फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad High Court advice up Government should consider complete lock-down in cities with more infections

इलाहाबाद हाई कोर्ट की सलाह : अधिक संक्रमण वाले शहरों में पूर्ण लॉक डाउन पर विचार करे यूपी सरकार

Tue, 13 Apr 2021 08:40 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 13 Apr 2021 08:40 PM IST
सार

कोर्ट ने कहा है कि सरकार दो या तीन सप्ताह के पूर्ण लॉक डाउन पर विचार करे। कोर्ट ने कहा है कि सड़क पर कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के दिखाई न दे अन्यथा पुलिस के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की जाएगी। 
 

विज्ञापन
Allahabad High Court advice up Government should consider complete lock-down in cities with more infections
फाइल फोटो

विस्तार

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर चिंता जताते हुए सरकार को संक्रमण से अधिक प्रभावित शहरों में पूरी तरह लॉक डाउन करने का सुझाव दिया है। कोर्ट ने कहा है कि सरकार दो या तीन सप्ताह के पूर्ण लॉक डाउन पर विचार करे। कोर्ट ने कहा है कि सड़क पर कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के दिखाई न दे अन्यथा पुलिस के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा है कि सामाजिक धार्मिक आयोजनों में 50 आदमी से अधिक न इकट्ठा हों। सरकार ट्रैकिंग, टेस्टिंग, व ट्रीटमेंट योजना में तेजी लाए और शहरों में खुले मैदान लेकर वहां अस्थायी अस्पताल बनाकर कोरोना पीड़ितों के इलाज की व्यवस्था करें। जरूरी हो तो संविदा पर स्टाफ तैनात किया जाए।
विज्ञापन


कोरोना मामले को लेकर स्वत: कायम जनहित याचिका की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने कहा है कि नाइट कर्फ्यू या कोरोना कर्फ्यू संक्रमण फैलाव रोकने के छोटे कदम हैं । ये नाइट पार्टी एवं नवरात्रि या रमजान में धार्मिक भीड़ रोकने तक ही सीमित हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि लॉकडाउन लगाना सही नहीं है, किंतु जिस तरह से संक्रमण फैल रहा है, उसे देखते हुए सरकार को अधिक संक्रमण वाले शहरों में लॉकडाउन लगाने पर विचार करना चाहिए। कोरोना से अत्यधिक प्रभावित शहरों में लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर हैं।

कोर्ट ने कहा कि संक्रमण को फैले एक साल बीत रहा है, किंतु इलाज की सुविधाओं को बढ़ाया नहीं जा सका। कोर्ट ने राज्य सरकार की 11 अप्रैल की गाइडलाइन का सभी जिला प्रशासन को कड़ाई से अमल में लाने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई की तिथि 19 अप्रैल को सचिव स्तर के अधिकारी का हलफनामा मांगा है। जिलाधिकारी प्रयागराज व सीएमओ प्रयागराज को कोर्ट में हाजिर रहने का निर्देश दिया है।

विकास आदमी के लिए, जब आदमी नहीं तो विकास का क्या मतलब
कोर्ट ने कहा कि नदी में जब तूफान आता है तो बांध उसे रोक नहीं पाते। फिर भी हमें कोरोना संक्रमण को रोकने के प्रयास करने चाहिए। कोर्ट ने कहा दिन में भी गैर जरूरी यातायात को नियंत्रित किया जाए। कोर्ट ने कहा कि जीवन रहेगा तो दोबारा स्वास्थ्य लाभ ले सकेंगे। अर्थ व्यवस्था भी दुरुस्त हो जाएगी। विकास व्यक्तियों के लिए है। जब आदमी ही नहीं रहेंगे तो विकास का क्या अर्थ रह जाएगा।

हर 48 घंटे में जोन का हो सैनिटाइजेशन
कोर्ट ने कन्टेनमेंट जोन को अपडेट करने तथा रैपिड फोर्स को चौकन्ना रहने का निर्देश दिया है और कहा है कि हर 48 घंटे में जोन का सैनिटाइजेशन किया जाए  व यूपी बोर्ड की आनलाइन परीक्षा दे रहे छात्रों की जांच करने पर बल दिया जाए।  

कोर्ट ने एसपीजीआई लखनऊ की तरह प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में कोरोना आईसीयू बढ़ाने व सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य व केंद्र सरकार को एंटी वायरल दवाओं के उत्पाद व आपूर्ति बढ़ाने तथा जमाखोरी करने या कालाबाजारी करने वालों पर सख्ती करने का भी निर्देश दिया है।
 

हाईकोर्ट कुछ दिन के लिए बंद करने पर करें विचार

सुनवाई कर रही पीठ ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेन्द्र नाथ सिंह के सुझाव पर हाईकोर्ट कुछ दिन के लिए बंद करने और जरूरी केस जैसे ध्वस्तीकरण, वसूली या बेदखली आदि  मामलों की आन लाइन वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई करने पर विचार करने का हाईकोर्ट से अनुरोध किया है।

कोर्ट को बताया गया कि अस्पताल कोरोना मरीजों को भर्ती करने से इनकार कर रहे हैं। अस्पतालों में जगह नहीं है, अस्पताल कोरोना मरीजों से भरे हैं।  संक्रमण के चलते जन जीवन पंगु हो गया है। अलार्मिंग स्थिति उत्पन्न हो गई है। लोग गाइडलाइंस का पालन करने में सहयोग नहीं दे रहे। इलाज की व्यवस्था फेल है। मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed