फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   allahabad news

तबीयत बिगड़ने पर बेली भेजे गए संत बालकदास

Tue, 19 Jan 2016 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद Updated Tue, 19 Jan 2016 12:34 AM IST
विज्ञापन
allahabad news
मेला प्रशासन के शिविर में अनशन पर बैठे माधोदास के शिष्य बालकदास की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें प्रशासन ने देर रात धरनास्थल से उठाकर बेली अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। उनके साथ माधोदास भी अस्पताल ले जाए गए। धरनास्थल पर मौजूद बाकी संतों को भी वहां से हटा दिया गया। शाम को डॉक्टरों की टीम ने जांच में बालकदास की हालत को गंभीर बताया जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाने का फैसला किया गया। अनशन स्थल से बालक दास को हटाए जाने की सूचना पर खलबली रही। धरनास्थल के पास पीएसी और पुलिस तैनात थी।
विज्ञापन


इससे पहले कमिश्नर के साथ दो घंटे की बैठक बेनतीजा रही। सोमवार को कमिश्नर ने दोनों गुटों के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश की और दो घंटे तक उनके साथ बैठक भी की लेकिन कोई हल नहीं निकला। दोनों गुट अपनी-अपनी जिद पर अड़े रहे और कोई हल नहीं निकल सका।
विज्ञापन


एक गुट का नेतृत्व कर रहे माधोदास और दूसरे गुट का नेतृत्व कर रहे संतोषदास से कमिश्नर राजन शुक्ला ने पूछा कि उनकी क्या मांगे हैं। माधोदास ने कहा कि पिछले बार उन्हें जहां जमीन मिली थी, इस पर भी वहीं आवंटित की जाए। वहीं संतोषदास का कहना था कि वह जमीन मेला प्रशासन पहले ही दूसरे को आवंटित कर चुका है। ऐसे में माधोदास के लिए खाक चौक के संत वह जमीन नहीं छोड़ेंगे। उन्हें कहीं और जाना पड़ेगा। कमिश्नर ने दोनों गुटों से बीच का रास्ता निकालने का आग्रह किया लेकिन दोनों ही पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। इस बीच माधोदास ने खाक चौक की जमीन संबंधी हाईकोर्ट से दाखिल याचिका वापस ले ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed