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भड़के तीर्थ पुरोहित, भूमि आवंटन रुका

Fri, 18 Dec 2015 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 18 Dec 2015 12:41 AM IST
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 भूमि आवंटन में मेला प्रशासन की मनमानी ने नया विवाद खड़ा कर दिया। तीर्थ-पुरोहितों को अंधेरे में रखकर उनके हिस्से की जमीन किसी और को आवंटित की जा रही थी। सूचना मिलते ही प्रयागवाल सभा के तीर्थ पुरोहित मौके पर पहुंच गए और इसका विरोध किया। जमीन दंडी संन्यासियों की दी जा रही थी। दंडी संन्यासी भी उस जगह आवंटन के लिए भूमि पूजन कर चुके थे, सो वे भी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। विवाद की स्थिति में आवंटन बीच में रोक दिया गया। देर शाम तक प्रयागवाल से जुड़े कुछ लोगों को मनाने की कवायद होती रही। तय हुआ कि मोरी मार्ग का एक हिस्सा पर दंडी संन्यासियों और दूसरे हिस्सा पर प्रयागवाल सभा को दिया जाएगा।
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माघ मेला क्षेत्र की काफी जमीन इस बार गंगा में कटान की भेंट चढ़ गई। इसमें गंगोली मार्ग भी शामिल है, जहां दंडी संन्यासियों को जमीन आवंटित की जाती थी। दंडी संन्यासियों को जब दूर बसाए जाने की बात हुई तो उन्होेंने विरोध शुरू कर दिया। सूत्रों के मुताबिक अफसरों ने दंडी संन्यासियों को मनाने के लिए उन्हें मोरी मार्ग पर जमीन आवंटित करने का वादा कर लिया जबकि पूर्व में यह जमीन प्रयागवाल सभा को आवंटित की जाती रही है। अफसरों ने इतना बड़ा फैसला कर लिया और प्रयागवाल सभा को इसकी जानकारी भी नहीं दी। बृहस्पतिवार को दंडी संन्यासियों को मोरी मार्ग पर भूमि आवंटित की जाने लगी तो प्रयागवाल सभा से जुड़े कुछ लोगों को इसकी भनक लगी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर विरोध शरू कर दिया।
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उनका दावा था कि मोरी मार्ग की 99 फीसदी जमीन प्रयागवाल सभा को आवंटित की जाती है, सो दूसरों को जमीन क्यों दी जा रही है। उधर, दंडी संन्यासी भी पीछे हटाने को तैयार नहीं थे। वे भूमि पूजन कर चुके थे। अफसर दोनोें तरफ से फंस चुके थे, सो प्रयागवाल से जुड़े कुछ लोगों को मनाने की कवायद शुरू हो गई। सूत्रों के मुताबिक आधिकारिक रूप से तो दोनों पक्षों में कोई समझौता नहीं हुआ लेकिन अनौपचारिक रूप से सहमति बन गई कि मोरी मार्ग पर उत्तरी पट्टी की जमीन दंडी संन्यासियों और दक्षिणी पट्टी की जमीन प्रयागवाल सभा को दी जाएगी। जगह कम पड़ी तो बाकी तीर्थपुरोहित को आसपास किसी दूसरी जगह जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी।
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उधर, प्रभारी अधिकारी माघ मेला हरिओम शर्मा का दावा है कि दंडी संन्यासियों को भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रयागवाल सभा को भी जमीन दी जाएगी। सबको कहीं न कहीं समायोजित किया जाएगा। भूमि आवंटन को लेकर अब कोई विवाद नहीं है। वहीं, प्रयागवाल सभा के प्रतिनिधि प्रकाश मिश्र ने इस पर विरोध जताया है। उनका दावा है कि मोरी मार्ग की जमीन हमेशा से प्रयागवाल सभा को मिलती रही है। प्रशासन ने प्रयागवाल सभा को अंधेरे में रखकर उसकी जमीन दंडी संन्यासियों को आवंटित कर दी। इसका विरोध होगा। वह आवंटन प्रक्रिया से सहमत नहीं हैं।
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