{"_id":"628bc40b29aef14d5f2ef167","slug":"allahabad-high-court-order-district-panchayat-has-the-right-to-decide-the-tender-conditions","type":"story","status":"publish","title_hn":"Allahabad High Court Order : जिला पंचायत को है निविदा शर्तें तय करने का अधिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Allahabad High Court Order : जिला पंचायत को है निविदा शर्तें तय करने का अधिकार
Mon, 23 May 2022 10:57 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 23 May 2022 10:57 PM IST
सार
याची की ओर से कहा गया कि फर्म लोक निर्माण विभाग, मिर्जापुर में पंजीकृत है। याची ने जिला पंचायत के कई ठेकों की नीलामी में हिस्सा लिया। उसकी दो बोली यह कहते हुए निरस्त कर दी गई कि वह श्रम विभाग में पंजीकृत नहीं है। उसे निविदा शर्तें पूरी न करने के कारण अयोग्य करार दिया गया।
विज्ञापन
court demo
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने श्रम विभाग में पंजीकृत फर्म को ही ठेका देने की शर्त पूरी न करने वाली याचिका पर हस्तक्षेप से इंकार दिया है। कोर्ट ने कहा कि जिला पंचायत मिर्जापुर को ठेके की शर्तें तय करने का पूरा अधिकार है। यह आदेश न्यायमूर्ति एमके गुप्ता व न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की खंडपीठ ने मेसर्स ओम कांस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर की याचिका को खारिज करते हुए दिया है।
विज्ञापन
याची की ओर से कहा गया कि फर्म लोक निर्माण विभाग, मिर्जापुर में पंजीकृत है। याची ने जिला पंचायत के कई ठेकों की नीलामी में हिस्सा लिया। उसकी दो बोली यह कहते हुए निरस्त कर दी गई कि वह श्रम विभाग में पंजीकृत नहीं है। उसे निविदा शर्तें पूरी न करने के कारण अयोग्य करार दिया गया।
विज्ञापन
याचिका में चार-पांच जनवरी 2022 के आदेश व सात जनवरी 2022 को विपक्षियों को निविदा देने को यह कहते हुए चुनौती दी गई कि शर्तें थोपना उसके अधिकार का उल्लंघन है। उसकी बोली स्वीकार की जाए। वहीं, जिला पंचायत के अधिवक्ता वीके चंदेल का कहना था कि निविदा शर्तें याची को मालूम थीं। यह भी कि श्रम विभाग में पंजीकृत होना जरूरी है। इसके बावजूद उसने निर्धारित योग्यता न होने पर भी नीलामी में हिस्सा लिया। वैसे भी ठेका विपक्षियों को जनवरी 2022 में ही दिया जा चुका है। ब्यूरो
विज्ञापन