{"_id":"628d2455cac42a5e4c2293b4","slug":"allahabad-highcourt-the-bail-application-of-the-accused-of-forcibly-having-sex-with-a-minor-rejected","type":"story","status":"publish","title_hn":"Allahabad highcourt: नाबालिग से जबरन शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Allahabad highcourt: नाबालिग से जबरन शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
Wed, 25 May 2022 12:01 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 25 May 2022 12:01 AM IST
सार
- हलफनामे में टाइपिंग गलती के लिए पैरोकार व वकील जवाबदेह
- हाईकोर्ट ने वकील को दी नसीहत, दोनों पर लगाया पांच-पांच हजार रुपये का हर्जाना
विज्ञापन
हाईकोर्ट।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि कानून की नजर में नाबालिग की सहमति का कोई अर्थ नहीं है। कोर्ट ने अर्जी के साथ दाखिल मूल पत्रावली से भिन्न टाइपिंग गलती को गंभीरता से लिया है और कहा है कि हलफनामा देने वाले कुशीनगर के गांव खैरातीय थोथाई निवासी लालजी व अधिवक्ता नवनाथ पांडेय इस गलती के लिए जवाबदेह हैं।
कोर्ट ने पैरोकार व वकील दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये हर्जाना लगाया है और इसे बार एसोसिएशन के खाते में जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही अधिवक्ता पांडेय को भविष्य में सावधानी बरतने और गलती न दोहराने की नसीहत दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने मुकेश प्रसाद की जमानत अर्जी पर दिया है।
कुशीनगर पडरौना के रामकोला थाने में दर्ज एफ आईआर पर अपर सत्र न्यायाधीश विशेष अदालत पाक्सो ने 24 जनवरी 22 को याची को जमानत पर रिहा करने से इंकार कर दिया। जिस पर यह अर्जी दाखिल की गई थी। पीड़िता के पिता ने नाबालिग लड़की को 30 हजार रुपये के साथ बरगला कर अपहृत करने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
16 साल की लड़की के बरामद होने और बयान दर्ज किए जाने के बाद नौ दिन देरी से एफआईआर दर्ज कराई गई है। याची का कहना है कि लड़की ने अपनी मर्जी से उसके साथ शादी के लिए संबंध बनाए हैं। डॉक्टरी रिपोर्ट में उसकी आयु 18 साल बताई गई है।कोर्ट ने कहा कि लड़की ने जबरन संबंध बनाने का बयान दर्ज कराया है। नाबालिग की सहमति का कोई अर्थ नहीं है। लड़की के बालिग होने का कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं है। इस पर कोर्ट ने राहत देने से इंकार कर दिया है।
विज्ञापन
कोर्ट ने पैरोकार व वकील दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये हर्जाना लगाया है और इसे बार एसोसिएशन के खाते में जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही अधिवक्ता पांडेय को भविष्य में सावधानी बरतने और गलती न दोहराने की नसीहत दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने मुकेश प्रसाद की जमानत अर्जी पर दिया है।
विज्ञापन
कुशीनगर पडरौना के रामकोला थाने में दर्ज एफ आईआर पर अपर सत्र न्यायाधीश विशेष अदालत पाक्सो ने 24 जनवरी 22 को याची को जमानत पर रिहा करने से इंकार कर दिया। जिस पर यह अर्जी दाखिल की गई थी। पीड़िता के पिता ने नाबालिग लड़की को 30 हजार रुपये के साथ बरगला कर अपहृत करने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
16 साल की लड़की के बरामद होने और बयान दर्ज किए जाने के बाद नौ दिन देरी से एफआईआर दर्ज कराई गई है। याची का कहना है कि लड़की ने अपनी मर्जी से उसके साथ शादी के लिए संबंध बनाए हैं। डॉक्टरी रिपोर्ट में उसकी आयु 18 साल बताई गई है।कोर्ट ने कहा कि लड़की ने जबरन संबंध बनाने का बयान दर्ज कराया है। नाबालिग की सहमति का कोई अर्थ नहीं है। लड़की के बालिग होने का कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं है। इस पर कोर्ट ने राहत देने से इंकार कर दिया है।