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तो शिक्षिका ने खुद जहर खाकर की थी आत्महत्या
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 29 Dec 2015 11:59 PM IST
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यमुनापार के कोरांव इलाके के जंगल में महिला शिक्षिका की हत्या के मामले में पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को मंगलवार शाम हिरासत में लिया तो नया खुलासा हुआ। पकड़े गए व्यक्ति का कहना है कि शिक्षिका उससे मिलने पहुंची तो वह जहर निगल चुकी थी। उसके सामने कुछ ही मिनटों में वह बेहोश होकर गिर गई थी। ऐसे में वह घबराकर भाग गया था। उसने पुलिस को बताया कि शिक्षिका घरेलू कलह से परेशान थी।
कोरांव के किलोरिया गांव की मधुबाला का ब्याह मिर्जापुर के लालगंज इलाके में तिलांव निवासी त्रिलोकीनाथ से हुआ था। पति सूरत में नौकरी करता है। मधुबाला सरकारी स्कूल में सहायक अध्यापिका थी। वह दो बच्चों के साथ ससुराल में रहती थी। वह शनिवार सुबह स्कूटी पर घर से स्कूल को निकली मगर दोपहर बाद कोरांव के गोबरी जंगल में उसकी लाश मिली। वहीं स्कूटी भी थी। तब अनुमान था कि उसे गला घोंटकर मारा गया होगा लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसकी मौत का कारण जहर था। गांव वालों से यह भी पता चला कि वह खुद जंगल की तरफ गई जहां उसे शिव मंदिर के बाहर दो लोगों के साथ देखा गया था।
मधुबाला का मोबाइल भी गायब था। पुलिस ने कॉल डिटेल निकाली तो शनिवार मधुबाला और खजुरी के हंसराज पटेल के बीच कई बार बातचीत का पता चला। हंसराज फरार था। मंगलवार शाम वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसे कोरांव थाने लाकर सीओ जीतेंद्र दुबे ने भी देर तक पूछताछ की। उसने कहा कि पड़ोसी गांव की होने की वजह से मधुबाला से उसकी बचपन से ही दोस्ती थी। शादी के बाद भी मधुबाला उससे बात करती और मिलती रही। पति और देवर से अक्सर झगडे की बात वह उसे बताती थी। शनिवार सुबह पांच बजे से मधुबाला ने ही उसे बार-बार फोनकर आखिरी बार मिलने के लिए कहा। वह दोपहर में गोबरी जंगल के पास था जहां उसे एक ठेका मिला है।
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वहां मधुबाला खुद आ गई और मिलते ही कहा कि वह उसे आखिरी बार देखना चाहती थी। फिर वह तड़पते हुए गिरी तो वह घबराकर अपने ड्राइवर के साथ भाग गया। मधुबाला और खुद का मोबाइल फोन भी फेंक दिया था। पुलिस का कहना है कि अब यह खुदकुशी का केस लग रहा है। हालांकि हंसराज आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ 2003 में हत्या का केस दर्ज हुआ जबकि कत्ल की कोशिश का भी एक मुकदमा है।
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कोरांव के किलोरिया गांव की मधुबाला का ब्याह मिर्जापुर के लालगंज इलाके में तिलांव निवासी त्रिलोकीनाथ से हुआ था। पति सूरत में नौकरी करता है। मधुबाला सरकारी स्कूल में सहायक अध्यापिका थी। वह दो बच्चों के साथ ससुराल में रहती थी। वह शनिवार सुबह स्कूटी पर घर से स्कूल को निकली मगर दोपहर बाद कोरांव के गोबरी जंगल में उसकी लाश मिली। वहीं स्कूटी भी थी। तब अनुमान था कि उसे गला घोंटकर मारा गया होगा लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसकी मौत का कारण जहर था। गांव वालों से यह भी पता चला कि वह खुद जंगल की तरफ गई जहां उसे शिव मंदिर के बाहर दो लोगों के साथ देखा गया था।
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मधुबाला का मोबाइल भी गायब था। पुलिस ने कॉल डिटेल निकाली तो शनिवार मधुबाला और खजुरी के हंसराज पटेल के बीच कई बार बातचीत का पता चला। हंसराज फरार था। मंगलवार शाम वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसे कोरांव थाने लाकर सीओ जीतेंद्र दुबे ने भी देर तक पूछताछ की। उसने कहा कि पड़ोसी गांव की होने की वजह से मधुबाला से उसकी बचपन से ही दोस्ती थी। शादी के बाद भी मधुबाला उससे बात करती और मिलती रही। पति और देवर से अक्सर झगडे की बात वह उसे बताती थी। शनिवार सुबह पांच बजे से मधुबाला ने ही उसे बार-बार फोनकर आखिरी बार मिलने के लिए कहा। वह दोपहर में गोबरी जंगल के पास था जहां उसे एक ठेका मिला है।
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वहां मधुबाला खुद आ गई और मिलते ही कहा कि वह उसे आखिरी बार देखना चाहती थी। फिर वह तड़पते हुए गिरी तो वह घबराकर अपने ड्राइवर के साथ भाग गया। मधुबाला और खुद का मोबाइल फोन भी फेंक दिया था। पुलिस का कहना है कि अब यह खुदकुशी का केस लग रहा है। हालांकि हंसराज आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ 2003 में हत्या का केस दर्ज हुआ जबकि कत्ल की कोशिश का भी एक मुकदमा है।