फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   allahabad high court stays suspension of former basic education council secretary sanjay sinha

यूपी: हाईकोर्ट ने पूर्व बेसिक शिक्षा परिषद सचिव संजय सिन्हा के निलंबन पर लगाई रोक, महानिदेशक बेसिक शिक्षा हाईकोर्ट में तलब

Wed, 21 Jul 2021 05:44 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 21 Jul 2021 05:44 PM IST
सार

संजय सिन्हा की याचिका पर न्यायमूर्ति सरल से श्रीवास्तव ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता का कहना था कि उनको अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा के 5 मार्च 2021 के आदेश से निलंबित कर दिया गया है। याची के खिलाफ दो अज्ञात लोगों ने शिकायत दर्ज की थी जिसके साथ कोई शपथ पत्र दाखिल नहीं किया गया है। जबकि 19 अगस्त 2012 के शासनादेश के अनुसार किसी भी शिकायत के साथ शपथ पत्र दाखिल किया जाना आवश्यक है। 

विज्ञापन
allahabad high court stays suspension of former basic education council secretary sanjay sinha
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा परिषद के पूर्व सचिव संजय सिन्हा के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने इसी मामले में अपना अलग एडवोकेट नियुक्त करने पर महा निदेशक बेसिक शिक्षा को तलब कर लिया है। कोर्ट ने उनको व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट करने के लिए कहा है कि जब उनके कार्यालय का पक्ष रखने के लिए मुख्य स्थाई अधिवक्ता ने नोटिस प्राप्त किया है तो किन परिस्थितियों में उन्होंने अलग एडवोकेट पैनल नियुक्त किया।

विज्ञापन


संजय सिन्हा की याचिका पर न्यायमूर्ति सरल से श्रीवास्तव ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता का कहना था कि उनको अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा के 5 मार्च 2021 के आदेश से निलंबित कर दिया गया है। याची के खिलाफ दो अज्ञात लोगों ने शिकायत दर्ज की थी जिसके साथ कोई शपथ पत्र दाखिल नहीं किया गया है। जबकि 19 अगस्त 2012 के शासनादेश के अनुसार किसी भी शिकायत के साथ शपथ पत्र दाखिल किया जाना आवश्यक है। याची के खिलाफ मनगढ़ंत आरोप लगाए गए हैं। जिनके आधार पर अधिकारियों ने उनको निलंबित कर दिया है। जबकि याची सितंबर 2018 तक सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के पद पर रहा है। इसके बाद से उसने कभी भी इस पद पर काम नहीं किया है। उसके खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए हैं वह सचिव पद पर कार्यकाल के दौरान के हैं। सचिव पद से हटने के तीन साल बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। याची 31 अगस्त 2021 को सेवानिवृत्त होने जा रहा है। निलंबन आदेश मनमाना है और इसे पारित करने में विवेक का प्रयोग नहीं किया गया। 
विज्ञापन


दूसरी ओर प्रदेश सरकार का पक्ष रहे रख रहे अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल का कहना था याची पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं और इसमें उनको बड़ा दंड मिल सकता है। कोर्ट ने याची की सेवानिवृत्ति व अन्य तथ्यों को देखते हुए निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार को दो सप्ताह में इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अलग वकील नियुक्त करने से नाराज
सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से पक्ष रखने के लिए अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल उपस्थित हुए थे जबकि महानिदेशक बेसिक शिक्षा का पक्ष रखने के लिए एक प्राइवेट सीनियर एडवोकेट को अधिकृत किया गया था। इस पर कोर्ट ने जानना चाहा की जब महानिदेशक का कार्यालय राज्य शासन के अंतर्गत आता है और सरकार का पक्ष रखने के लिए मुख्य स्थाई अधिवक्ता कार्यालय ने नोटिस प्राप्त कर लिया है तो फिर महानिदेशक को अपना पक्ष रखने के लिए अलग एडवोकेट पैनल बनाने की क्या आवश्यकता पड़ी। इस पर स्पष्टीकरण के लिए कोर्ट ने महानिदेशक को अगली सुनवाई पर उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed