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गंगा प्रदूषण मुद्दे पर आंदोलन का आगाज
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 30 Dec 2015 11:48 PM IST
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गंगा में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ आंदोलन का आगाज हो गया है। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार तीर्थ पुरोहितों ने बुधवार को संगम तट पर सांकेतिक उपवास और धरना-प्रदर्शन किया। दंडी संन्यासी पहले ही आंदोलन की घोषणा कर चुके हैं। बुधवार शाम अखिल भारतीय दंडी संन्यासी समिति के महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम मेला क्षेत्र में पहुंच गए। दंडी संन्यासियों का आंदोलन बृहस्पतिवार से शुरू होगा।
प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद गंगा प्रदूषण की स्थिति में थोड़ा सुधार भी नहीं हुआ। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भले ही अपनी रिपोर्ट में सबकुछ ठीक होने का दावा किया हो लेकिन मौके पर हालात अच्छे नहीं हैं। गंगा जल में कालापन बना हुआ है। गंगा की अविरल एवं निर्मल धारा और प्रदूषण मुक्ति को लेकर तीर्थ पुरोहितों ने बुधवार को सांकेतिक उपवास किया और प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन के जरिये मांग की कि वह अपने वादों को पूरा करें और गंगा को प्रदूषण से मुक्ति दिलाएं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री को भी एक ज्ञापन प्रेषित कर मेले में व्याप्त खामियों को दूर कराए जाने की मांग की। तीर्थ पुरोहितों के आंदोलन का समर्थन करने मौके पर पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार को आगाह करते हुए कहा कि गंगा की अविरल एवं निर्मल धारा के लिए बांधों की संख्या को कम किया जाए और उद्गम स्थल से पूरा जल छोड़ा जाए, तभी गंगा को प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।
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धरना एवं उपवास का नेतृत्व कर रहे मधु चकहा और संचालन कर रहे नैतिक विकास संस्थान के अध्यक्ष श्याम सूरत पांडेय ने कहा कि जब तक गंगा की धारा निर्मल एवं अविरल नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान युवराज मिश्र, हरि जगन्नाथ, डॉ. प्रकाश मिश्र, देवानंद शर्मा, अमित वैद्य, राजेश श्रीवास्तव, विष्णु, अवधेश त्रिपाठी, राहुल तिवारी, महेश निषाद, बिक्कू निषाद, उदय चंद्र मिश्र, संतोष कुमार भारद्वाज, राजेश त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
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प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद गंगा प्रदूषण की स्थिति में थोड़ा सुधार भी नहीं हुआ। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भले ही अपनी रिपोर्ट में सबकुछ ठीक होने का दावा किया हो लेकिन मौके पर हालात अच्छे नहीं हैं। गंगा जल में कालापन बना हुआ है। गंगा की अविरल एवं निर्मल धारा और प्रदूषण मुक्ति को लेकर तीर्थ पुरोहितों ने बुधवार को सांकेतिक उपवास किया और प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन के जरिये मांग की कि वह अपने वादों को पूरा करें और गंगा को प्रदूषण से मुक्ति दिलाएं।
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इसके अलावा मुख्यमंत्री को भी एक ज्ञापन प्रेषित कर मेले में व्याप्त खामियों को दूर कराए जाने की मांग की। तीर्थ पुरोहितों के आंदोलन का समर्थन करने मौके पर पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार को आगाह करते हुए कहा कि गंगा की अविरल एवं निर्मल धारा के लिए बांधों की संख्या को कम किया जाए और उद्गम स्थल से पूरा जल छोड़ा जाए, तभी गंगा को प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।
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धरना एवं उपवास का नेतृत्व कर रहे मधु चकहा और संचालन कर रहे नैतिक विकास संस्थान के अध्यक्ष श्याम सूरत पांडेय ने कहा कि जब तक गंगा की धारा निर्मल एवं अविरल नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान युवराज मिश्र, हरि जगन्नाथ, डॉ. प्रकाश मिश्र, देवानंद शर्मा, अमित वैद्य, राजेश श्रीवास्तव, विष्णु, अवधेश त्रिपाठी, राहुल तिवारी, महेश निषाद, बिक्कू निषाद, उदय चंद्र मिश्र, संतोष कुमार भारद्वाज, राजेश त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।