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हाईकोर्ट, सीएटी के वकील आज नहीं करेंगे काम
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने शैक्षिक न्यायाधिकरण की पीठ प्रयागराज के बजाय लखनऊ में स्थापित करने के सरकारी प्रस्ताव के विरोध में शुक्रवार नौ अगस्त को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। साथ ही न्यायाधिकरण प्रयागराज में स्थापित करने की मांग की है। वकीलों का कहना है कि प्रयागराज प्रदेश की न्यायिक राजधानी है। बार एसोसिएशन ने मध्य प्रदेश की तरह उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने की भी मांग की है।
इसे लेकर बृहस्पतिवार को हुई बार एसोसिएशन की सभा की अध्यक्षता राकेश पांडेय तथा संचालन महासचिव जेबी सिंह ने किया। बार ने अध्यक्ष और सचिव को इस संबंध में जरूरी कदम उठाने के लिए अधिकृत किया है। सभा में वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र गांधी, वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व अध्यक्ष आरके ओझा, पूर्व महासचिव प्राणेश दत्त त्रिपाठी, बार काउंसिल के सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ सिंह और कई पूर्व व वर्तमान पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
इसी क्रम में केंद्रिय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी) के वकीलों ने भी शुक्रवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषणा की है। सीएटी बार एसोसिएशन की इस मुद्दे पर आम सभा हुई, जिसकी अध्यक्षता अनिल कुमार सिंह ने की। बैठक में कहा गया कि शिक्षा अधिकरण लखनऊ में स्थापित करने का निर्णय इलाहाबाद हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार में कटौती जैसा है। हाईकोर्ट की प्रधानपीठ प्रयागराज में होने के कारण अधिकरण भी यहीं होना चाहिए। सभा का संचालन जीतेंद्र नायक ने किया। जूनियर लायर्स एसोसिएशन के सचिव जीपी सिंह, प्रयागराज अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार चटर्जी, अधिवक्ता समन्वय समिति के अध्यक्ष बीएन सिंह, यंग लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार त्रिपाठी उपाध्यक्ष बीडी पांडेय, कनिष्ठ अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र द्विवेदी, संतोष कुमार मिश्र, अजय कुमार मिश्र आदि ने सभी अधिवक्ताओं से विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहने की अपील की है।
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इसे लेकर बृहस्पतिवार को हुई बार एसोसिएशन की सभा की अध्यक्षता राकेश पांडेय तथा संचालन महासचिव जेबी सिंह ने किया। बार ने अध्यक्ष और सचिव को इस संबंध में जरूरी कदम उठाने के लिए अधिकृत किया है। सभा में वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र गांधी, वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व अध्यक्ष आरके ओझा, पूर्व महासचिव प्राणेश दत्त त्रिपाठी, बार काउंसिल के सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ सिंह और कई पूर्व व वर्तमान पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
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इसी क्रम में केंद्रिय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी) के वकीलों ने भी शुक्रवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषणा की है। सीएटी बार एसोसिएशन की इस मुद्दे पर आम सभा हुई, जिसकी अध्यक्षता अनिल कुमार सिंह ने की। बैठक में कहा गया कि शिक्षा अधिकरण लखनऊ में स्थापित करने का निर्णय इलाहाबाद हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार में कटौती जैसा है। हाईकोर्ट की प्रधानपीठ प्रयागराज में होने के कारण अधिकरण भी यहीं होना चाहिए। सभा का संचालन जीतेंद्र नायक ने किया। जूनियर लायर्स एसोसिएशन के सचिव जीपी सिंह, प्रयागराज अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार चटर्जी, अधिवक्ता समन्वय समिति के अध्यक्ष बीएन सिंह, यंग लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार त्रिपाठी उपाध्यक्ष बीडी पांडेय, कनिष्ठ अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र द्विवेदी, संतोष कुमार मिश्र, अजय कुमार मिश्र आदि ने सभी अधिवक्ताओं से विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहने की अपील की है।
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