Allahabad High Court : हाईकोर्ट ने पीलीभीत के सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई का दिया आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 12 साल की यौन उत्पीड़न पीड़िता के मामले में जुनैद केस के दिशानिर्देशों का नहीं हुआ पालन। मामले में प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक से घटना से जुड़े पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भी दिया है आदेश।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला पीलीभीत के बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अध्यक्ष जुनैद बनाम यूपी राज्य और अन्य मामले में हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने में विफल रहे हैं। मामले में कोर्ट पुलिस और बाल कल्याण समिति को भी निर्देश जारी किया है कि आरोपी की जमानत अर्जी की सूचना मिलने पर पीड़ित पक्ष को सूचित करें। उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी दें और कानूनी सेवाएं प्रदान करें।
मामले की सुनवाई कर रही एकल खंडपीठ ने आरोपी शिवानी मिश्रा की जमानत देने से इंकार कर दिया था। खंडपीठ ने कहा कि जुनैद मामले में अदालत द्वारा जारी निर्देशों का पालन नहीं किया गया। जुनैद मामले मेें पॉक्सों अधिनियम के तहत बाल पीड़िता को सुरक्षा की गारंटी दी गई थी लेकिन मौजूदा मामले में पीड़िता को सुरक्षा की गारंटी प्रदान नहीं की गई। मामले में पीड़िता की उम्र 12 साल है। याची ने होली के मौके पर उसका यौन उत्पीड़न किया था।
याची मामले के अन्य सह आरोपियों के साथ मिलकर पीड़िता को नहलाया और उसे एक साड़ी पहनाई। याची ने उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी और उसे एक मंदिर में ले गया। उसकी इच्छा के विरूद्ध उसके सिर पर सिंदूर लगाया। इसके बाद पीड़िता को नशीला पदार्थ खिलाकर उसका यौन उत्पीड़न किया। कोर्ट ने प्रमुख सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग को जिला पीलीभीत के बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष के विरुद्ध कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
साथ ही एक महीने की अवधि में न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष अनुपालन शपथ पत्र दाखिल करने को कहा। कोर्ट ने प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक से मामले से जुड़े पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है।