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Allahabad highcourt: मुख्तार अंसारी के काफिले पर हमले के मुख्य आरोपी माफिया बृजेश को जमानत
Thu, 04 Aug 2022 01:31 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 04 Aug 2022 01:31 AM IST
सार
कोर्ट ने निजी मुचलके और दो प्रतिभूतियों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा ने बृजेश कुमार सिंह उर्फ अरुण कुमार सिंह की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है।
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बृजेश सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गाजीपुर के मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के यूसुफपुर कासिमाबाद मार्ग पर उसरी चट्टी के पास मऊ के तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी के काफिले पर हमला करने के मुख्य आरोपी माफिया बृजेश सिंह की जमानत अर्जी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ मंजूर कर ली है।
कोर्ट ने निजी मुचलके और दो प्रतिभूतियों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा ने बृजेश कुमार सिंह उर्फ अरुण कुमार सिंह की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है।
घटना जुलाई 2001 की है। माफिया बृजेश सिंह ने अपने साथियों संग तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी के काफिले पर हमला कर दिया था। इस घटना में मुख्तार अंसारी का गनर तथा एक सहयोगी मारा गया था जबकि नौ लोग घायल भी हुए थे। बाद में एक और ने दम तोड़ दिया था।
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मामले में विधायक मुख्तार अंसारी की ओर से बृजेश और त्रिभुवन सिंह के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय का नाम भी सामने आया था। बृजेश सिंह लगातार जेल में था। याची के अधिवक्ता की ओर से तर्क दिया गया कि उसे रंजिशन फंसाया गया है।
हालांकि, मुख्तार अंसारी पक्ष केअधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने जमानत का विरोध किया। कहा कि याची मुख्य आरोपी है। घटना में तीन लोगों की मृत्यु हो गई थी जबकि नौ लोग घायल हुए। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के सौदान सिंह केस में दिए गए आदेश के आधार पर याची की जमानत मंजूर करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया।
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कोर्ट ने निजी मुचलके और दो प्रतिभूतियों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा ने बृजेश कुमार सिंह उर्फ अरुण कुमार सिंह की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है।
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घटना जुलाई 2001 की है। माफिया बृजेश सिंह ने अपने साथियों संग तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी के काफिले पर हमला कर दिया था। इस घटना में मुख्तार अंसारी का गनर तथा एक सहयोगी मारा गया था जबकि नौ लोग घायल भी हुए थे। बाद में एक और ने दम तोड़ दिया था।
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मामले में विधायक मुख्तार अंसारी की ओर से बृजेश और त्रिभुवन सिंह के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय का नाम भी सामने आया था। बृजेश सिंह लगातार जेल में था। याची के अधिवक्ता की ओर से तर्क दिया गया कि उसे रंजिशन फंसाया गया है।
हालांकि, मुख्तार अंसारी पक्ष केअधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने जमानत का विरोध किया। कहा कि याची मुख्य आरोपी है। घटना में तीन लोगों की मृत्यु हो गई थी जबकि नौ लोग घायल हुए। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के सौदान सिंह केस में दिए गए आदेश के आधार पर याची की जमानत मंजूर करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया।