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पांटून पुल की मांग को लेकर भड़के दंडी संन्यासी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 01 Dec 2015 11:57 PM IST
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माघ मेला क्षेत्र का मंगलवार को निरीक्षण करने पहुंचे दंडी संन्यासी गंगोली शिवाला मार्ग पर पांटून पुल न बनाए जाने से भड़क गए। गंगोली शिवाला मार्ग के बजाए मोरी मार्ग पर पांटून पुल बनाए जाने की जानकारी पाते ही उन्होंने मेला प्रशासन कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उनकी मांग है गंगोली शिवाला मार्ग के बजाए दंडी संन्यासी नगर मोरी मार्ग पर बसाया जाए।
माघ मेले की शुरुआत होने से पहले ही कई विवाद खड़े हो गए हैं। गंगोली शिवाला पर पांटून पुल की मांग को लेकर पहले तीर्थ पुरोहित और अब दंडी संन्यासियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि मेला क्षेत्र में सबसे पहले दंडी संन्यासी पहुंचते हैं। उनके शिविरों में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आते हैं और माघ मास पर्यंत पूजा, अनुष्ठान, भागवत, रामकथा एवं संतों के प्रवचन होते हैं। पुल न होने से तीर्थयात्रियों एवं संन्यासियों को तमाम दुश्वारियों का सामना करना होगा।
उन्हें मीलों पैदल चलकर मोरी मार्ग वाले पांटून पुल से गंगा पार करनी होगी। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम की अगुवाई में दंडी संन्यासियों ने नाव से गंगा पार की और मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। पांटून पुल की मांग को लेकर मेला कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में आचार्यबाड़ा के भी संत, महात्मा शामिल रहे। प्रबंधन समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता आचार्य कुशमुनि के अनुसार बुधवार को मेलाधिकारी से वार्ता होगी, जिसमें आचार्यबाड़ा के संत भी शामिल होंगे।
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माघ मेले की शुरुआत होने से पहले ही कई विवाद खड़े हो गए हैं। गंगोली शिवाला पर पांटून पुल की मांग को लेकर पहले तीर्थ पुरोहित और अब दंडी संन्यासियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि मेला क्षेत्र में सबसे पहले दंडी संन्यासी पहुंचते हैं। उनके शिविरों में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आते हैं और माघ मास पर्यंत पूजा, अनुष्ठान, भागवत, रामकथा एवं संतों के प्रवचन होते हैं। पुल न होने से तीर्थयात्रियों एवं संन्यासियों को तमाम दुश्वारियों का सामना करना होगा।
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उन्हें मीलों पैदल चलकर मोरी मार्ग वाले पांटून पुल से गंगा पार करनी होगी। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम की अगुवाई में दंडी संन्यासियों ने नाव से गंगा पार की और मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। पांटून पुल की मांग को लेकर मेला कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में आचार्यबाड़ा के भी संत, महात्मा शामिल रहे। प्रबंधन समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता आचार्य कुशमुनि के अनुसार बुधवार को मेलाधिकारी से वार्ता होगी, जिसमें आचार्यबाड़ा के संत भी शामिल होंगे।
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