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Allahabad High Court : फर्जी प्रमाणपत्र के मामले में आजम, अब्दुल्ला और तंजीम फातिमा को राहत
Sat, 02 Sep 2023 02:13 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 02 Sep 2023 02:13 PM IST
सार
न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए यह आदेश पारित किया। तीनों की ओर से अदालत से अनुरोध किया गया था कि रामपुर अदालत में फर्जी जन्मतिथि प्रमाण पत्र मामले में मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। उन्हें कुछ और पेश करने की अनुमति दी जाए।
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अब्दुल्ला आजम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में सपा नेता आजम खां, पत्नी तंजीम फातिमा और बेटा अब्दुल्ला खां को हाईकोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मुकदमे की कार्यवाही रामपुर अदालत में चलेगी लेकिन वर्तमान याचिका के निर्णय तक निचली अदालत अंतिम आदेश नहीं सुनाएगी।
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न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए यह आदेश पारित किया। तीनों की ओर से अदालत से अनुरोध किया गया था कि रामपुर अदालत में फर्जी जन्मतिथि प्रमाण पत्र मामले में मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। उन्हें कुछ और पेश करने की अनुमति दी जाए।
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मामले में आजम खां, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला के खिलाफ रामपुर जिला अदालत में मुकदमे की कार्यवाही चल रही है। आरोप है कि अब्दुल्ला ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए फर्जी जन्मतिथि हासिल की।
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याचिका में तीनों ने अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें ट्रायल कोर्ट के समक्ष साक्ष्य के रूप में एक पेन ड्राइव और वीडियो क्लिप पेश करने की अनुमति दी जाए। आवेदकों के अनुसार इस मामले का मुख्य गवाह मोहम्मद शफीक मामले के सूचक आकाश सक्सेना का करीबी है। इस तथ्य को साबित करने के लिए उन्होंने ट्रायल कोर्ट के समक्ष एक पेन ड्राइव और वीडियो क्लिप पेश करने की अनुमति मांगी। याचिका का विरोध करते हुए राज्य के वकीलों ने तर्क दिया कि यह आवेदकों की ओर से मुकदमे की कार्यवाही को विलंबित करने का एक प्रयास मात्र है।