{"_id":"a96530a76a2410a34a70fd75a911c8ca","slug":"allahabad-news-hindi-news-1072","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुराने शहर में भीषण जाम, ट्रैफिक पुलिस बनी रही बेपरवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुराने शहर में भीषण जाम, ट्रैफिक पुलिस बनी रही बेपरवाह
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 27 Feb 2016 12:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निरंजन डाटपुल के नीचे से आवागमन बंद होने के कारण शुक्रवार को शहरियों को भारी समस्या झेलनी पड़ी। सिविल लाइंस की ओर से पुराने शहर को जोड़ने के लिए यह मुख्य मार्ग है। आवागमन बंद होने के कारण आधा शहर रात तक जाम से जूझता रहा। पुराने शहर की ओर आने-जाने के लिए शहरी घंटों जाम में फंसे रहे। पुराने शहर के खुल्दाबाद, लीडर रोड, जानसेनगंज, रामबाग इलाकों में वाहन पूरे दिन रेंगते रहे। हाईकोर्ट पानी टंकी पुल पर तो वाहनों की लंबी कतार लगी रही। दस कदम की दूरी तय करने में घंटो लग गए।
सबसे ज्यादा समय स्कूली बच्चों को हुई।
निरंजन डाट पुल की मरम्मत के लिए रेलवे प्रशासन ने इस रास्ते को बंद करने की सूचना तीन दिन पहले ही दे दी थी लेकिन ट्रैफिक और इलाके की पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते जाम की समस्या नासूर बन गई। शहरियों को जाम से निकलने मे पसीने छूट गए। शुक्रवार को सुबह काम शुरू करने के लिए निरंजन डाट पुल के नीचे से आवागमन बंद कर दिया गया लेकिन पुलिस अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सुबह से हाईकोर्ट पानी टंकी पुल और रामबाग रेलवे क्रासिंग पर जाम लगने लगा। जाम के चलते रामबाग, साउथ मलाका, जानसेनगंज, खुल्दाबाद, लूकरगंज, सिविल लाइंस नवाब युसुफ रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
जल्दी निकलने के चक्कर में लोग जरा सी जगह देखकर आगे बढ़ने का प्रयास कर और मुसीबत में फंस गए। एक वाहन फंसने के बाद तो सड़क पर आवागमन थम सा गया। पानी टंकी पुल पर जाम देखकर लोग रामबाग और चौफटका की तरफ बढ़े तो वहां भी कुछ ऐसे ही हालात नजर आए। सुबह दस बजे दफ्तर जाने वाले लोग सड़क पर निकले तो जाम का दबाव और बढ़ गया। लोग जाम में फंसकर छटपटाते रहे लेकिन उन्हें बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। न तो वाहन आगे बढ़ सकते थे न ही पीछे जाने का रास्ता नजर आ रहा था। ऐसे में शहरी घंटों जाम से निकलने के लिए जूझते रहे। जाम में फंसे लोग ट्रैफिक पुलिस को कोसते रहे। हाईकोर्ट पानी टंकी चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के दरोगा और सिपाही मौजूद रहे लेकिन जाम खुलवाने में उनके पसीने छूट गए पर सफलता नहीं मिली। रात दस बजे तक हाईकोर्ट पानी टंकी पुल और रामबाग रेलवे क्रासिंग पर जाम बना रहा।
विज्ञापन
दोपहर में स्कूल से छूटे बच्चे शाम को पहुंचे घर
इलाहाबाद। स्कूली बच्चों के लिए जाम भारी मुसीबत साबित हुआ। सुबह सात बजे घरों से निकले बच्चे दिन में छुट्टी के बाद विक्रम, आटो, वैन, ट्राली रिक्शा आदि से घरों के लिए रवाना हुए लेकिन हाईकोर्ट पानी टंकी, रामबाग रेलवे क्रासिंग पर जबरदस्त जाम के कारण घंटों वहां फंसे रहे। भूख-प्यासे बच्चे जाम में बिलबिलता रहे। जाम में फंसे बच्चे डरे-सहमे स्कूल वाहनों, रिक्शों में बैठे रहे। भूख और गर्मी के कारण कई बच्चे रोने लगे। देर तक घर न पहुंचने पर अभिभावक भी परेशान रहे। हालांकि ज्यादातर अभिभावकों ने स्कूल वाहन चालकों से मोबाइल पर जानकारी ले ली।
रेलवे क्रासिंग बंद होने के बाद मच जाती अफरातफ री
इलाहाबाद। निरंजन डाट पुल बंद होने के चलते रामबाग रेलवे क्रासिंग पर भी ट्रैफिक दबाव बढ़ा हुआ था। यहां भी पूरे दिन वाहनों की लंबी लाइन पूरे दिन लगी रही। वाहन सड़क पर रेंगते हुए नजर आ रहे थे लेकिन बीच-बीच में ट्रेन के आने पर क्रासिंग बंद हो जाती। जिसके चलते वाहनों की लाइन सिविल लाइंस की तरफ मेडिकल चौराहा तक पहुंच जाती और रामबाग की तरफ तो ट्रैफिक थम सा जाता।
सड़क पर उतारने लगे गुस्सा
इलाहाबाद। हाईकोर्ट पानी टंकी के पास एक पुलिस अफसर भी अपने निजी वाहन से निकल रहे थे। वह भी जाम में फंसे तो अपना गुस्सा दूसरे वाहन चालकों पर उतारने लगे। लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। जाम के दौरान यह नजारा पूरे दिन देखने को मिलता रहा। जल्दी निकलने के चक्कर कोई जरा भी वाहन आगे बढ़ाता तो दूसरे लोग भड़क पर उठते। कई बार जाम में फंसे लोगों को दूसरे की गलती बताकर भड़ास निक ालते हुए देखा। कई बार तो नौबत मारपीट तक भी पहुंच गई।
एंबुलेंस भी जाम में फंसी
इलाहाबाद। जाम के दौरान सबसे ज्यादा मुसीबत मरीजों को हुई। जाम के झाम में एबुंलेंस भी फंस गए। करेली के नूर आलम अपनी बीमार को लेकर कॉल्विन अस्पताल पहुंचे। वहां से हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने सीधे एसआरएन ले जाने की सलाह दी। वह बीमार मां को एंबुलेंस से लेकर एसआरएन के लिए चले तो खुसरोबाग गेट के पास ही जाम में फंस गए। घंटो जाम में फंसे रहने के बाद भी रास्ता नहीं सूझा तो बाइक से मां को लूकरगंज के एक निजी अस्पताल में ले गए और वहां एडमिट करा दिया। केवल नूर ही नहीं तमाम ऐसे लोग रहे जो मरीजों को लेकर निकले। घंटो जाम में फंसे रहे।
रेलवे लाइन पार कर निकलते रहे साइकिल-बाइक सवार
इलाहाबाद। हाईकोर्ट पानी टंकी और चौफटका ओवरब्रिज जाम भीषण जाम देखकर बाइक और साइकिल सवार पैदल हावड़ा-कानपुर रेलवे लाइन पार निकलते रहे। पूरे दिन राहगीर रेलवे लाइन पार निकलते रहे। कई लोगों की बाइक पार के दौरान फंसी भी लेकिन शुक्र रहा कि ट्रेन आने के पहले बाइक निकालकर रेलवे पार कर गए। पूरे दिन रेलवे लाइन पार कर गुजरने वाले राहगीरों की भीड़ लगी रही लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं था। शुक्र रहा कि ऐसे में कोई हादसा नहीं हुआ।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा समय स्कूली बच्चों को हुई।
निरंजन डाट पुल की मरम्मत के लिए रेलवे प्रशासन ने इस रास्ते को बंद करने की सूचना तीन दिन पहले ही दे दी थी लेकिन ट्रैफिक और इलाके की पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते जाम की समस्या नासूर बन गई। शहरियों को जाम से निकलने मे पसीने छूट गए। शुक्रवार को सुबह काम शुरू करने के लिए निरंजन डाट पुल के नीचे से आवागमन बंद कर दिया गया लेकिन पुलिस अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सुबह से हाईकोर्ट पानी टंकी पुल और रामबाग रेलवे क्रासिंग पर जाम लगने लगा। जाम के चलते रामबाग, साउथ मलाका, जानसेनगंज, खुल्दाबाद, लूकरगंज, सिविल लाइंस नवाब युसुफ रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
विज्ञापन
जल्दी निकलने के चक्कर में लोग जरा सी जगह देखकर आगे बढ़ने का प्रयास कर और मुसीबत में फंस गए। एक वाहन फंसने के बाद तो सड़क पर आवागमन थम सा गया। पानी टंकी पुल पर जाम देखकर लोग रामबाग और चौफटका की तरफ बढ़े तो वहां भी कुछ ऐसे ही हालात नजर आए। सुबह दस बजे दफ्तर जाने वाले लोग सड़क पर निकले तो जाम का दबाव और बढ़ गया। लोग जाम में फंसकर छटपटाते रहे लेकिन उन्हें बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। न तो वाहन आगे बढ़ सकते थे न ही पीछे जाने का रास्ता नजर आ रहा था। ऐसे में शहरी घंटों जाम से निकलने के लिए जूझते रहे। जाम में फंसे लोग ट्रैफिक पुलिस को कोसते रहे। हाईकोर्ट पानी टंकी चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के दरोगा और सिपाही मौजूद रहे लेकिन जाम खुलवाने में उनके पसीने छूट गए पर सफलता नहीं मिली। रात दस बजे तक हाईकोर्ट पानी टंकी पुल और रामबाग रेलवे क्रासिंग पर जाम बना रहा।
विज्ञापन
दोपहर में स्कूल से छूटे बच्चे शाम को पहुंचे घर
इलाहाबाद। स्कूली बच्चों के लिए जाम भारी मुसीबत साबित हुआ। सुबह सात बजे घरों से निकले बच्चे दिन में छुट्टी के बाद विक्रम, आटो, वैन, ट्राली रिक्शा आदि से घरों के लिए रवाना हुए लेकिन हाईकोर्ट पानी टंकी, रामबाग रेलवे क्रासिंग पर जबरदस्त जाम के कारण घंटों वहां फंसे रहे। भूख-प्यासे बच्चे जाम में बिलबिलता रहे। जाम में फंसे बच्चे डरे-सहमे स्कूल वाहनों, रिक्शों में बैठे रहे। भूख और गर्मी के कारण कई बच्चे रोने लगे। देर तक घर न पहुंचने पर अभिभावक भी परेशान रहे। हालांकि ज्यादातर अभिभावकों ने स्कूल वाहन चालकों से मोबाइल पर जानकारी ले ली।
रेलवे क्रासिंग बंद होने के बाद मच जाती अफरातफ री
इलाहाबाद। निरंजन डाट पुल बंद होने के चलते रामबाग रेलवे क्रासिंग पर भी ट्रैफिक दबाव बढ़ा हुआ था। यहां भी पूरे दिन वाहनों की लंबी लाइन पूरे दिन लगी रही। वाहन सड़क पर रेंगते हुए नजर आ रहे थे लेकिन बीच-बीच में ट्रेन के आने पर क्रासिंग बंद हो जाती। जिसके चलते वाहनों की लाइन सिविल लाइंस की तरफ मेडिकल चौराहा तक पहुंच जाती और रामबाग की तरफ तो ट्रैफिक थम सा जाता।
सड़क पर उतारने लगे गुस्सा
इलाहाबाद। हाईकोर्ट पानी टंकी के पास एक पुलिस अफसर भी अपने निजी वाहन से निकल रहे थे। वह भी जाम में फंसे तो अपना गुस्सा दूसरे वाहन चालकों पर उतारने लगे। लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। जाम के दौरान यह नजारा पूरे दिन देखने को मिलता रहा। जल्दी निकलने के चक्कर कोई जरा भी वाहन आगे बढ़ाता तो दूसरे लोग भड़क पर उठते। कई बार जाम में फंसे लोगों को दूसरे की गलती बताकर भड़ास निक ालते हुए देखा। कई बार तो नौबत मारपीट तक भी पहुंच गई।
एंबुलेंस भी जाम में फंसी
इलाहाबाद। जाम के दौरान सबसे ज्यादा मुसीबत मरीजों को हुई। जाम के झाम में एबुंलेंस भी फंस गए। करेली के नूर आलम अपनी बीमार को लेकर कॉल्विन अस्पताल पहुंचे। वहां से हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने सीधे एसआरएन ले जाने की सलाह दी। वह बीमार मां को एंबुलेंस से लेकर एसआरएन के लिए चले तो खुसरोबाग गेट के पास ही जाम में फंस गए। घंटो जाम में फंसे रहने के बाद भी रास्ता नहीं सूझा तो बाइक से मां को लूकरगंज के एक निजी अस्पताल में ले गए और वहां एडमिट करा दिया। केवल नूर ही नहीं तमाम ऐसे लोग रहे जो मरीजों को लेकर निकले। घंटो जाम में फंसे रहे।
रेलवे लाइन पार कर निकलते रहे साइकिल-बाइक सवार
इलाहाबाद। हाईकोर्ट पानी टंकी और चौफटका ओवरब्रिज जाम भीषण जाम देखकर बाइक और साइकिल सवार पैदल हावड़ा-कानपुर रेलवे लाइन पार निकलते रहे। पूरे दिन राहगीर रेलवे लाइन पार निकलते रहे। कई लोगों की बाइक पार के दौरान फंसी भी लेकिन शुक्र रहा कि ट्रेन आने के पहले बाइक निकालकर रेलवे पार कर गए। पूरे दिन रेलवे लाइन पार कर गुजरने वाले राहगीरों की भीड़ लगी रही लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं था। शुक्र रहा कि ऐसे में कोई हादसा नहीं हुआ।