फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   allahabad news

स्कूल कैंटीन में नहीं चलेगा पिज्जा-बर्गर, चिप्स

Fri, 08 Jan 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 08 Jan 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
allahabad news
 केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों में जंक फूड की बिक्री और उसके प्रयोग करने पर रोक लगा दी है। बोर्ड ने इसकी जगह पर स्वास्थ्य वर्द्धक स्नैक्स के प्रयोग की बात कही है। सीबीएसई ने अपने से जुड़े स्कूलों के बाहर 200 मीटर की परिधि तक फास्ट फूड की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है। सीबीएसई ने चिप्स, फ्राइड फूड, कार्बोनेटेड ड्रिंक, तैयार नूडल्स, पिज्जा, बर्गर, पोटैटो फ्राई, कन्फेक्शनरी आइटम चाकलेट, कैंडी, समोसा, ब्रेड पकौड़ा सहित स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सामग्री को स्कूल की कैंटीन में बिक्री पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन


सीबीएसई की ओर से फास्ट फूड पर रोक लगाने का निर्णय स्कूल की कैंटीन में मिलने वाले खाद्य पदार्थों से मोटापा, सॉल्ट शुगर से जुड़ी बीमारी के बढ़ने के कारण लिया है। इनके अधिकाधिक प्रयोग से बच्चों को डायबीटिज, हाइपरटेंशन, वसा असंतुलन, क्रोनिक इनफ्लेमेशन, दिल की बीमारी हो रही है। स्कूली बच्चों में बढ़ रही बीमारी को देखते हुए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इसके लिए एक कार्यदल का गठन किया, इसी कार्यदल की रिपोर्ट के आधार पर सीबीएसई ने स्कूलों में जंक फूड पर रोक लगाई गई है।
विज्ञापन


सीबीएसई के सचिव जोसफ इमैनुएल की ओर से जारी सूचना में स्कूल के प्रधानाचार्यों से कहा गया है कि वह स्कूल कैंटीन प्रबंधन के लिए सात से दस सदस्यीय एक कमेटी का गठित करें। यह कमेटी बच्चों को मिलने वाली खाद्य सामग्री में सीबीएसई की ओर से जारी गाइड लाइन को लागू करवाएगी। कमेटी में शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी एवं कैंटीन के संचालक शामिल होंगे। यह कमेटी कैंटीन में तैयार होने वाली खाद्य सामग्री का निर्धारण भी करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीबीएसई ने अभिभावकों से भी बच्चों को स्वस्थ रहने के लिए खेल की गतिविधियों से जोड़ने, खान-पान ठीक करने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करने, टिफिन में पौष्टिक सामग्री के साथ स्वास्थ्य वर्द्धक रहन-सहन को प्रेरित करने की बात कही है। अभिभावकों से बच्चों को खेल से जुड़े उपकरण उपलब्ध कराने, शारीरिक क्षमता के विकास के लिए बाल, स्कीपिंग रोप एवं साइकिल चलाने की आदत का विकास करने की बात कही है। बच्चों को घर में खाने के बाद टहलने की आदत विकसित करने एवं टेलीविजन के उपयोग को सीमित करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed