{"_id":"65e185229182c182540c8b70","slug":"allahabad-high-court-petition-in-high-court-for-return-of-22-camels-seized-by-police-2024-03-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Allahabad High Court : पुलिस की ओर से जब्त 22 ऊंटों की वापसी के लिए हाईकोर्ट में याचिका, हर्जाना भी मांगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Allahabad High Court : पुलिस की ओर से जब्त 22 ऊंटों की वापसी के लिए हाईकोर्ट में याचिका, हर्जाना भी मांगा
Fri, 01 Mar 2024 01:04 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 01 Mar 2024 01:04 PM IST
सार
अनस का आरोप है कि तब पुलिस ने जब्त ऊंट को संरक्षण केंद्र भेजे जाने की जानकारी दी थी। अनस के अधिवक्ता शम्स-उ-जमा के अनुसार तीन वर्ष बीत जाने के बाद उस्मान ने इन ऊंटों के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
विज्ञापन
ऊंट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेरठ में पुलिस द्वारा जब्त किए गए 22 ऊंट गायब होने पर उन्हें ढूंढने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के अनस व उस्मान ने अगस्त 2019 में ईद के दौरान 22 ऊंट लिए थे। तब पुलिस-प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए उनकी कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाते हुए सभी 22 ऊंट जब्त कर लिए थे।
विज्ञापन
अनस का आरोप है कि तब पुलिस ने जब्त ऊंट को संरक्षण केंद्र भेजे जाने की जानकारी दी थी। अनस के अधिवक्ता शम्स-उ-जमा के अनुसार तीन वर्ष बीत जाने के बाद उस्मान ने इन ऊंटों के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने मेरठ प्रशासन को ऊंट वापस करने का आदेश दिया, लेकिन इसका अनुपालन नहीं किया गया। इस पर इस बार अनस ने लापता हुए 22 ऊंटों की वापसी के लिए फिर याचिका दाखिल की। कहा गया कि 2019 में उसके ऊंट पकड़े गए थे, वे अब तक उसे वापस नहीं मिले।
विज्ञापन
अनस का कहना है कि पहले आदेश के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने लिसाड़ी गेट पुलिस से ऊंट को वापस करने को कहा था, लेकिन इसके बावजूद ऊंट वापस नहीं मिले, जबकि इस बारे में कई बार सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से विधिक स्वामी के पक्ष में ऊंट को सौंपने का आदेश दिया गया।
याची का कहना है कि या तो उसे सभी ऊंट दिलाए जाएं या उनका हर्जाना दिया जाय। अधिवक्ता शम्स-उ-जमां के अनुसार याचिका में प्रदेश सरकार के गृह सचिव, कमिश्नर मेरठ, डीएम, एसएसपी और सिटी मजिस्ट्रेट को पक्षकार बनाया गया है।