फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad High Court: All the records of repeated changes in the land of Banke Bihari temple have been summone

Allahabad High Court : बांके बिहारी मंदिर की भूमि का इंद्राज बार-बार बदलने के सभी रिकॉर्ड तलब

Thu, 17 Aug 2023 09:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 17 Aug 2023 09:08 PM IST
सार

कोर्ट में एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल तहसील छाता हाजिर हुए। गलती मानी। आवेदन मिलने पर इंद्राज बदलने की जानकारी दी। कोर्ट ने अधिकारियों को फटकार लगाई है। अब पांच सितंबर को विवादित भूमि की आधार वर्ष खतौनी व इंद्राज से संबंधित सभी रिकॉर्ड के साथ एसडीएम को उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन
Allahabad High Court: All the records of repeated changes in the land of Banke Bihari temple have been summone
वृंदावन का बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा के शाहपुर गांव स्थित बांके बिहारी मंदिर के नाम दर्ज जमीन का राजस्व अभिलेखों में समय समय पर इंद्राज बदलने की स्थिति स्पष्ट करने के लिए इससे जुड़े सभी रिकॉर्ड तलब किए हैं। कोर्ट में एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल तहसील छाता हाजिर हुए। गलती मानी। आवेदन मिलने पर इंद्राज बदलने की जानकारी दी। कोर्ट ने अधिकारियों को फटकार लगाई है। अब पांच सितंबर को विवादित भूमि की आधार वर्ष खतौनी व इंद्राज से संबंधित सभी रिकॉर्ड के साथ एसडीएम को उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन

 

 

यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने श्री बिहारी जी सेवा ट्रस्ट की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। आरोप है कि विधिक प्रक्रिया के बगैर मंदिर की भूमि पर पहले कब्रिस्तान फिर पुरानी आबादी दर्ज कर दिया गया। राजस्व अभिलेखों में पहले यह जमीन मंदिर ट्रस्ट के नाम दर्ज थी।

विज्ञापन

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एसडीएम व तहसीलदार छाता से पूछा कि शाहपुर गांव के भूखंड संख्या 1081 की स्थिति समय-समय पर क्यों बदली गई। कोर्ट ने इसके लिए आधार वर्ष की खतौनी मांगी। लेकिन, वह खतौनी किसी पक्ष के पास नहीं थी। इस पर कोर्ट ने समय-समय हुए इंद्राज से जुड़े सभी रिकॉर्ड तलब किए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

याचिका के अनुसार प्राचीन काल से ही मथुरा के शाहपुर गांव स्थित गाटा संख्या 1081 बांके बिहारी महाराज के नाम से दर्ज था। भोला खान पठान ने राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से 2004 में उक्त भूमि को कब्रिस्तान दर्ज करा लिया। जानकारी होने पर मंदिर ट्रस्ट ने आपत्ति दाखिल की। प्रकरण वक्फ बोर्ड तक गया और आठ सदस्यीय टीम ने जांच में पाया कि कब्रिस्तान गलत दर्ज किया गया है। इसके बावजूद जमीन पर बिहारी जी का नाम नहीं दर्ज किया गया। बल्कि, पुरानी आबादी दर्ज कर दिया गया। इस पर यह याचिका की गई है। कोर्ट ने एसडीएम को तलब किया था। एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल तीनों हाजिर हुए।


शुरू में जब सुनवाई हुई तो कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। कोर्ट ने वारंट जारी करने का आदेश दिया। थोड़ी देर में अधिकारी पहुंचे तो सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट से वारंट आदेश वापस लेने का अनुरोध किया। जिस पर याचिका की दोबारा सुनवाई हुई, जो देर शाम तक चली। कोर्ट ने पूर्व में पारित आदेश वापस लेते हुए अगली तारीख पर रिकॉर्ड के साथ मौजूद रहने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई पांच सितंबर को होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed