा हो चुका है। कैमरों ने काम करना भी शुरू कर दिया है। कुछ कार्यों के लिए रक्षा मंत्रालय भारत सरकार से अनुमति मांगी गई है। उम्मीद है कि 15 दिनों के भीतर इजाजत मिल जाएगी।
विज्ञापन
मुख्य सचिव ने जिला अदालतों को मूलभूत सुविधाएं देने और वीडियो कांफ्रेंसिंग से जोड़ने के बाबत जानकारी दी। 30 जून तक जिला कचहरियों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य पूरा हो जाएगा। एक जुलाई तक सभी जिला अदालतों को अलग बिजली का फीडर उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस पर 89 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। 110 परिवार न्यायालयों के गठन की प्रक्रिया भी चल रही है।
विज्ञापन
वृहदपीठ ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रमुख सचिव न्याय के पद पर अभी तक कोई नियुक्ति न कर पाने पर नाखुशी जाहिर की है। मुख्य सचिव से पूछा है कि इतने महत्वपूर्ण पद को इतने लंबे समय तक खाली रखने का क्या औचित्य है। अगली सुनवाई 26 फरवरी को इस बारे में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। वृहदपीठ ने ई-स्टैम्पिंग रूल्स लागू न करने पर भी चिंता जाहिर की। प्रमुख सचिव ने तीन सप्ताह में इसे लागू करने का आश्वासन दिया है।