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दरोगा भर्ती में क्षैतिज आरक्षण की वैधता को चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 15 Sep 2015 12:01 AM IST
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दरोगा भर्ती परीक्षा 2011 में एक नया विवाद अदालत में पहुंच गया है। अभ्यर्थी आलोक कुमार सिंह और अन्य ने याचिका दाखिल कर क्षैतिज आरक्षण (विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम आश्रित और महिला) आरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 3(5) की वैधानिकता को चुनौती दी है। याचीगणों का पक्ष अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव ने रख्रा। कहा गया है कि उक्त आरक्षण के तहत आने वाले पदोें को अगली भर्ती के लिए अग्रेनीत नहीं किया जा सकता है। एक्ट की धारा को रद्द करने की मांग की गई है।
इसी प्रकार से याची अभिनव आनंद सिंह और अन्य ने याचिका दाखिल कर उपनिरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर सीधी भर्ती नियमावली 2008 की धारा 15 (झ) को चुनौती दी है। कहा गया है कि मेडिकल परीक्षा में फेल हुए 300 अभ्यर्थियों के पदों को अगली भर्ती के लिए अग्रेनीत नहीं किया जा सकता है। इन पदों को मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में ही भरा जाए। दोनों याचिकाओं पर मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। इन पर क्रमश: सात और 14 अक्तूबर को सुनवाई होगी।
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इसी प्रकार से याची अभिनव आनंद सिंह और अन्य ने याचिका दाखिल कर उपनिरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर सीधी भर्ती नियमावली 2008 की धारा 15 (झ) को चुनौती दी है। कहा गया है कि मेडिकल परीक्षा में फेल हुए 300 अभ्यर्थियों के पदों को अगली भर्ती के लिए अग्रेनीत नहीं किया जा सकता है। इन पदों को मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में ही भरा जाए। दोनों याचिकाओं पर मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। इन पर क्रमश: सात और 14 अक्तूबर को सुनवाई होगी।
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