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नकलमाफिया को ही दे दी परीक्षा की जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 27 Feb 2016 12:46 AM IST
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नकल पर प्रभावी लगाम लगाने का दम भर रहे यूपी बोर्ड ने कई जगह नकल माफिया को ही जिम्मेदारी दे दी है। शिकायत है कि कोचिंग चलाने वाले कई प्रधानाचार्य, प्रबंधक और शिक्षकों को व्यवस्थापक का जिम्मा सौंप दिया गया है, जबकि कोचिंग संचालक शिक्षकों को परीक्षा से दूर रखने को कहा गया था। आरोप है कि कोचिंग चलाने वाले शिक्षक एवं प्रधानाचार्य अपने यहां पढ़ने वाले छात्रों को नकल करवा रहे हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से नकल माफिया पर लगाम लगाने के लिए कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों को चिह्नित किया गया था। इस दौरान परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने इन दागियों को परीक्षा कार्य में लगा दिया। कोचिंग पढ़ाने वालों में राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक शामिल हैं। इन शिक्षकों में इलाहाबाद के 50 से अधिक शिक्षक शामिल हैं। बोर्ड की ओर से इन शिक्षकाें की सूची विचार किए बिना ही चिन्हित किए गए प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को परीक्षा कार्य में लगा दिया गया।
इलाहाबाद एवं आसपास के क्षेत्र में कॉलेजों के बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षकों को परीक्षा कार्य में लगाया गया है जो अपनी कोचिंग चलाते हैं। यमुनापार के मेजारोड, सिरसा, मांडा सहित कोरांव के अधिकांश विद्यालयों के शिक्षक कोचिंग संस्थानोें में पढ़ा रहे हैं। गंगापार में भी हंडिया, सोरांव, फूलपुर, झूंसी के कई स्कूलों के शिक्षक कोचिंग से जुड़े हैं। शहर के कालिंदीपुरम सहित कौशाम्बी के ओसा, मीरापुर, प्रतापगढ़ के कालाकांकर एवं कुंडा के कई कॉलेजों में कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षक परीक्षा कार्य में लगे हैं। यह शिक्षक परीक्षा के दौरान अपने छात्राें के पास पहुंचकर जो प्रश्न उनसे नहीं हल हो रहे हैं, उसकी जानकारी लेने के बाद उसकी साल्व कॉपी परीक्षार्थी तक पहुंचा रहे हैं। कुछ विद्यालयों में संबंधित विषय के शिक्षक ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नों को हल कर रहे हैं। शिक्षकों के इस कार्य में प्रधानाचार्य भी पूरा सहयोग कर रहे हैं।
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शिक्षा विभाग की ओर से नकल माफिया पर लगाम लगाने के लिए कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों को चिह्नित किया गया था। इस दौरान परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने इन दागियों को परीक्षा कार्य में लगा दिया। कोचिंग पढ़ाने वालों में राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक शामिल हैं। इन शिक्षकों में इलाहाबाद के 50 से अधिक शिक्षक शामिल हैं। बोर्ड की ओर से इन शिक्षकाें की सूची विचार किए बिना ही चिन्हित किए गए प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को परीक्षा कार्य में लगा दिया गया।
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इलाहाबाद एवं आसपास के क्षेत्र में कॉलेजों के बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षकों को परीक्षा कार्य में लगाया गया है जो अपनी कोचिंग चलाते हैं। यमुनापार के मेजारोड, सिरसा, मांडा सहित कोरांव के अधिकांश विद्यालयों के शिक्षक कोचिंग संस्थानोें में पढ़ा रहे हैं। गंगापार में भी हंडिया, सोरांव, फूलपुर, झूंसी के कई स्कूलों के शिक्षक कोचिंग से जुड़े हैं। शहर के कालिंदीपुरम सहित कौशाम्बी के ओसा, मीरापुर, प्रतापगढ़ के कालाकांकर एवं कुंडा के कई कॉलेजों में कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षक परीक्षा कार्य में लगे हैं। यह शिक्षक परीक्षा के दौरान अपने छात्राें के पास पहुंचकर जो प्रश्न उनसे नहीं हल हो रहे हैं, उसकी जानकारी लेने के बाद उसकी साल्व कॉपी परीक्षार्थी तक पहुंचा रहे हैं। कुछ विद्यालयों में संबंधित विषय के शिक्षक ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नों को हल कर रहे हैं। शिक्षकों के इस कार्य में प्रधानाचार्य भी पूरा सहयोग कर रहे हैं।
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