{"_id":"b76499567083b80afd4e232d5ec8f8eb","slug":"allahabad-news-hindi-news-513","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब होगा रेलवे का अपना मोबाइल नेटवर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब होगा रेलवे का अपना मोबाइल नेटवर्क
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 30 Dec 2015 12:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अन्य मोबाइल कंपनियों की तरह निकट भविष्य में रेलवे का भी अपना मोबाइल फोन नेटवर्क होगा। इस व्यवस्था से चलती ट्रेन में रेलवे का रनिंग स्टाफ स्टेशनों एवं कंट्रोल ऑफिस से मोबाइल फोन पर अविलंब संपर्क कर सकेगा। मोबाइल ट्रेन रेडियो कम्युनिकेशन (एमटीआरसी) प्रणाली का यह प्रयोग उत्तर मध्य रेलवे के आगरा, झांसी मंडल एवं पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में सफल भी साबित हुआ है। इसे अब देशभर में लागू करने की तैयारी है।
चलती ट्रेन में मोबाइल नेटवर्क में आने वाले व्यवधान को देखते हुए रेलवे में लंबे समय से मंथन जारी था कि वह अपना खुद का मोबाइल नेटवर्क स्थापित करे ताकि रेलवे का रनिंग स्टाफ चलती ट्रेन में आवश्यकतानुसार रेलवे स्टेशनों या कंट्रोल ऑफिस से संपर्क कर सके। इसके लिए प्रयोग के तौर पर उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में एमटीआरसी का इस्तेमाल किया गया। भारतीय रेल परियोजना प्रबंधन इकाई (आरपीएमयू) की मदद से यह प्रणाली कारगर सिद्ध हुई।
बता दें कि एमटीआरसी एक ऐसी प्रणाली है जिसके अंतर्गत रेलवे अन्य मोबाइल कंपनियों केसमान अपना मोबाइल फोन नेटवर्क स्थापित कर रही है। इससे लोको पॉयलट कंट्रोल ऑफिस से अविलंब मोबाइल संपर्क कर सकेंगे। रेलवे केमोबाइल नेटवर्क की विशेषता यह है कि यह नेटवर्क रेल पटरियों के आसपास ही रहेगा। साथ ही चलती ट्रेन पर उपलब्ध लोको पॉयलट या अन्य रनिंग स्टाफ को निरंतर नेटवर्क की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। इस व्यवस्था से रेल परिचालन एवं संरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। अब यही प्रक्रिया बाकी जोनल रेलवे भी अपनाने जा रहे हैं। बीते दिनों जबलपुर मुख्यालय में हुई पश्चिम मध्य रेलवे की दूरसंचार मानक समिति की बैठक में महाप्रबंधक रमेश चंद्रा ने भी निकट भविष्य में एमटीआरसी केइस्तेमाल की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन
चलती ट्रेन में मोबाइल नेटवर्क में आने वाले व्यवधान को देखते हुए रेलवे में लंबे समय से मंथन जारी था कि वह अपना खुद का मोबाइल नेटवर्क स्थापित करे ताकि रेलवे का रनिंग स्टाफ चलती ट्रेन में आवश्यकतानुसार रेलवे स्टेशनों या कंट्रोल ऑफिस से संपर्क कर सके। इसके लिए प्रयोग के तौर पर उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में एमटीआरसी का इस्तेमाल किया गया। भारतीय रेल परियोजना प्रबंधन इकाई (आरपीएमयू) की मदद से यह प्रणाली कारगर सिद्ध हुई।
विज्ञापन
बता दें कि एमटीआरसी एक ऐसी प्रणाली है जिसके अंतर्गत रेलवे अन्य मोबाइल कंपनियों केसमान अपना मोबाइल फोन नेटवर्क स्थापित कर रही है। इससे लोको पॉयलट कंट्रोल ऑफिस से अविलंब मोबाइल संपर्क कर सकेंगे। रेलवे केमोबाइल नेटवर्क की विशेषता यह है कि यह नेटवर्क रेल पटरियों के आसपास ही रहेगा। साथ ही चलती ट्रेन पर उपलब्ध लोको पॉयलट या अन्य रनिंग स्टाफ को निरंतर नेटवर्क की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। इस व्यवस्था से रेल परिचालन एवं संरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। अब यही प्रक्रिया बाकी जोनल रेलवे भी अपनाने जा रहे हैं। बीते दिनों जबलपुर मुख्यालय में हुई पश्चिम मध्य रेलवे की दूरसंचार मानक समिति की बैठक में महाप्रबंधक रमेश चंद्रा ने भी निकट भविष्य में एमटीआरसी केइस्तेमाल की बात कही।
विज्ञापन