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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad Lok Sabha Elections: BSP awaits first win in Phulpur since 2009

इलाहाबाद लोकसभा : फूलपुर में 2009 के बाद तो इलाहाबाद में पहली जीत का बसपा को है इंतजार

Tue, 26 Mar 2024 08:25 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 26 Mar 2024 08:25 AM IST
सार

बसपा के गठन के बाद संस्थापक कांशीराम ने पहला लोकसभा चुनाव 1988 में इलाहाबाद से लड़ा था। अमिताभ बच्चन के इस्तीफे के बाद उपचुनाव हुआ था। हालांकि वह उस चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे तथा तथा स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने जीत हासिल की थी।

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Allahabad Lok Sabha Elections: BSP awaits first win in Phulpur since 2009
बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

लोकसभा चुनाव का चौसर बिछने के साथ सियासी दल अपनी-अपनी चाल चलने लगे हैं। पहली लड़ाई प्रत्याशी के चयन और उसके बाद बगावत तथा नाराजगी को दूर करने की है। बसपा में भी टिकट की दावेदारी को लेकर खींचतान शुरू है। बसपा के सामने बड़ी चुनौती कांशीराम के सियासी सफर को आगे बढ़ाने वाले प्रयागराज में बड़ी जीत दिलाने की है। फूलपुर लोकसभा में पार्टी को एक बार जीत मिली है लेकिन इलाहाबाद में अभी खाता खुलना बाकी है।

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पार्टी के गठन के बाद संस्थापक कांशीराम ने पहला लोकसभा चुनाव 1988 में इलाहाबाद से लड़ा था। अमिताभ बच्चन के इस्तीफे के बाद उपचुनाव हुआ था। हालांकि वह उस चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे तथा तथा स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने जीत हासिल की थी। खास यह कि उस चुनाव में कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र सुनील शास्त्री को उम्मीदवार बनाया था। कांशीराम को 69517 वोट मिले थे, जो कुल पड़े मतों का 17.82 फीसदी रहा।
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इसके बाद इस सीट पर बसपा ने उस समय के कद्दावर नेता जंग बहादुर पटेल, रामसेवक सिंह, वर्तमान में भाजपा के एमएलसी तथा पूर्व महापौर डॉ.केपी श्रीवास्तव, राम दुलार सिंह पटेल, आरके सिंह पटेल, अशोक बाजपेई, वर्तमान में भाजपा से फूलपुर की सांसद केशरी देवी पटेल को उम्मीदर बनाया लेकिन जीत नहीं मिली। मात्र 2009 के चुनाव में पार्टी दूसरे स्थान पर रही। पार्टी उम्मीदवार अशोक बाजपेई को 174511 वोट मिले थे और सपा के रेवती रमणर सिंह से 34920 मतों से पीछे रह गए। पिछले चुनाव में पार्टी ने सपा उम्मीदवार का समर्थन किया था।

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2009 में बसपा का कपिलमुनि ने खोला था खाता

प्रयागराज की दूसरी सीट फूलपुर में भी पार्टी को सिर्फ एक बार जीत मिली है। 2009 में पार्टी उम्मीदवार कपिल मुनि करवरिया को जीत मिली थी। कांशीराम ने फूलपुर से भी 1996 में लोकसभा का चुनाव लड़ा था। हालांकि उसमें भी जीत नहीं मिली थी। कांशीराम 146823 वोट पाकर भी सपा के जंग बहादुर पटेल से मात्र 16021 मतों के अंतर से हार गए। खास यह कि जंग बहादुर बसपा से ही सपा में गए थे और कांशीराम के काफी करीबी रहे।

इलाहाबाद सीट पर बसपा से जंगबहादुर पटेल, बेनी माधव बिंद, रामसेवक सिंह, राम पूजन पटेल, तुलसीराम यादव, केशरी देवी चुनाव लड़े लेकिन जीत नहीं मिली। 2004 के चुनाव में बसपा उम्मीदवार रहीं केशरी देवी पटेल तथा 1991 में बेनी माधव बिंद दूसरे स्थान पर रहे।

शुरू से पार्टी के साथ जुड़े तथा कांशीराम के साथ काम कर चुके मंडल मुख्य कोऑर्डिनेटर बाबू लाल भंवरा का कहना है कि कई राज्यों के भ्रमण के बाद कांशीराम उत्तर प्रदेश में आए तो सबसे ज्यादा वक्त प्रयागराज में बिताया। फिर यहीं से चुनाव लड़े। हालांकि उन्हें जीत तो नहीं मिली लेकिन पार्टी का मजबूत जनाधार तैयार हुआ। उसी का नतीजा रहा कि 1993 के विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन को जिले में नौ सीटें मिलीं थीं।

लोकसभा चुनावों में बसपा को मिले वोट
फुलपुर
चुनाव वर्ष उम्मीदवार             पार्टी को मिले वोट स्थान

  • 2019             --                                     --                         --
  • 2014            कपिल मुनि करवरिया 163710             तीसरा
  • 2009            कपिल मुनि करवरिया 167542             विजेता
  • 2004            केशरी देवी पटेल             201083             दूसरा
  • 1999            तुलसीराम यादव             150173             तीसरा
  • 1998            रामपूजन पटेल             177556             तीसरा
  • 1996            कांशीराम                         146823             दूसरा
  • 1991            बेनी माधो बिंद             91039                         दूसरा
  • 1989            बेनी माधो बिंद             115521                        तीसरा

इलाहाबाद

  • 2019             --                                     --                         --
  • 2014             केशरी देवी पटेल             162073             तीसरा
  •  
  • 2009             अशोक बाजपेई             174511             दूसरा
  • 2004             आरके पटेल                        111576                        तीसरा
  •  
  • 1999             रामदुलार पटेल             109383                        चौथा
  • 1998             डॉ.केपी श्रीवास्त             114179                        तीसरा
  •  
  • 1996             रामसेवक सिंह             102352                        तीसरा
  • 1991             जंग बहादुर पटेल             56279                         चतुर्थ
  •  
  • 1989             जंग बहादुर पटेल             79004                         तीसरा
  • 1988             कांशीराम                         69517                         तीसरा

पार्टी को मिलते रहे एक लाख से अधिक वोट

फूलपुर में बसपा को भले ही सिर्फ एक बार जीत मिली है लेकिन पार्टी का जनाधार लगातार बना हुआ है। सिर्फ 1991 के चुनाव में पार्टी को एक लाख से कम वोट मिले हैं। अन्यथा, हर चुनाव में एक लाख से अधिक वोट मिले। 2004 में तो केशरी देवी को दो लाख से अधिक वोट मिले थे। हालांकि, दूसरे स्थान पर रहीं। जबकि इनके बाद 2009 में एक लाख 67 हजार से अधिक वोट पाकर कपिल मुनि निर्वाचित हुए थे। रामपूजन पटेल, तुलसी राम यादव को भी डेढ़ लाख से अधिक वोट मिले थे। इसी तरह से इलाहाबाद सीट पर भी 1991 के चुनाव के बाद से पार्टी को किसी भी चुनाव में एक लाख से कम वोट नहीं मिले। केशरी देवी पटेल और अशोक बाजपेई को डेढ़ लाख से अधिक वोट मिले थे।

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