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तीर्थ यात्रियों का बेड़ा पार करेंगी 1100 बसें
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 23 Dec 2015 12:26 AM IST
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अगले वर्ष से संगम तीरे लगने वाले माघ मेले के लिए रोडवेज ने अपनी तैयारी करनी शुरू कर दी है। इस बार मेला अवधि ज्यादा होने की वजह से रोडवेज ने पिछले साल के मुकाबले अतिरिक्त व्यवस्था भी करने जा रहा है। फिलहाल रोडवेज प्रशासन ने मेला अवधि के लिए 1100 बसों का इंतजाम करने का निर्णय लिया है। इन बसों का संचालन मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि की अवधि तक होगा।
माघ मेले का पहला स्नान पर्व 14-15 जनवरी 2016 को है। इसके बाद पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी और महाशिवरात्रि का स्नान पर्व है। महाशिवरात्रि का स्नान पर्व सात मार्च को है। ऐसे में मेले की अवधि इस बार काफी लंबी है। मेले की लंबी अवधि को देखते हुए पिछले साल के मुकाबले ज्यादा श्रृद्धालुओं के आने की संभावना भी मेला प्रशासन द्वारा व्यक्त की जा रही है। इसे देखते हुए रोडवेज ने भी मेले को लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
रोडवेज द्वारा मेला अवधि में 1100 अतिरिक्त बसों को चलाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक ने लखनऊ, कानपुर, झांसी, वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़ आदि परिक्षेत्र से अतिरिक्त बसों की डिमांड की है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक डा. हरिशचंद्र यादव ने बताया कि माघ मेले के दौरान हर साल आसपास के परिक्षेत्र से अतिरिक्त बसें मंगाई जाती है, जबकि कुंभ मेले में यूपी के सभी परिक्षेत्र से यात्रियों की सुविधा के लिए बसें मंगाई जाती है। क्षेत्रीय प्रबंधक के अनुसार जरूरत पड़ने पर 1100 बसों के अलावा अतिरिक्त बसों की भी व्यवस्था की जा सकती है।
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माघ मेले का पहला स्नान पर्व 14-15 जनवरी 2016 को है। इसके बाद पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी और महाशिवरात्रि का स्नान पर्व है। महाशिवरात्रि का स्नान पर्व सात मार्च को है। ऐसे में मेले की अवधि इस बार काफी लंबी है। मेले की लंबी अवधि को देखते हुए पिछले साल के मुकाबले ज्यादा श्रृद्धालुओं के आने की संभावना भी मेला प्रशासन द्वारा व्यक्त की जा रही है। इसे देखते हुए रोडवेज ने भी मेले को लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
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रोडवेज द्वारा मेला अवधि में 1100 अतिरिक्त बसों को चलाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक ने लखनऊ, कानपुर, झांसी, वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़ आदि परिक्षेत्र से अतिरिक्त बसों की डिमांड की है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक डा. हरिशचंद्र यादव ने बताया कि माघ मेले के दौरान हर साल आसपास के परिक्षेत्र से अतिरिक्त बसें मंगाई जाती है, जबकि कुंभ मेले में यूपी के सभी परिक्षेत्र से यात्रियों की सुविधा के लिए बसें मंगाई जाती है। क्षेत्रीय प्रबंधक के अनुसार जरूरत पड़ने पर 1100 बसों के अलावा अतिरिक्त बसों की भी व्यवस्था की जा सकती है।
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